
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने जुलाई 2026 के लिए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के क्षेत्रवार कर्ज वितरण के आंकड़े जारी कर दिए हैं।
मुख्य बातें
- जुलाई 2026 में एनबीएफसी क्रेडिट ग्रोथ सालाना आधार पर बढ़कर 14.9 प्रतिशत हो गई, जो एक साल पहले 10.6 प्रतिशत थी।
- कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों के कर्ज में 18.0 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।
- खुदरा ऋण (रिटेल लोन) की वृद्धि दर बढ़कर 21.4 प्रतिशत पर पहुंच गई।
- उद्योग क्षेत्र को दिए जाने वाले कर्ज में कुछ नरमी आई और यह 7.4 प्रतिशत रहा।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, NBFC क्रेडिट ग्रोथ में जुलाई 2026 के दौरान उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली है। केंद्रीय बैंक की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, जुलाई 2026 में एनबीएफसी और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों द्वारा दिए जाने वाले कुल कर्ज में सालाना आधार पर 14.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले साल इसी अवधि में यह वृद्धि दर 10.6 प्रतिशत थी। यह आंकड़े देश के वित्तीय क्षेत्र में बढ़ते ऋण प्रवाह को दर्शाते हैं।
NBFC क्रेडिट ग्रोथ जुलाई 2026: रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़े
भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में एनबीएफसी क्रेडिट ग्रोथ सालाना आधार पर 14.9 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि पिछले साल इसी महीने यह 10.6 प्रतिशत थी। कृषि, खुदरा और सेवा क्षेत्रों में कर्ज वितरण बढ़ने से यह तेजी आई है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के अनुसार, यह आंकड़े देश की प्रमुख गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFC) से जुटाए गए हैं। ये आंकड़े अपर और मिडिल लेयर की एनबीएफसी और एचएफसी के एक बड़े सैंपल पर आधारित हैं, जो कुल बकाया ऋण का लगभग 87 प्रतिशत हिस्सा कवर करते हैं। अर्थव्यवस्था के विभिन्न सेक्टरों में ऋण का यह वितरण वित्तीय स्थिरता और बाजार की मांग को समझने में मदद करता है।
कृषि और खुदरा कर्ज में जबरदस्त तेजी
क्षेत्रवार विश्लेषण से पता चलता है कि जुलाई 2026 के दौरान विभिन्न सेक्टरों में कर्ज के रुझान अलग-अलग रहे। कृषि और संबद्ध गतिविधियों को मिलने वाले कर्ज में इस बार शानदार उछाल देखा गया।
- कृषि क्षेत्र के कर्ज में 18.0 प्रतिशत (y-o-y) की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई, जो एक साल पहले 5.4 प्रतिशत थी।
- खुदरा ऋण की वृद्धि दर बढ़कर 21.4 प्रतिशत हो गई, जबकि पिछले साल यह 13.7 प्रतिशत थी।
- खुदरा सेगमेंट के भीतर हाउसिंग और स्वर्ण आभूषणों पर मिलने वाले कर्ज में तेज विस्तार देखा गया।
- वाहन ऋण (व्हीकल लोन) की रफ्तार स्थिर बनी रही।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में ऋण का प्रवाह बढ़ने से किसानों और संबंधित व्यवसायों को बड़ी राहत मिली है। इसके अलावा, आम जनता द्वारा खुदरा कर्ज की मांग में लगातार इजाफा हो रहा है, जो फेस्टिव सीजन और उपभोग की बढ़ती मांग से जुड़ा हो सकता है।
उद्योग और सेवा क्षेत्र के ऋण रुझान
जहां एक तरफ कृषि और खुदरा क्षेत्र में तेजी रही, वहीं उद्योग क्षेत्र के कर्ज में थोड़ी नरमी देखने को मिली। RBI की रिपोर्ट बताती है कि जुलाई 2026 में उद्योग को मिलने वाला कर्ज 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जो जुलाई 2025 में 9.3 प्रतिशत था। इस सुस्ती का मुख्य कारण बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) क्षेत्र में कमजोर वृद्धि रहना है, जो इस सेगमेंट का एक बड़ा हिस्सा है।
इसके अलावा, सेवा क्षेत्र (सर्विसेज सेक्टर) में भी कर्ज की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी है। सेवा क्षेत्र में एनबीएफसी क्रेडिट ग्रोथ जुलाई 2026 में घटकर 15.2 प्रतिशत रह गई, जो एक साल पहले 24.5 प्रतिशत थी। हालांकि वाणिज्यिक रियल एस्टेट (कमर्शियल रियल एस्टेट) सेगमेंट में अच्छा विस्तार जारी रहा, लेकिन व्यापार और परिवहन ऑपरेटरों को मिलने वाले कर्ज में कुछ सुस्ती दर्ज की गई।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? जुलाई 2026 में NBFC क्रेडिट ग्रोथ कितनी रही?
उत्तर। भारतीय रिज़र्व बैंक के अनुसार जुलाई 2026 में NBFC क्रेडिट ग्रोथ सालाना आधार पर 14.9 प्रतिशत दर्ज की गई।
प्रश्न? सबसे ज्यादा तेजी किस सेक्टर में देखने को मिली?
उत्तर। खुदरा ऋण (रिटेल लोन) की वृद्धि दर बढ़कर 21.4 प्रतिशत हो गई और कृषि ऋण में 18.0 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
यह रिपोर्ट RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






