मंगलवार, सितम्बर 8, 2026

सरकारी प्रतिभूति नीलामी: आरबीआई 11 सितंबर को बेचेगा ₹32,000 करोड़ के बॉन्ड

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सरकारी प्रतिभूति नीलामी

आरबीआई 11 सितंबर 2026 को ₹32,000 करोड़ की सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी करेगा, जिसमें खुदरा निवेशकों को रिटेल डायरेक्ट पोर्टल के जरिए हिस्सा लेने का मौका मिलेगा।

मुख्य बातें

  • आरबीआई 11 सितंबर 2026 को ₹32,000 करोड़ मूल्य की तीन दिनांकित सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी करेगा।
  • इसमें 6.20% जीएस 2029, 6.57% जीएस 2033 और नई जीएस 2056 प्रतिभूतियां शामिल हैं।
  • सरकार के पास प्रत्येक प्रतिभूति के लिए ₹2,000 करोड़ का अतिरिक्त अंशदान रखने का ग्रीनशू विकल्प है।
  • खुदरा निवेशक आरबीआई रिटेल डायरेक्ट पोर्टल के माध्यम से गैर-प्रतिस्पर्धी बोली में भाग ले सकते हैं।

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने भारत सरकार की ओर से ₹32,000 करोड़ की अधिसूचित राशि के लिए सरकारी प्रतिभूति नीलामी का ऐलान किया है। केंद्रीय बैंक के अनुसार यह नीलामी 11 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। इस नीलामी प्रक्रिया में तीन अलग-अलग परिपक्वता अवधि वाली दिनांकित सरकारी प्रतिभूतियों की बिक्री और पुनर्निर्गम किया जाएगा। सफल बोलीदाताओं के लिए भुगतान और सेटलमेंट की तिथि 15 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।

सरकारी प्रतिभूति नीलामी की पूरी प्रक्रिया क्या है?

सरकारी प्रतिभूति नीलामी रिज़र्व बैंक द्वारा संचालित एक डिजिटल प्रक्रिया है, जिसमें केंद्र सरकार अपनी वित्तीय आवश्यकताओं के लिए बॉन्ड जारी करती है। निवेशक ई-कुबेर प्लेटफॉर्म और रिटेल डायरेक्ट पोर्टल के जरिए बोलियां लगाते हैं। इसमें प्रतिस्पर्धी और गैर-प्रतिस्पर्धी दोनों बोलियों के जरिए संस्थागत और खुदरा निवेशक न्यूनतम ₹10,000 से निवेश कर सकते हैं।

तीन प्रमुख बॉन्ड और उनकी अधिसूचित राशि का विवरण

आरबीआई द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, सरकार इस बार तीन मुख्य प्रतिभूतियों को बाजार में बिक्री के लिए पेश कर रही है। पहली प्रतिभूति 6.20% जीएस 2029 है, जिसकी पुनर्भुगतान तिथि 17 अगस्त 2029 है और इसकी अधिसूचित राशि ₹11,000 करोड़ तय की गई है। दूसरी प्रतिभूति 6.57% जीएस 2033 है, जो 17 अगस्त 2033 को परिपक्व होगी और इसके जरिए भी ₹11,000 करोड़ जुटाए जाएंगे। तीसरी प्रतिभूति एक नई दिनांकित प्रतिभूति ‘न्यू जीएस 2056’ है, जिसकी पुनर्भुगतान तिथि 15 सितंबर 2056 है और इसके लिए ₹10,000 करोड़ की अधिसूचित राशि रखी गई है।

आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि भारत सरकार के पास प्रत्येक प्रतिभूति के विरुद्ध ₹2,000 करोड़ तक का अतिरिक्त अंशदान (रिटेन एक्स्ट्रा सब्सक्रिप्शन) रखने का विकल्प रहेगा। यदि बाजार की मांग अधिक रहती है तो सरकार इस ग्रीनशू विकल्प का इस्तेमाल कर अतिरिक्त पूंजी जुटा सकती है। सरकारी प्रतिभूति नीलामी की यह बिक्री रिज़र्व बैंक के फोर्ट, मुंबई स्थित कार्यालय के माध्यम से संचालित की जाएगी।

सरकारी प्रतिभूति नीलामी से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियां और शर्तें

आरबीआई द्वारा घोषित समयसारिणी के अनुसार, नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को निर्धारित समय सीमा का पालन करना होगा:

  • नीलामी की तिथि: 11 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेट में बोलियां दर्ज होंगी।
  • सेटलमेंट की तिथि: 15 सितंबर 2026 (मंगलवार) को सफल बोलीदाताओं द्वारा भुगतान किया जाएगा।
  • गैर-प्रतिस्पर्धी बोलियों का समय: सुबह 10:30 बजे से सुबह 11:00 बजे तक।
  • प्रतिस्पर्धी बोलियों का समय: सुबह 10:30 बजे से सुबह 11:30 बजे तक।
  • प्राइमरी डीलरों के लिए अंडरराइटिंग समय: सुबह 09:00 बजे से सुबह 09:30 बजे तक अतिरिक्त प्रतिस्पर्धी अंडरराइटिंग बोली।
  • न्यूनतम बोली सीमा: न्यूनतम ₹10,000 (अंकित मूल्य) और उसके बाद ₹10,000 के गुणक में।

ई-कुबेर सिस्टम और रिटेल डायरेक्ट पोर्टल की भूमिका

इस सरकारी प्रतिभूति नीलामी में बोलियां इलेक्ट्रॉनिक रूप से रिज़र्व बैंक के कोर बैंकिंग सॉल्यूशन ‘ई-कुबेर’ (e-Kuber) सिस्टम पर जमा की जाएंगी। भौतिक रूप से बोलियां केवल असाधारण परिस्थितियों या तकनीकी विफलता के दौरान ही स्वीकार की जाएंगी। प्राथमिक डीलरों और वाणिज्यिक बैंकों के अलावा, सामान्य नागरिक भी इस वित्तीय प्रक्रिया में सीधे भाग ले सकते हैं।

खुदरा निवेशकों के लिए गैर-प्रतिस्पर्धी बोली सुविधा के तहत प्रत्येक प्रतिभूति की अधिसूचित राशि का 5 प्रतिशत तक आरक्षित रखा जाता है। व्यक्तिगत निवेशक आरबीआई के विशेष ‘रिटेल डायरेक्ट’ पोर्टल (rbiretaildirect.org.in) के माध्यम से बिना किसी बिचौलिए के सीधे अपनी बोलियां लगा सकते हैं। गैर-प्रतिस्पर्धी खंड में आवंटन प्रतिस्पर्धी नीलामी में निकलने वाली सफल बोलियों की भारित औसत दर (weighted average rate) पर किया जाता है।

सरकारी प्रतिभूति नीलामी और मल्टीपल प्राइस मेथड का तंत्र

आरबीआई के अनुसार, यह नीलामी मल्टीपल प्राइस मेथड (Multiple Price Method) के आधार पर आयोजित की जाएगी। नई प्रतिभूतियों के लिए नीलामी उपज (Yield) आधारित होगी, जबकि पुनर्निरिग्मित प्रतिभूतियों के लिए यह मूल्य (Price) आधारित होगी। मल्टीपल प्राइस नीलामी में सफल बोलीदाताओं को उनके द्वारा उद्धृत की गई दर या मूल्य पर ही प्रतिभूतियां आवंटित की जाती हैं।

इस सरकारी प्रतिभूति नीलामी के तहत जारी की जाने वाली सभी प्रतिभूतियां ‘व्हेन इश्यूड’ (When Issued) ट्रेडिंग के लिए भी पात्र होंगी। व्हेन इश्यूड ट्रेडिंग की अवधि 08 सितंबर 2026 से शुरू होकर 11 सितंबर 2026 तक चलेगी। इसके अलावा, ये प्रतिभूतियां रिपर्चेज ट्रांजैक्शन (Repo) के लिए पात्र होंगी, जिससे बैंकों और वित्तीय संस्थानों को अपनी तरलता आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। अनिवासी भारतीयों (Non-Residents) के लिए निवेश ‘फुल्ली एक्सेसिबल रूट’ (Fully Accessible Route) के दिशानिर्देशों के तहत उपलब्ध रहेगा।

सरकारी प्रतिभूति नीलामी का भारतीय अर्थव्यवस्था और बॉन्ड बाजार पर असर

केंद्र सरकार अपनी दीर्घकालिक वित्तीय आवश्यकताओं, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और बजटीय घाटे की भरपाई के लिए प्रतिभूतियां जारी करती है। सरकारी प्रतिभूति नीलामी का बाजार में तरलता (liquidity) पर सीधा प्रभाव पड़ता है। जब आरबीआई ₹32,000 करोड़ मूल्य के बॉन्ड बाजार में जारी करता है, तो यह बैंकिंग प्रणाली से अतिरिक्त नकदी को प्रबंधित करने और दीर्घकालिक ब्याज दरों को संतुलित करने का काम करता है।

निवेशकों के दृष्टिकोण से, सरकारी दिनांकित प्रतिभूतियों को सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है क्योंकि इन्हें केंद्र सरकार का संप्रभु समर्थन प्राप्त होता है। इन प्रतिभूतियों पर ब्याज का भुगतान आमतौर पर छमाही आधार पर किया जाता है। द्वितीयक बाजार में तरलता बनी रहने के कारण वित्तीय संस्थान इन्हें अपनी एसएलआर आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भी रखते हैं। इस प्रकार, सरकारी प्रतिभूति नीलामी न केवल सरकार के उधार कार्यक्रम को गति देती है बल्कि संपूर्ण वित्तीय प्रणाली को भी मजबूती प्रदान करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: इस सरकारी प्रतिभूति नीलामी में कुल कितनी राशि जुटाने की योजना है?
उत्तर: आरबीआई के अनुसार, इस नीलामी में ₹32,000 करोड़ की अधिसूचित राशि की तीन प्रतिभूतियां बेची जाएंगी, जिसमें ₹6,000 करोड़ का अतिरिक्त ग्रीनशू विकल्प भी शामिल है।

प्रश्न: खुदरा निवेशक इस सरकारी प्रतिभूति नीलामी में कैसे भाग ले सकते हैं?
उत्तर: खुदरा निवेशक आरबीआई के ‘रिटेल डायरेक्ट’ पोर्टल (rbiretaildirect.org.in) के माध्यम से न्यूनतम ₹10,000 से गैर-प्रतिस्पर्धी श्रेणी में बोली लगा सकते हैं।

प्रश्न: इस नीलामी के लिए सेटलमेंट की तिथि क्या तय की गई है?
उत्तर: 11 सितंबर 2026 को नीलामी के परिणाम घोषित होने के बाद सफल बोलीदाताओं को 15 सितंबर 2026 को भुगतान करना होगा।

यह रिपोर्ट RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह आज पत्रिका में समाचार एवं व्यापार संपादक हैं। वे अर्थव्यवस्था, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), बैंकिंग, शेयर बाजार, सरकारी योजनाओं, रोज़गार और भर्ती से जुड़ी खबरों तथा पाठकों के काम आने वाली व्यावहारिक जानकारी (कैसे करें/स्टेप-बाय-स्टेप गाइड) की रिपोर्टिंग और संपादन करते हैं। वे सुनिश्चित करते हैं कि हर आँकड़ा, तिथि और प्रक्रिया आधिकारिक स्रोत से सत्यापित हो और लेख में मूल विज्ञप्ति या पोर्टल का लिंक दिया जाए। किसी गलती की सूचना के लिए: corrections@aajpatrika.com।

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