
देश या विदेश में उच्च शिक्षा के लिए एजुकेशन लोन लेने की पूरी प्रक्रिया, पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की सरल जानकारी।
मुख्य बातें
- विद्या लक्ष्मी पोर्टल (vidyalakshmi.co.in) के जरिए एक ही जगह कई बैंकों के लोन फॉर्म भरे जा सकते हैं।
- आईबीए (IBA) मॉडल स्कीम के तहत ट्यूशन फीस, हॉस्टल खर्च और किताबें खरीदने का खर्च शामिल होता है।
- पढ़ائی पूरी होने के बाद आमतौर पर 6 महीने से 1 साल का मोरिटोरियम पीरियड मिलता है।
- आयकर अधिनियम की धारा 80ई के तहत एजुकेशन लोन के ब्याज पर टैक्स छूट मिलती है।
एजुकेशन लोन क्या है?
एजुकेशन लोन एक वित्तीय सहायता है जो बैंक या वित्तीय संस्थान छात्रों को देश या विदेश में उच्च शिक्षा, जैसे ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन या प्रोफेशनल कोर्स की फीस भरने के लिए देते हैं। इसमें पढ़ाई के खर्च के साथ-साथ रहना, खाना और परीक्षा फीस भी शामिल होती है।
एजुकेशन लोन के लिए पात्रता क्या है?
लोन पाने के लिए छात्र को भारत का नागरिक होना जरूरी है। मान्यता प्राप्त संस्थान या कॉलेज में प्रवेश कंफर्म होना चाहिए। कोर्स रेगुलर या डिस्टेंस लर्निंग हो सकता है, लेकिन संस्थान सरकारी या यूजीसी/एआईसीटीई मान्यता प्राप्त होना चाहिए।
- छात्र का किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में दाखिला पक्का होना
- सह-आवेदक (को-अप्लिकेंट) जैसे माता-पिता या अभिभावक की नियमित आय
- पाठ्यक्रम की अवधि और भविष्य की रोजगार क्षमता
- बैंक के नियमों के अनुसार आयु सीमा
एजुकेशन लोन के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन करते समय छात्र और को-अप्लिकेंट दोनों के कागजात जमा करने होते हैं। बैंक के अनुसार दस्तावेजों की सूची थोड़ी बदल सकती है।
- कॉलेज का एडमिशन लेटर और फीस स्ट्रक्चर
- छात्र और माता-पिता का आधार कार्ड, पैन कार्ड और पहचान पत्र
- पिछले शैक्षणिक रिकॉर्ड (10वीं, 12वीं और ग्रेजुएशन की मार्कशीट)
- माता-पिता का इनकम प्रूफ (सैलरी स्लिप या इनकम टैक्स रिटर्न)
- पासपोर्ट साइज फोटो और बैंक खाता विवरण
एजुकेशन लोन कैसे लें?
आप सीधे बैंक जाकर या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। सही और पारदर्शी तरीके से लोन पाने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें।
- विद्या लक्ष्मी पोर्टल (vidyalakshmi.co.in) पर रजिस्टर करें या अपनी पसंद के बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- कॉमन एजुकेशन लोन फॉर्म भरें और अपनी पसंद के बैंक चुनें।
- एडमिशन लेटर, फीस स्ट्रक्चर और अपने पहचान दस्तावेज अपलोड करें।
- बैंक अधिकारी द्वारा दस्तावेजों के सत्यापन और पात्रता की जांच का इंतजार करें।
- लोन मंजूर होने पर बैंक के साथ लोन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करें और राशि संस्थान के खाते में ट्रांसफर करवाएं।
गारंटी और कोलेटरल के नियम
छोटे लोन (आमतौर पर 4 लाख रुपये तक) के लिए किसी गारंटी या कोलेटरल की जरूरत नहीं होती है। 4 लाख से 7.5 लाख रुपये तक के लोन के लिए तीसरे पक्ष की गारंटी मांगी जा सकती है। 7.5 लाख रुपये से अधिक के लोन पर बैंक संपत्ति, फिक्स डिपॉजिट या अन्य सुरक्षा (कोलेटरल) गिरवी रखने की मांग करते हैं।
चुकौती (रीपेमेंट) और मोरिटोरियम पीरियड
छात्रों को पढ़ाई के दौरान लोन चुकाने की तुरंत चिंता नहीं करनी होती है। पढ़ाई की अवधि के दौरान और उसके बाद आमतौर पर 6 महीने से 1 साल का मोरिटोरियम पीरियड मिलता है। इसके बाद ही मासिक किस्त (EMI) चुकानी शुरू होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? क्या एजुकेशन लोन के ब्याज पर टैक्स छूट मिलती है?
उत्तर। हां, आयकर अधिनियम की धारा 80ई के तहत एजुकेशन लोन के ब्याज भुगतान पर टैक्स कटौती का लाभ मिलता है।
प्रश्न? क्या लोन की राशि सीधे छात्र के खाते में आती है?
उत्तर। नहीं, एजुकेशन लोन की राशि सीधे शिक्षण संस्थान (कॉलेज या यूनिवर्सिटी) के खाते में भेजी जाती है।
प्रश्न? क्या विदेश में पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन मिल सकता है?
उत्तर। हां, मान्यता प्राप्त विदेशी विश्वविद्यालयों और कोर्सेस के लिए भी बैंक एजुकेशन लोन प्रदान करते हैं।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, निवेश या वित्तीय सलाह नहीं। कोई भी फैसला लेने से पहले किसी योग्य/सेबी-पंजीकृत सलाहकार या बैंक अधिकारी से परामर्श करें।
यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com






