
राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम और एफटीआईआई पुणे मिलकर अक्टूबर 2026 में चलचित्र संरक्षण, डिजिटाइजेशन और रिस्टोरेशन पर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।
मुख्य बातें
- कार्यक्रम की तिथियां: 05 से 15 अक्टूबर 2026 (सप्ताहांत छोड़कर)
- आयोजक संस्थान: एनएफडीसी-एनएफएआई और एफटीआईआई पुणे
- अधिकतम प्रतिभागी: 24 सीटें, कोर्स फीस 12,000 रुपये प्रति प्रतिभागी
- सहयोग: प्रसाद कॉर्प की तकनीकी विशेषज्ञता और अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण के लिए थाई फिल्म आर्काइव का सत्र
राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम-भारतीय राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार (एनएफडीसी-एनएफएआई) और भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई), पुणे संयुक्त रूप से एक विशेष फिल्म संरक्षण कार्यशाला का आयोजन करने जा रहे हैं। पीआईबी के अनुसार, यह अनूठा प्रशिक्षण कार्यक्रम 05 से 15 अक्टूबर 2026 तक (सप्ताहांत छोड़कर) पुणे स्थित एनएफडीसी-एनएफएआई और एफटीआईआई कैंपस में संपन्न होगा। चलचित्र (मूविंग इमेज) के संरक्षण, आर्काइविंग, डिजिटाइजेशन और रिस्टोरेशन पर केंद्रित यह कार्यशाला छात्रों, शोधकर्ताओं और इस क्षेत्र के भावी प्रोफेशनल्स के लिए तैयार की गई है।
फिल्म संरक्षण कार्यशाला की मुख्य विशेषताएं
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को चलचित्रों के संरक्षण की कला, विज्ञान और व्यावहारिक पक्षों से अवगत कराना है। क्लासरूम सेशन के साथ-साथ प्रैक्टिकल डिमॉन्स्ट्रेशन, संस्थागत दौरे और फिल्मों की विशेष स्क्रीनिंग इस पाठ्यक्रम का अहम हिस्सा होंगी। यह कार्यक्रम डिजिटल संरक्षण, मेटाडेटा, फिल्म के प्रकार, प्रिवेंटिव कंजर्वेशन, डिजिटल फिल्म रिस्टोरेशन, कागज संरक्षण और ऑडियो रिस्टोरेशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को कवर करेगा।
- प्रैक्टिकल सत्रों में फिल्म की पहचान, मैनुअल सफाई और प्रोजेक्शन शामिल हैं।
- प्रतिभागियों को फिल्म स्कैनर और स्टोरेज आवश्यकताओं की जानकारी मिलेगी।
- प्रसाद कॉर्प के सहयोग से प्रोफेशनल रेस्टोरेशन का अनुभव प्रदान किया जाएगा।
- थाई फिल्म आर्काइव की पद्धतियों पर आधारित एक विशेष सत्र भी होगा।
संस्थागत दौरे और प्रशिक्षण सत्र
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पुस्तकालय, वॉल्ट्स, डॉक्यूमेंटेशन और प्रोजेक्शन रूम जैसी सुविधाओं का सीधा अनुभव मिलेगा। एनएफडीसी-एनएफएआई, एफटीआईआई, भंडारकर ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट और भारतीय रिजर्व बैंक अभिलेखागार के संस्थागत दौरे भी इस कार्यक्रम में शामिल हैं। एफटीआईआई के कुलपति श्री धीरज सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम फिल्म शिक्षा और सिनेमाई विरासत के संरक्षण को एक साथ जोड़ता है। एनएफडीसी के प्रबंध निदेशक श्री प्रकाश मगदुम ने कहा कि इसका उद्देश्य उभरते प्रोफेशनल्स के साथ विशेष कौशल साझा करना है।
पंजीकरण और अन्य विवरण
इस विशेष कोर्स का संचालन कोर्स डायरेक्टर अपर्णा सुब्रमण्यन करेंगी। इस पाठ्यक्रम में अधिकतम 24 प्रतिभागियों को ही प्रवेश दिया जाएगा और प्रति प्रतिभागी कोर्स की फीस ₹12,000 तय की गई है। प्रसाद कॉर्प के निदेशक एवं सीटीओ श्री अभिषेक प्रसाद ने कहा कि यह सहयोग इस क्षेत्र के नए प्रोफेशनल्स को तैयार करने में मददगार साबित होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? फिल्म संरक्षण कार्यशाला का आयोजन कहां किया जाएगा?
उत्तर। यह कार्यशाला पुणे स्थित एनएफडीसी-एनएफएआई और एफटीआईआई कैंपस में आयोजित की जाएगी।
प्रश्न? इस कोर्स के लिए कितनी फीस निर्धारित की गई है?
उत्तर। प्रति प्रतिभागी इस कोर्स की फीस ₹12,000 है और इसमें अधिकतम 24 प्रतिभागियों को प्रवेश मिलेगा।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






