शनिवार, अक्टूबर 17, 2026

भारत का भुगतान संतुलन चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 4.2 अरब डॉलर घाटे में

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भुगतान संतुलन

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में देश का चालू खाता घाटा 4.2 अरब डॉलर दर्ज किया गया है।

मुख्य बातें

  • भारतीय रिज़र्व बैंक के अनुसार 2026-27 की पहली तिमाही में चालू खाता घाटा 4.2 अरब डॉलर रहा।
  • माल व्यापार घाटा बढ़कर 86.1 अरब डॉलर हो गया जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 68.9 अरब डॉलर था।
  • विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) का शुद्ध प्रवाह बढ़कर 6.1 अरब डॉलर दर्ज किया गया।
  • विदेशों में कार्यरत भारतीयों द्वारा भेजे जाने वाले व्यक्तिगत ट्रांसफर बढ़कर 42.9 अरब डॉलर हो गए।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के लिए देश का भुगतान संतुलन (BoP) के आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश का भुगतान संतुलन के तहत चालू खाता घाटा 4.2 अरब डॉलर यानी सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 0.5 प्रतिशत दर्ज किया गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह घाटा 3.4 अरब डॉलर यानी जीडीपी का 0.4 प्रतिशत था। केंद्रीय बैंक की ओर से जारी रिपोर्ट में अर्थव्यवस्था के विभिन्न पहलुओं जैसे माल व्यापार, सेवाओं, और विदेशी निवेश के विस्तृत आंकड़े सामने आए हैं, जो देश की आर्थिक स्थिति को दर्शाते हैं।

चालू खाता और व्यापार घाटे की स्थिति

आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, समीक्षाधीन अवधि में मर्चेंडाइज ट्रेड डेफिसिट यानी माल व्यापार घाटा बढ़कर 86.1 अरब डॉलर हो गया है। एक साल पहले इसी अवधि में माल व्यापार घाटा 68.9 अरब डॉलर पर था। हालांकि, देश के सेवा क्षेत्र ने बेहतर प्रदर्शन किया है। नेट सर्विसेज रिसीट्स यानी सेवाओं से होने वाली शुद्ध आय बढ़कर 51.6 अरब डॉलर हो गई, जो पिछले साल समान अवधि में 47.9 अरब डॉलर थी। कंप्यूटर सेवाओं, अन्य व्यावसायिक सेवाओं और परिवहन सेवाओं जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सेवा निर्यात में साल-दर-साल आधार पर वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे व्यापार घाटे के असर को कुछ हद तक संतुलित करने में मदद मिली है।

विदेशी निवेश और वित्तीय खाते के आंकड़े

वित्तीय खाते की बात करें तो प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई (FDI) का शुद्ध प्रवाह 2026-27 की पहली तिमाही में 6.1 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में 5.2 अरब डॉलर था। इसके विपरीत, विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) में 9.6 अरब डॉलर का शुद्ध बहिर्गमन देखा गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 1.6 अरब डॉलर का शुद्ध प्रवाह हुआ था। इसके अलावा अनिवासी भारतीय जमा यानी एनआरआई डिपॉजिट (NRI Deposits) के तहत शुद्ध प्रवाह 2.8 अरब डॉलर रहा, जबकि बाहरी वाणिज्यिक उधार यानी ईसीबी (ECBs) के जरिए शुद्ध प्रवाह 3.3 अरब डॉलर दर्ज किया गया। इन सभी वित्तीय गतिविधियों का असर देश के समग्र भुगतान संतुलन पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

प्रवासी भारतीयों के प्रेषण और प्राथमिक आय

माध्यमिक आय खाते के अंतर्गत आने वाले व्यक्तिगत ट्रांसफर रिसिप्ट्स में शानदार तेजी देखने को मिली है। विदेशों में रोजगार करने वाले भारतीयों द्वारा भेजे जाने वाले धन यानी रेमिटेंस में बढ़ोतरी के चलते यह आंकड़ा पिछले साल के 33.2 अरब डॉलर से बढ़कर 2026-27 की पहली तिमाही में 42.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वहीं दूसरी ओर, प्राथमिक आय खाते के तहत निवेश आय के भुगतान के रूप में होने वाला शुद्ध आउटगो घटकर 10.5 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 13.3 अरब डॉलर था। विदेशी मुद्रा भंडार में भी समीक्षाधीन तिमाही के दौरान BoP के आधार पर 8.1 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? भुगतान संतुलन क्या होता है? उत्तर। भुगतान संतुलन किसी देश के निवासियों और शेष दुनिया के बीच एक निश्चित समयावधि में हुए आर्थिक लेन-देन का व्यापक रिकॉर्ड होता है।

प्रश्न? चालू खाता घाटा किसे कहते हैं? उत्तर। जब किसी देश का कुल आयात उसके कुल निर्यात से अधिक होता है, तो उस अंतर को चालू खाता घाटा कहा जाता है।

यह रिपोर्ट RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह आज पत्रिका में समाचार एवं व्यापार संपादक हैं। वे अर्थव्यवस्था, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), बैंकिंग, शेयर बाजार, सरकारी योजनाओं, रोज़गार और भर्ती से जुड़ी खबरों तथा पाठकों के काम आने वाली व्यावहारिक जानकारी (कैसे करें/स्टेप-बाय-स्टेप गाइड) की रिपोर्टिंग और संपादन करते हैं। वे सुनिश्चित करते हैं कि हर आँकड़ा, तिथि और प्रक्रिया आधिकारिक स्रोत से सत्यापित हो और लेख में मूल विज्ञप्ति या पोर्टल का लिंक दिया जाए। किसी गलती की सूचना के लिए: corrections@aajpatrika.com।

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