
घर या अस्पताल में किसी अपने के निधन के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना एक जरूरी कानूनी प्रक्रिया है। जानिए इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन कैसे करें।
मुख्य बातें
- निधन के 21 दिनों के भीतर स्थानीय रजिस्ट्रार के पास मृत्यु दर्ज कराना अनिवार्य है।
- आवेदन केंद्र सरकार के सीआरएस (CRS) पोर्टल या संबंधित राज्य/नगर निगम की वेबसाइट से ऑनलाइन किया जा सकता है।
- जरूरी दस्तावेजों में डॉक्टर का मृत्यु प्रमाण पत्र, मृतक और आवेदक का पहचान पत्र शामिल हैं।
- बैंक खाते के दावे, बीमा क्लेम, पेंशन और संपत्ति के ट्रांसफर के लिए यह दस्तावेज बेहद जरूरी है।
मृत्यु प्रमाण पत्र वह कानूनी दस्तावेज है जो किसी व्यक्ति की मौत की तारीख, समय और कारण को प्रमाणित करता है। परिवार के किसी सदस्य के निधन के बाद बैंक खाते बंद करने, बीमा क्लेम लेने, पेंशन शुरू करने और संपत्ति के ट्रांसफर के लिए यह कागजात सबसे पहले मांगा जाता है। भारत में नियम के अनुसार, मृत्यु होने के 21 दिन के भीतर इसकी सूचना स्थानीय निकाय को देना अनिवार्य होता है।
मृत्यु प्रमाण पत्र क्या है?
मृत्यु प्रमाण पत्र सरकार द्वारा जारी किया जाने वाला आधिकारिक दस्तावेज है जो नागरिक पंजीकरण प्रणाली (CRS) के तहत बनता है। यह प्रमाणित करता है कि अमुक व्यक्ति का निधन किस तिथि और स्थान पर हुआ था। बिना इसके उत्तराधिकार या वित्तीय दावों को कानूनी रूप से आगे बढ़ाना असंभव होता है।
मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से पहले आपके पास कुछ निश्चित कागजात होने चाहिए। राज्य के नियमों के अनुसार इनमें थोड़ा बदलाव हो सकता है:
- अस्पताल या डॉक्टर द्वारा जारी मेडिकल डेथ सर्टिफिकेट (Medical Certificate of Cause of Death)
- मृतक का पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी या पैन कार्ड
- आवेदक का पहचान पत्र और मृतक के साथ संबंध का प्रमाण
- मृत्यु की तिथि और समय का घोषणा पत्र
- यदि मृत्यु घर पर हुई हो, तो श्मशान घाट या कब्रिस्तान की रसीद या दो गवाहों का शपथ पत्र
चरण-दर-चरण तरीका: ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
- भारत सरकार के नागरिक पंजीकरण प्रणाली (Civil Registration System – CRS) पोर्टल crsorgi.gov.in पर जाएं।
- यदि नया खाता नहीं है तो ‘General Public Signup’ विकल्प पर क्लिक करके पंजीकरण करें।
- लॉगिन करने के बाद ‘Birth/Death’ सेक्शन में जाकर ‘Add Death Registration’ फॉर्म चुनें।
- मृतक की व्यक्तिगत जानकारी, मृत्यु का स्थान, अस्पताल का नाम और कारण सही-सही भरें।
- स्कैन किए गए सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट करें।
- सबमिट होने के बाद मिले एकनॉलेजमेंट नंबर से आवेदन की स्थिति ट्रैक करें।
ऑफ़लाइन आवेदन करने का तरीका
अगर आप ऑनलाइन आवेदन नहीं करना चाहते हैं, तो ऑफ़लाइन माध्यम भी उपलब्ध है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह पंचायत सचिव या ग्राम विकास अधिकारी के पास बनता है। शहरी क्षेत्रों में संबंधित नगर निगम, नगर पालिका या तहसील कार्यालय जाना होता है। वहां से मृत्यु पंजीकरण फॉर्म लेकर भरें और अपने सभी दस्तावेजों के साथ जमा कर दें। सत्यापन के बाद कुछ दिनों में प्रमाण पत्र मिल जाता है।
21 दिन की समय सीमा निकलने पर क्या करें?
मृत्यु के 21 दिन के भीतर पंजीकरण मुफ्त या नाममात्र शुल्क पर हो जाता है। यदि यह समय सीमा निकल जाए, तो चिंता की बात नहीं है। 30 दिन से एक साल के भीतर विलंब शुल्क और संबंधित मजिस्ट्रेट या अधिकारी की अनुमति से यह बन जाता है। एक साल से अधिक पुराना मामला होने पर न्यायालय के आदेश या शपथ पत्र की जरूरत पड़ सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? मृत्यु प्रमाण पत्र बनने में कितना समय लगता है? उत्तर। आमतौर पर दस्तावेज सत्यापित होने के बाद 7 से 15 कार्यदिवस के भीतर यह जारी कर दिया जाता है।
प्रश्न? क्या घर पर हुई मौत का प्रमाण पत्र मिल सकता है? उत्तर। हां, घर पर हुई मौत के मामले में श्मशान घाट की रसीद, पंचायत के प्रतिनिधि का पत्र या गवाहों के बयान के आधार पर इसे बनवाया जा सकता है।
प्रश्न? क्या इसे ऑनलाइन डाउनलोड किया जा सकता है? उत्तर। कई राज्यों के नगर निगम पोर्टल और केंद्रीय सीआरएस पोर्टल पर डिजिटल हस्ताक्षर वाला मृत्यु प्रमाण पत्र ऑनलाइन डाउनलोड करने की सुविधा उपलब्ध है।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। नियम और पोर्टल प्रक्रियाएं राज्य सरकारों के अनुसार भिन्न हो सकती हैं, इसलिए सटीक जानकारी के लिए अपने स्थानीय नगर निगम या पंचायत कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट जरूर देखें।
आधिकारिक जानकारी और नवीनतम अपडेट के लिए: https://crsorgi.gov.in
यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com






