
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित पीएम अजय योजना के तहत आंध्र प्रदेश में अनुसूचित जाति बहुल गांवों के विकास और आदर्श ग्राम चयन के आंकड़े सामने आए हैं।
मुख्य बातें
- आंध्र प्रदेश में पीएम-अजय के आदर्श ग्राम घटक के तहत कुल 1,159 गांवों का चयन किया गया है।
- राज्य सरकार ने इनमें से 892 गांवों को आदर्श ग्राम घोषित किया है।
- तिरुपति में चुने गए गांवों की संख्या सबसे अधिक 221 है।
- वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 के दौरान 1,19,679 लाभार्थियों को लाभ मिला है।
पीएम अजय योजना के तहत आंध्र प्रदेश में अनुसूचित जाति समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। पीआईबी के अनुसार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय एकीकृत ग्राम विकास, आजीविका के अवसरों और कौशल विकास के जरिए प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) को अमलीजामा पहना रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों में असमानताओं को कम करना और जीवन स्तर को ऊपर उठाना है।
पीएम अजय योजना और आदर्श ग्राम का चयन
पीएम अजय योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2018-19 से आंध्र प्रदेश में कुल 1,159 गांवों को चुना गया है। इनमें से 892 गांवों को राज्य सरकार द्वारा आधिकारिक तौर पर ‘आदर्श ग्राम’ घोषित किया जा चुका है, जो ग्रामीण स्तर पर बुनियादी सुविधाओं में सुधार को दर्शाता है। तिरुपति जिले में सबसे अधिक 221 गांवों का चयन हुआ है, जिसके बाद प्रकाशम में 111 और चित्तूर में 101 गांवों को यह दर्जा मिला है। कृष्णा, श्री सत्य साईं और विजयनगरम जिलों में चुने गए सभी गांवों को आदर्श ग्राम के रूप में मान्यता मिल चुकी है।
वित्तीय सहायता और लाभार्थियों के आंकड़े
मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 के दौरान आंध्र प्रदेश में कुल 1,19,679 लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई है। इस मदद में अलग-अलग क्षेत्रों के लोग शामिल हैं:
- बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े कार्यों के तहत 1,11,697 लाभार्थी।
- आय सृजन एवं आजीविका गतिविधियों के तहत 6,132 लाभार्थी।
- कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से 1,850 लाभार्थी।
- प्रकाशम जिले में बुनियादी ढांचे के विकास से सबसे अधिक 12,571 लोग लाभान्वित हुए।
पीएम अजय योजना का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
यह योजना मुख्य रूप से गांवों में भौतिक और सामाजिक बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करने का काम करती है। आदर्श ग्राम वे क्षेत्र होते हैं जहां सभी जरूरी सामाजिक और भौतिक सेवाएं आसानी से उपलब्ध होती हैं तथा जो विकास के तय मानकों पर खरा उतरते हैं। वर्तमान में 267 गांव आदर्श ग्राम बनने की प्रक्रिया में हैं, जहां बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं। फंड के उपयोग और प्रमाण-पत्रों की स्थिति के आधार पर ही भविष्य में राशि जारी की जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? पीएम अजय योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर। इस योजना का उद्देश्य एकीकृत ग्राम विकास, आजीविका के अवसर, कौशल विकास और बुनियादी ढांचे के जरिए अनुसूचित जाति समुदायों का सामाजिक-आर्थिक विकास करना है।
प्रश्न? आंध्र प्रदेश में कितने गांवों को आदर्श ग्राम घोषित किया गया है?
उत्तर। राज्य सरकार द्वारा कुल 892 गांवों को आदर्श ग्राम घोषित किया गया है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






