
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध सूची में हुए संशोधनों को लेकर वाणिज्यिक बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के लिए निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य बातें
- भारतीय रिजर्व बैंक ने 7 सितंबर 2026 को अधिसूचना जारी की।
- यूएनएससी की 1267/1989 आईएसआईएल और अल-कायदा प्रतिबंध सूची में दो प्रविष्टियों में संशोधन किया गया है।
- यह कार्रवाई यूएपा 1967 की धारा 51ए के तहत की गई है।
- सभी वाणिज्यिक बैंकों, लघु वित्त बैंकों और एनबीएफसी को निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने 7 सितंबर 2026 को जारी एक अधिसूचना में स्पष्ट किया है कि वित्तीय संस्थानों को यूएपा अधिनियम, 1967 के तहत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अद्यतन सूचियों का सख्ती से पालन करना होगा। आरबीआई निर्देश के अनुपालन में सभी विनियमित संस्थाओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी प्रणाली में प्रतिबंधित व्यक्तियों का कोई खाता न हो।
आरबीआई निर्देश और यूएनएससी प्रतिबंध सूची का विवरण
भारतीय रिज़र्व बैंक के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आईएसआईएल और अल-कायदा प्रतिबंध सूची में दो प्रविष्टियों में संशोधन किया गया है। विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रेस विज्ञप्ति का हवाला दिया है जिसके तहत परिसंपत्ति जब्ती, यात्रा प्रतिबंध और हथियार प्रतिबंध लागू होते हैं।
आरबीआई निर्देश के मुख्य बिंदु
- वाणिज्यिक बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, पेमेंट बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक इस दायरे में आते हैं।
- गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) और एसेट रिकवरी कंपनियों को भी निर्देश जारी किए गए हैं।
- संशोधित सूची में सनाउल्लाह गफारी और अबूबाकर स्वालेह से जुड़े विवरण अपडेट किए गए हैं।
- गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार डी-लिस्टिंग के अनुरोधों को तय प्राधिकारी को अग्रेषित करना होगा।
विनियमित संस्थाओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे अंतरराष्ट्रीय समझौतों के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पूरी तरह से निर्वहन करें। यूएपा के प्रावधानों के अंतर्गत किसी भी संदिग्ध खाते के पाए जाने पर तत्काल और सख्त कार्रवाई अपेक्षित है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? आरबीआई निर्देश किस कानून के तहत जारी किए गए हैं?
उत्तर। यह निर्देश गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (UAPA), 1967 की धारा 51ए के प्रावधानों के तहत जारी किए गए हैं।
प्रश्न? किन संस्थानों को इन निर्देशों का पालन करना होगा?
उत्तर। सभी वाणिज्यिक बैंकों, लघु वित्त बैंकों, भुगतान बैंकों, सहकारी बैंकों, एनबीएफसी और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों को इनका पालन करना है।
यह रिपोर्ट RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






