
नई दिल्ली में आयोजित भारत-बेल्जियम रक्षा सीईओ राउंडटेबल में दोनों देशों ने संयुक्त विकास और विनिर्माण के जरिए सैन्य क्षमताओं को और मजबूत करने का आह्वान किया है।
मुख्य बातें
- यह बैठक 3 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित की गई थी।
- बैठक में बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रैंकन और भारत के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने हिस्सा लिया।
- भारत और बेल्जियम के उद्योगों के बीच कई रक्षा समझौतों और एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
- भारत में रक्षा क्षेत्र में स्वचालित मार्ग से 74 प्रतिशत तक एफडीआई की अनुमति है।
भारत बेल्जियम रक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयां देने के लिए 3 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण रक्षा सीईओ राउंडटेबल और बी2बी बैठकों का आयोजन किया गया। पीआईबी के अनुसार, इस उच्चस्तरीय कार्यक्रम में बेल्जियम के रक्षा एवं विदेश व्यापार मंत्री श्री थियो फ्रैंकन और भारत के रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने शिरकत की। दोनों देशों के शीर्ष अधिकारियों और उद्योगपतियों ने मिलकर रक्षा बलों को आधुनिक बनाने तथा अत्याधुनिक हथियारों के संयुक्त उत्पादन पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान आपसी रिश्तों को मजबूत करने के लिए कई अहम कारोबारी समझौतों पर भी मुहर लगाई गई।
भारत बेल्जियम रक्षा सहयोग पर नई दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय चर्चा
भारत बेल्जियम रक्षा सहयोग के तहत आयोजित इस राउंडटेबल में बेल्जियम के उद्योग जगत के दिग्गजों के अलावा भारतीय उद्योग परिसंघ और भारतीय रक्षा विनिर्माता समिति के प्रतिनिधि शामिल हुए। बेल्जियम के रक्षा मंत्री ने यूरोपीय संघ और भारत के बीच लगातार प्रगाढ़ हो रही रणनीतिक साझेदारी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि समुद्री सुरक्षा, एयरोस्पेस और सूचना सुरक्षा के मोर्चे पर दोनों पक्षों के बीच संवाद तंत्र मजबूत हुआ है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल के बीच दोनों देशों की सेनाओं को एकजुट होकर काम करने की जरूरत है।
रक्षा विनिर्माण और आत्मनिर्भर भारत
रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देश के रक्षा औद्योगिक आधार में आए बड़े बदलावों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी पहलों के दम पर भारत अब रक्षा आयातों पर निर्भर रहने के बजाय स्वदेशी तकनीक विकसित कर रहा है। आज देश के रक्षा इकोसिस्टम में सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के साथ-साथ निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियां और 16,000 से अधिक एमएसएमई इकाइयां मजबूती से काम कर रही हैं। सरकार ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के नियमों को भी काफी सरल बनाया है, जिससे विदेशी निवेशकों को भी आकर्षित किया जा रहा है।
प्रमुख समझौते और एमओयू
इस बैठक के दौरान दोनों देशों की कंपनियों के बीच आपसी साझेदारी को अमलीजामा पहनाने के लिए कई एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
- सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स और बेल्जियन सिक्योरिटी एंड डिफेंस इंडस्ट्री के बीच समझौता हुआ।
- कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम्स लिमिटेड और एफएन हर्स्टल (बेल्जियम) ने करार किया।
- इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड और ओआईपी (बेल्जियम) ने साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए।
- टेम्बो क्लासिक इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड और लाशोसी एसए (बेल्जियम) भी साथ आए।
भविष्य की संभावनाएं और प्रौद्योगिकी साझेदारी
आने वाले समय में भारत बेल्जियम रक्षा सहयोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, ड्रोन-रोधी प्रणालियों, क्वांटम तकनीक और पानी के भीतर संचालित होने वाले मानवरहित वाहनों जैसे जटिल क्षेत्रों में आगे बढ़ेगा। आईडेक्स और अदिति जैसे नवाचार मंच भी स्टार्ट-अप्स को इन क्षेत्रों में नए अनुसंधान के लिए प्रेरित कर रहे हैं। तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में पहले से ही रक्षा औद्योगिक गलियारे बनाए जा चुके हैं, और अन्य राज्यों में भी ऐसे गलियारे विकसित किए जा रहे हैं। ये सभी कदम वैश्विक स्तर पर रक्षा साजो-सामान की आपूर्ति श्रृंखला को और अधिक टिकाऊ बनाएंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? भारत-बेल्जियम रक्षा सीईओ राउंडटेबल बैठक कहां आयोजित हुई थी? उत्तर। यह बैठक 3 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित की गई थी।
प्रश्न? इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किसने किया था? उत्तर। बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने किया था।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






