
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की मनिका मंडल ने एनएफएससी योजना के तहत मिली फैलोशिप के दम पर अपनी पीएचडी पूरी की है।
मुख्य बातें
- मनिका मंडल पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की रहने वाली हैं.
- उन्हें अप्रैल 2017 से एनएफएससी योजना के तहत फैलोशिप मिलनी शुरू हुई थी.
- कुल मिलाकर उन्हें लगभग 20 लाख रुपये की फैलोशिप सहायता प्राप्त हुई.
- इस वित्तीय मदद के सहारे उन्होंने अपनी डॉक्टरेट की उपाधि सफलतापूर्वक पूरी की.
एनएफएससी योजना ने पश्चिम बंगाल के एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली छात्रा मनिका मंडल की जिंदगी बदल दी और उन्हें अपनी उच्च शिक्षा जारी रखने में बड़ी मदद दी। पीआईबी के अनुसार, आर्थिक तंगी अमूमन अकादमिक अनुसंधान में बड़ी बाधा बनती है, लेकिन सही समय पर मिलने वाली सरकारी सहायता इस दीवार को गिरा सकती है। दक्षिण 24 परगना जिले की रहने वाली 33 वर्षीय मनिका ने तमाम सामाजिक और वित्तीय चुनौतियों से जूझते हुए अपनी पीएचडी की पढ़ाई पूरी कर ली है।
एनएफएससी योजना से बदली मनिका की किस्मत
एनएफएससी योजना अनुसूचित जाति के छात्रों को उच्च शिक्षा और अनुसंधान के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है ताकि वे बिना किसी आर्थिक तनाव के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें। मनिका मंडल के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी, जिसके कारण उन्हें पढ़ाई के दौरान कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। शुरुआती दिनों में शोध कार्यों से जुड़े खर्चों को उठाना उनके परिवार के बूते से बाहर हो चुका था, जिससे उनका शैक्षणिक भविष्य अधर में लटकता नजर आ रहा था।
अनुसंधान कार्यों में आने वाले भारी-भरकम खर्चों ने परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया था। संसाधनों की कमी की वजह से मनिका के लिए अपने लक्ष्यों को हासिल करना काफी कठिन हो गया था। इसके बावजूद उन्होंने अपने संकल्प को कमजोर नहीं पड़ने दिया और पढ़ाई के जरिए समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाने की ठान ली।
लगभग 20 लाख रुपये की मिली वित्तीय सहायता
अप्रैल 2017 का महीना मनिका के जीवन में एक बड़ा बदलाव लेकर आया जब उन्हें एनएफएससी योजना के तहत आधिकारिक तौर पर फैलोशिप सहायता स्वीकृत की गई। इस योजना के माध्यम से उन्हें लगभग 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद प्राप्त हुई। इस राशि के मिलने से उनके शोध कार्यों में आने वाली तमाम वित्तीय रुकावटें स्वतः दूर होती चली गईं।
फैलोशिप की इस राशि ने न केवल उनके परिवार के कंधों से शिक्षा का भारी बोझ हल्का किया, बल्कि उन्हें मानसिक स्थिरता भी दी। इस स्थिरता के बल पर वे पूरी तरह से अपने शोध प्रबंध और अकादमिक लक्ष्यों पर ध्यान लगा सकीं। समय पर मिला यह संस्थागत सहयोग उनके लिए एक मजबूत कवच साबित हुआ।
उच्च शिक्षा में एनएफएससी योजना का महत्व
भारत जैसे देश में जहां लाखों छात्र आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं, वहां एनएफएससी योजना जैसी पहलें एक नई उम्मीद जगाती हैं। मनिका की यह सफलता इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि लक्षित सरकारी छात्र-वृत्तियां कैसे वंचित वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का मौका देती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? एनएफएससी योजना का लाभ किसे मिलता है?
उत्तर। यह योजना अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए है जो उच्च शिक्षा और अनुसंधान कार्य करना चाहते हैं।
प्रश्न? मनिका मंडल को कितनी फैलोशिप राशि मिली थी?
उत्तर। मनिका को इस योजना के तहत लगभग 20 लाख रुपये की फैलोशिप सहायता मिली थी।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






