
राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने देश भर में चलाए गए खुफिया अभियानों के दौरान 845 किलोग्राम से अधिक प्रतिबंधित मादक पदार्थ जब्त किए हैं और एनडीपीएस अधिनियम के तहत 15 लोगों को गिरफ्तार किया है।
मुख्य बातें
- राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने कुल 845 किलोग्राम से अधिक प्रतिबंधित ड्रग्स जब्त की।
- कार्रवाई के दौरान एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
- गोरखपुर, बोधगया, मुंबई, बेंगलुरु, नई दिल्ली, कालीकट और इंदौर में चलाए गए अलग-अलग खुफिया अभियान।
- जब्त किए गए पदार्थों में गांजा, चरस, कोकीन और एंफैटेमिन शामिल हैं।
राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने देश के विभिन्न हिस्सों में सुनियोजित तरीके से चलाए गए खुफिया अभियानों के तहत 845 किलोग्राम से अधिक प्रतिबंधित ड्रग्स जब्त करने में बड़ी सफलता हासिल की है। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, इन तस्करों के खिलाफ मादक औषधि एवं मनोरोगी पदार्थ अधिनियम (NDPS), 1985 के प्रावधानों के अंतर्गत कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तस्करों द्वारा प्रतिबंधित सामग्री को छुपाने के लिए साड़ियों, चावल की भूसी और बेबी पाउडर की बोतलों जैसे अजीबोगरीब तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिन्हें एजेंसियों ने नाकाम कर दिया।
ड्रग्स जब्त करने के ताजा मामलों में क्या सामने आया है?
राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) द्वारा की गई इस बड़ी कार्रवाई में 845 किलोग्राम से अधिक अवैध सामग्री बरामद की गई है, जो देश के अलग-अलग राज्यों और परिवहन माध्यमों से पकड़ी गई। अधिकारियों ने नेपाल सीमा से लेकर हवाई अड्डों तक जाल बिछाकर तस्करों को दबोचा। इन अभियानों से यह साफ होता है कि संगठित नेटवर्क किस तरह देश के भीतर अवैध पदार्थों की खेप पहुंचाने की कोशिश में लगे रहते हैं, लेकिन केंद्रीय एजेंसियों की सतर्कता ने उनकी हर चाल को विफल कर दिया।
गोरखपुर और बोधगया में पकड़ी गई भारी खेप
20 सितंबर 2026 को नेपाल से चरस की तस्करी की सूचना पर कार्रवाई करते हुए, अधिकारियों ने गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर जन नायक एक्सप्रेस में सफर कर रही दो महिलाओं को पकड़ा। उनकी तलाशी में लगभग 6 किलोग्राम चरस बरामद हुई, जिसे उन्होंने अपनी जांघों पर लपेटकर साड़ियों के अंदर छिपा रखा था। इसके अलावा, 17 सितंबर 2026 को बोधगया के जिंदापुर टोल प्लाजा के पास एक कंटेनर ट्रक से लगभग 752.3 किलोग्राम गांजा पकड़ा गया, जिसे चावल की भूसी के 737 पैकेटों के बीच छिपाकर ले जाया जा रहा था। वहीं 11 सितंबर को ओडिशा के मेंत्री गांव से भी 48.5 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।
हवाई अड्डों पर कोकीन और एंफैटेमिन का भंडाफोड़
देश के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर भी तस्करों के मंसूबों पर पानी फेरा गया। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर 15 सितंबर 2026 को दुबई से आ रहे एक यात्री के पास से 5.8 किलोग्राम कोकीन बरामद की गई। इसके अलावा मुंबई, बेंगलुरु, कालीकट और इंदौर हवाई अड्डों व अन्य स्थानों पर चलाए गए अभियानों में हाइड्रोपोनिक गांजा और लगभग 4.5 किलोग्राम एंफैटेमिन जैसे उत्तेजक पदार्थ जब्त किए गए। तस्करों ने बेबी पाउडर के डिब्बों और सलवार सूट के अंदर इन नशीले पदार्थों को छिपाया हुआ था।
- गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर दो महिलाओं से 6 किलोग्राम चरस बरामद हुई।
- बोधगया में चावल की भूसी के नीचे छिपाकर रखा गया 752.3 किलोग्राम गांजा पकड़ा गया।
- दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर यात्री के पास से 5.8 किलोग्राम कोकीन जब्त की गई।
- मुंबई, कालीकट और इंदौर में एंफैटेमिन और अन्य नशीले पदार्थों के साथ कई गिरफ्तारियां हुईं।
यह भी जानें: एनडीपीएस अधिनियम और डीआरआई की भूमिका
राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) भारत सरकार के केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के तहत प्रमुख खुफिया और जांच एजेंसी है, जो देश में तस्करी रोकने के लिए काम करती है। मादक औषधि एवं मनोरोगी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act), 1985 भारत में अवैध ड्रग्स के निर्माण, परिवहन, बिक्री और खपत को प्रतिबंधित करने वाला मुख्य कानून है। इस कानून के तहत दोषियों को कठोर कारावास और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ता है। पिछले कुछ वर्षों में एजेंसियों ने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ देशव्यापी अभियान तेज कर दिए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट्स पर बड़ा असर पड़ा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? राजस्व आसूचना निदेशालय ने कुल कितना प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किया है?
उत्तर। पीआईबी के अनुसार, डीआरआई ने देश भर में चलाए गए अभियानों में कुल 845 किलोग्राम से अधिक प्रतिबंधित ड्रग्स जब्त की है।
प्रश्न? इस कार्रवाई के दौरान कुल कितने लोगों की गिरफ्तारी हुई है?
उत्तर। मादक औषधि एवं मनोरोगी पदार्थ अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के अंतर्गत कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
प्रश्न? तस्करों द्वारा ड्रग्स छुपाने के लिए किन अजीब तरीकों का इस्तेमाल किया गया था?
उत्तर। तस्करों ने चरस को अपनी जांघों पर लपेटा था, गांजे को चावल की भूसी में छुपाया था और एंफैटेमिन को बेबी पाउडर की बोतलों व सलवार सूट सेट के अंदर छिपा रखा था।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






