
नई दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में विश्व गैंडा दिवस के मौके पर शिक्षकों और स्कूली बच्चों के लिए विशेष जागरूकता अभियानों की शुरुआत की गई।
मुख्य बातें
- राष्ट्रीय प्राणी उद्यान, नई दिल्ली में विश्व गैंडा दिवस 2026 मनाया गया।
- दिल्ली के 12 स्कूलों के इको-क्लब शिक्षकों के लिए पहला ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित हुआ।
- चिड़ियाघर के संग्रह में ‘अंजुहा’ नाम की एक वयस्क मादा गैंडा मौजूद है।
- आगंतुकों के लिए कीपर्स टॉक और चित्र गतिविधि का आयोजन किया गया।
विश्व गैंडा दिवस 2026 के अवसर पर राष्ट्रीय प्राणी उद्यान, नई दिल्ली द्वारा कई शैक्षणिक कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों का आयोजन किया गया। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य गैंडा संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना और वन्यजीव विविधता की रक्षा में विद्यालयों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था। राजधानी के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों ने इस विशेष आयोजन में हिस्सा लिया।
विश्व गैंडा दिवस पर दिल्ली चिड़ियाघर में विशेष आयोजन
विश्व गैंडा दिवस हर साल गैंडों के संरक्षण और उनके सामने आने वाले खतरों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। इस वर्ष राष्ट्रीय प्राणी उद्यान ने स्कूल आउटरीच पहल के तहत इको-क्लब के प्रभारी शिक्षकों के लिए अपना पहला विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें दिल्ली के कुल 12 विद्यालयों से आए शिक्षकों ने भाग लिया। राष्ट्रीय प्राणी उद्यान के निदेशक ने इन शिक्षकों से संवाद किया और प्रकृति शिक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया।
- दिल्ली के 12 स्कूलों के शिक्षकों ने लिया हिस्सा
- चिड़ियाघर में ‘अंजुहा’ नाम की वयस्क मादा गैंडा मौजूद
- आगंतुकों के लिए विशेष कीपर्स टॉक का आयोजन
- पर्यावरण शिक्षा और नागरिक विज्ञान पहलों पर जोर
इको-क्लब शिक्षकों के लिए ओरिएंटेशन
इस ओरिएंटेशन कार्यक्रम का मुख्य एजेंडा शिक्षकों को चिड़ियाघर की पर्यावरण शिक्षा पहलों और प्रकृति-आधारित गतिविधियों से परिचित कराना था। इसके माध्यम से आगामी पर्यावरण दिवसों और अन्य प्रासंगिक अवसरों पर स्कूलों की अधिक भागीदारी तय की जाएगी। शिक्षकों को बताया गया कि कैसे वे छात्रों को वन्यजीव संरक्षण के व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ सकते हैं। कार्यशालाओं और प्रतियोगिताओं के जरिए बच्चों में कम उम्र से ही पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर चर्चा हुई।
आगंतुकों के लिए जागरूकता वार्ता और गतिविधियां
शिक्षक सत्र के अलावा चिड़ियाघर के निकास द्वार पर आम आगंतुकों के लिए चित्र गतिविधि और जन जागरूकता वार्ता रखी गई। चिड़ियाघर के कर्मचारियों ने लोगों को गैंडों के पारिस्थितिक महत्व और जंगली आबादी के सामने मौजूद चुनौतियों के बारे में बताया। गैंडा बाड़ों के पास एक विशेष कीपर्स टॉक भी आयोजित की गई, जहां देखभाल करने वालों ने जानवरों के दैनिक खान-पान, व्यवहार और वैज्ञानिक प्रबंधन की बारीकियां साझा कीं। वर्तमान में राष्ट्रीय प्राणी उद्यान के पास ‘अंजुहा’ नामक एक वयस्क मादा गैंडा है।
इसका असर और संरक्षण का महत्व
इस तरह के आउटरीच कार्यक्रम वन्यजीव संरक्षण और आम जनता के बीच की दूरी को कम करते हैं। जब स्कूली बच्चों और शिक्षकों को सीधे वन्यजीवों के बारे में शिक्षित किया जाता है, तो वे अपने समुदायों में भी संरक्षण के राजदूत बन जाते हैं। गैंडों की कई प्रजातियां दुनिया भर में अवैध शिकार और आवास के नुकसान के खतरे का सामना कर रही हैं। ऐसे में भारत के प्रमुख चिड़ियाघरों द्वारा इस तरह की शैक्षणिक पहलें जैव विविधता सुरक्षा को मजबूत करने में अहम साबित होती हैं। आने वाले महीनों में इस स्कूल आउटरीच कार्यक्रम के तहत और अधिक गतिविधियों के आयोजन की योजना है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? विश्व गैंडा दिवस 2026 पर किस संस्थान ने विशेष कार्यक्रम आयोजित किया? उत्तर। राष्ट्रीय प्राणी उद्यान, नई दिल्ली ने यह आयोजन किया।
प्रश्न? इस कार्यक्रम में कितने स्कूलों के शिक्षकों ने भाग लिया? उत्तर। दिल्ली के 12 स्कूलों के इको-क्लब शिक्षकों ने इसमें हिस्सा लिया।
प्रश्न? वर्तमान में राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में कौन सा गैंडा मौजूद है? उत्तर। चिड़ियाघर के संग्रह में ‘अंजुहा’ नाम की एक वयस्क मादा गैंडा है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






