
भारतीय रिज़र्व बैंक ने यूएएपीए अधिनियम के तहत सभी वाणिज्यिक बैंकों और वित्तीय संस्थानों को संयुक्त राष्ट्र की तालिबान प्रतिबंध सूची में हुए बदलावों का कड़ाई से पालन करने को कहा है।
मुख्य बातें
- आरबीआई ने 7 सितंबर 2026 को तालिबान प्रतिबंध सूची पर अधिसूचना जारी की।
- विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रेस विज्ञप्ति एससी/16443 का हवाला दिया है।
- अब्दुल सलाम हनाफी की प्रविष्टि में संशोधन किया गया है।
- सभी विनियमित संस्थाओं को केवाईजी निर्देशों और यूएएपीए के तहत कार्रवाई करनी होगी।
भारतीय रिज़र्व बैंक के अनुसार, सभी वाणिज्यिक बैंकों, लघु वित्त बैंकों, भुगतान बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के निर्देशों का पालन करना होगा। वित्तीय संस्थानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके पास किसी भी ऐसे व्यक्ति या संस्था का खाता न हो, जिसका नाम आतंकवाद से जुड़े संदिग्धों की सूची में आता हो।
तालिबान प्रतिबंध सूची और नए निर्देश
तालिबान प्रतिबंध सूची में हुए ताजा संशोधनों के बाद भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने सभी विनियमित संस्थाओं के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। यह कदम गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम, 1967 (यूएएपीए) की धारा 51ए के तहत उठाया गया है। विदेश मंत्रालय, भारत सरकार ने 27 अगस्त 2026 की यूएनएससी प्रेस विज्ञप्ति एससी/16443 के जरिए इस बात की जानकारी दी थी कि सुरक्षा परिषद की 1988 (2011) समिति ने तालिबान से जुड़े व्यक्तियों की सूची में संशोधन किए हैं।
अब्दुल सलाम हनाफी से जुड़े संशोधन
संशोधित प्रविष्टि में अब्दुल सलाम हनाफी (उर्फ अब्दुल सलाम हनाफी अली मदान कुल) से जुड़ी जानकारियों को अपडेट किया गया है। सूची के अनुसार, वह तालिबान शासन के दौरान शिक्षा उपमंत्री रहे थे और ड्रग्स तस्करी में संलिप्त पाए गए थे। उनके पास अफगानिस्तान और दुबई के पासपोर्ट दर्ज हैं। यूएनएससी के प्रस्ताव के तहत इन व्यक्तियों पर संपत्ति जब्ती, यात्रा प्रतिबंध और हथियारों पर रोक लगाई गई है।
- वाणिज्यिक बैंक और लघु वित्त बैंक इस आदेश के दायरे में आते हैं।
- अब्दुल सलाम हनाफी की प्रविष्टि में पासपोर्ट और जन्मतिथि के विवरण अपडेट किए गए हैं।
- विनियमित संस्थाओं को केवाईजी निर्देशों के चैप्टर IX का पालन करना होगा।
- सूची से नाम हटाने के अनुरोध गृह मंत्रालय को भेजने होंगे।
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि सभी बैंक और वित्तीय संस्थान यूएएपीए आदेश और एमएचए के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करें। यदि किसी बैंक को नाम हटाने का कोई अनुरोध प्राप्त होता है, तो उसे इलेक्ट्रॉनिक्स माध्यम से गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (सीटीसीआर) को भेजना आवश्यक है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? आरबीआई ने किस अधिनियम के तहत यह निर्देश जारी किए हैं?
उत्तर। भारतीय रिज़र्व बैंक ने यूएएपीए, 1967 की धारा 51ए के तहत यह निर्देश जारी किए हैं।
प्रश्न? यह संशोधन किस सूची से संबंधित है?
उत्तर। यह संशोधन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1988 (2011) तालिबान प्रतिबंध सूची से संबंधित है।
यह रिपोर्ट RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






