शनिवार, अक्टूबर 24, 2026

नीति आयोग ने लॉन्च किया ‘पीएसीटी’ और ‘ज़ेडईटी’ मार्केटप्लेस, इलेक्ट्रिक ट्रक बाजार को मिलेगा बढ़ावा

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इलेक्ट्रिक ट्रक

नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा ने 5वें ई-फास्ट इंडिया शिखर सम्मेलन 2026 में ‘पीएसीटी’ और ‘ज़ेडईटी’ मार्केटप्लेस का शुभारंभ किया है।

मुख्य बातें

  • नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा ने 5वें ई-फास्ट इंडिया शिखर सम्मेलन 2026 में पीएसीटी और ज़ेडईटी मार्केटप्लेस का शुभारंभ किया।
  • वर्ष 2025 के दौरान देश में लगभग 800 भारी इलेक्ट्रिक ट्रकों की बिक्री दर्ज की गई।
  • भारी वाणिज्यिक वाहन देश के कुल ट्रक बेड़े का 3-4 प्रतिशत हैं, लेकिन परिवहन क्षेत्र के एक-तिहाई से अधिक कार्बन उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार हैं।
  • भारत में कुल माल ढुलाई का 70 प्रतिशत हिस्सा सड़क मार्ग के माध्यम से होता है।

नीति आयोग के सदस्य श्री राजीव गौबा ने 5वें ई-फास्ट इंडिया शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान देश में इलेक्ट्रिक ट्रक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। पीआईबी के अनुसार, इस सम्मेलन में श्री गौबा ने ‘प्लेटफॉर्म फॉर एग्रीगेटिंग क्लीन ट्रांसपोर्ट (पीएसीटी)’ और ‘जीरो एमिशन ट्रक (ज़ेडईटी)’ मार्केटप्लेस का आधिकारिक रूप से शुभारंभ किया।

इलेक्ट्रिक ट्रक मार्केटप्लेस से बदलेगा परिवहन का भविष्य

भारत में इलेक्ट्रिक ट्रक और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए नीति आयोग ने पीएसीटी और ज़ेडईटी मार्केटप्लेस की शुरुआत की है, जो माल ढुलाई क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद करेंगे।

अपने उद्घाटन भाषण में श्री राजीव गौबा ने स्पष्ट किया कि ई-फास्ट मंच पिछले चार वर्षों में संवाद से आगे बढ़कर समन्वित कार्रवाई का माध्यम बन चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की तरफ बढ़ना आर्थिक, पर्यावरणीय और रणनीतिक तौर पर बेहद जरूरी है। यह बदलाव वर्ष 2070 तक नेट जीरो के वैश्विक संकल्प और 2047 तक विकसित भारत के विजन को पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने यह भी बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाना देश की ऊर्जा सुरक्षा और नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए आवश्यक है।

सरकार की विभिन्न योजनाओं का प्रभाव

सरकार की तरफ से कई ऐसी पहल चलाई जा रही हैं जिन्होंने देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को समर्थन दिया है। पीआईबी के अनुसार, इन पहलों में ऑटोमोबाइल और एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा तेल विपणन कंपनियों के निवेश से सार्वजनिक चार्जिंग बुनियादी ढांचे का दायरा बढ़ा है। एफएएमई, पीएम ई-ड्राइव (डीआरआईवीई), परिवर्तन और पीएम ई-बस सेवा जैसी मांग-पक्षीय योजनाओं ने भी इस सेक्टर को मजबूत किया है।

भारी वाणिज्यिक वाहन क्षेत्र पर बात करते हुए श्री गौबा ने बताया कि भारी ट्रक वाहन बेड़े का केवल 3 से 4 प्रतिशत हिस्सा हैं, लेकिन परिवहन क्षेत्र से होने वाले कुल कार्बन उत्सर्जन में इनका योगदान एक-तिहाई से अधिक है। बाजार के विकास में लॉजिस्टिक्स ऑपरेटरों के बीच संरचनात्मक विखंडन, वित्तपोषण की उच्च लागत और समन्वित कॉरिडोर योजना की कमी मुख्य बाधाएं थीं। नए ‘पीएसीटी’ और ‘ज़ेडईटी’ मार्केटप्लेस को इन्हीं कमियों को दूर करने के लिए तैयार किया गया है, जिसके जरिए मांग एकत्रीकरण और वित्तपोषण संबंधी नवाचारों को बढ़ावा मिलेगा।

रणनीतिक विद्युतीकरण और भविष्य की रूपरेखा

वर्ष 2025 के दौरान लगभग 800 भारी इलेक्ट्रिक ट्रकों की बिक्री दर्ज की गई, जो यह साबित करती है कि प्रमुख माल ढुलाई कॉरिडोर का रणनीतिक विद्युतीकरण कितना जरूरी है। भारत में कुल माल ढुलाई का 70 प्रतिशत हिस्सा सड़क मार्ग से होता है। इसे ध्यान में रखते हुए मिश्रित वित्तपोषण तंत्र, लीजि़ंग मॉडल और मजबूत डेटा प्रणालियों पर जोर दिया जा रहा है, जिससे इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए पूंजी की लागत को डीजल ट्रकों के करीब लाया जा सके।

  • पीएसीटी और ज़ेडईटी मार्केटप्लेस का 5वें ई-फास्ट इंडिया शिखर सम्मेलन 2026 में शुभारंभ।
  • वर्ष 2025 में लगभग 800 भारी इलेक्ट्रिक ट्रकों की बिक्री हुई।
  • भारत में कुल माल ढुलाई का 70 प्रतिशत सड़क मार्ग से होता है।
  • भारी ट्रक परिवहन क्षेत्र के एक-तिहाई से अधिक कार्बन उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार हैं।

शिखर सम्मेलन में लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं, वाहन निर्माताओं, चार्जिंग प्वाइंट ऑपरेटरों और वित्तपोषकों से इस प्लेटफॉर्म से जुड़ने की अपील की गई है। सरकार का उद्देश्य सीधे परिणाम थोपने के बजाय ऐसे सिस्टम तैयार करना है जो बाजार को खुद उपयुक्त समाधान तलाशने में सक्षम बनाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? पीएसीटी और ज़ेडईटी मार्केटप्लेस का शुभारंभ किसने किया?

उत्तर। नीति आयोग के सदस्य श्री राजीव गौबा ने 5वें ई-फास्ट इंडिया शिखर सम्मेलन 2026 में इनका शुभारंभ किया।

प्रश्न? वर्ष 2025 में देश में कितने भारी इलेक्ट्रिक ट्रकों की बिक्री हुई?

उत्तर। पीआईबी के अनुसार, वर्ष 2025 में लगभग 800 भारी इलेक्ट्रिक ट्रकों की बिक्री दर्ज की गई।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह आज पत्रिका में समाचार एवं व्यापार संपादक हैं। वे अर्थव्यवस्था, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), बैंकिंग, शेयर बाजार, सरकारी योजनाओं, रोज़गार और भर्ती से जुड़ी खबरों तथा पाठकों के काम आने वाली व्यावहारिक जानकारी (कैसे करें/स्टेप-बाय-स्टेप गाइड) की रिपोर्टिंग और संपादन करते हैं। वे सुनिश्चित करते हैं कि हर आँकड़ा, तिथि और प्रक्रिया आधिकारिक स्रोत से सत्यापित हो और लेख में मूल विज्ञप्ति या पोर्टल का लिंक दिया जाए। किसी गलती की सूचना के लिए: corrections@aajpatrika.com।

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