शनिवार, अक्टूबर 17, 2026

एनएसकेएफडीसी ऋण योजना: सफाई कर्मचारियों को मिलेगा 30 लाख तक का ऋण

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एनएसकेएफडीसी ऋण योजना

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन एनएसकेएफडीसी ने स्वच्छता कर्मियों के लिए रियायती ऋण और कौशल विकास की घोषणा की है। अब तक 6.10 लाख लोगों को 3,365.93 करोड़ रुपये का वितरण किया गया है।

मुख्य बातें

  • व्यक्तिगत लाभार्थियों के लिए 30 लाख रुपये तक और समूहों के लिए 75 लाख रुपये तक के ऋण का प्रावधान।
  • ऋण पर ब्याज दर 6 प्रतिशत से 9 प्रतिशत प्रतिवर्ष, महिला लाभार्थियों को 1 प्रतिशत की विशेष छूट।
  • समय पर किस्तों का भुगतान करने पर 0.5 प्रतिशत की अतिरिक्त ब्याज छूट दी जाएगी।
  • 10 सितंबर 2026 तक 6,10,902 व्यक्तियों को 3,365.93 करोड़ रुपये की ऋण राशि मंजूर और वितरित की गई।
  • ऋण की पुनर्भुगतान अवधि 3 से 10 वर्ष तय की गई है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाले राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम की एनएसकेएफडीसी ऋण योजना के माध्यम से देशभर के स्वच्छता कर्मियों को वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 10 सितंबर 2026 तक निगम ने अपनी चैनलाइजिंग एजेंसियों को कुल 3,365.93 करोड़ रुपये का रियायती ऋण मंजूर और वितरित किया है। इस सरकारी पहल से अब तक 6,10,902 सफाई कर्मियों, मैला ढोने वाले व्यक्तियों, कचरा बीनने वालों और उनके आश्रितों को सीधा लाभ मिला है।

एनएसकेएफडीसी ऋण योजना के तहत कितनी मिलती है वित्तीय सहायता?

एनएसकेएफडीसी ऋण योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को व्यक्तिगत स्तर पर 30 लाख रुपये तक और समूह के रूप में 75 लाख रुपये तक की रियायती वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसमें वार्षिक ब्याज दर 6 प्रतिशत से 9 प्रतिशत के बीच रहती है। ऋण चुकाने के लिए 3 से 10 वर्ष की समय अवधि दी जाती है।

यह वित्तीय सहायता लाभार्थियों को अपने स्तर पर व्यापार, स्वरोजगार और आय-सृजन की नई गतिविधियां शुरू करने में मदद करती है। रियायती ब्याज दरों के कारण लाभार्थियों पर आर्थिक बोझ कम रहता है। इसके साथ ही, निगम ने महिला आवेदकों और नियमित रूप से किस्त चुकाने वाले लाभार्थियों के लिए विशेष रियायतों की व्यवस्था की है।

ब्याज दरों में विशेष छूट और पुनर्भुगतान की शर्तें

इस योजना में महिलाओं के लिए विशेष राहत का ध्यान रखा गया है। महिला लाभार्थियों को लागू ब्याज दर पर 1 प्रतिशत की सीधी छूट दी जाती है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी ऋण योजना के तहत सामान्य ब्याज दर 7 प्रतिशत निर्धारित है, तो महिला आवेदक के लिए यह दर घटकर 6 प्रतिशत हो जाएगी।

इसके अतिरिक्त, जो लाभार्थी अपनी ऋण किस्तों का समय पर भुगतान करते हैं, उन्हें निगम की ओर से 0.5 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दी जाती है। ऋण की पुनर्भुगतान अवधि न्यूनतम 3 वर्ष से लेकर अधिकतम 10 वर्ष तक तय की गई है। यह अवधि ली गई राशि और संबंधित योजना के दिशानिर्देशों पर निर्भर करती है। इससे लाभार्थियों को अपना व्यापार स्थापित करने और कमाई शुरू करने का पर्याप्त समय मिल जाता है।

एनएसकेएफडीसी ऋण योजना लागू करने वाली एजेंसियां और प्रक्रिया

राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (NSKFDC) इस ऋण योजना को सीधे वितरित करने के बजाय बैंकों और राज्य एजेंसियों के माध्यम से चलाता है। ऋण योजनाओं का क्रियान्वयन विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नामित राज्य चैनलाइजिंग एजेंसियों (SCAs), क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) के माध्यम से किया जाता है।

लाभार्थी अपने राज्य की नामित एजेंसी या नजदीकी सरकारी अथवा ग्रामीण बैंक की शाखा में जाकर ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद बैंक या एजेंसी दस्तावेजों की जांच करती है और पात्र पाए जाने पर स्वीकृत राशि जारी करती है। इस व्यवस्था से ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले सफाई कर्मियों तक योजना की पहुंच आसान बनती है।

कौशल विकास और क्षमता निर्माण के गैर-ऋण कार्यक्रम

सफाई कर्मचारियों को केवल ऋण देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें नए व्यवसायों में कुशल बनाना भी आवश्यक है। इसी सोच के तहत एनएसकेएफडीसी गैर-ऋण आधारित कार्यक्रम भी आयोजित करता है। इसके तहत देश के अलग-अलग हिस्सों में जागरूकता शिविर, कार्यशालाएं, कौशल विकास पहल और क्षमता निर्माण कार्यक्रम चलाए जाते हैं।

निगम इन कार्यक्रमों के आयोजन के लिए वित्तीय सहायता और अनुदान उपलब्ध कराता है। इन प्रशिक्षण सत्रों का मुख्य उद्देश्य लाभार्थियों की रोजगार-योग्यता को बढ़ाना है। इससे वे असुरक्षित स्वच्छता कार्यों से बाहर निकलकर अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी आजीविका के विकल्प चुन सकते हैं।

इसका असर: स्वच्छता कर्मियों के सामाजिक और आर्थिक जीवन में बदलाव

भारत में मैला ढोने की प्रथा और असुरक्षित सफ़ाई कार्यों से जुड़े लोगों का सामाजिक-आर्थिक उत्थान एक बड़ी प्राथमिकता रहा है। एनएसकेएफडीसी द्वारा दी जाने वाली रियायती ऋण सहायता और कौशल प्रशिक्षण से इस समुदाय के लोगों को आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने का मौका मिल रहा है।

जब किसी सफाई कर्मी या कचरा बीनने वाले व्यक्ति को नया काम शुरू करने के लिए कम ब्याज दर पर पूंजी मिलती है, तो वह अपने परिवार के लिए बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित कर पाता है। बच्चों की शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षित आवास जैसे सुधार इसी आर्थिक सशक्तीकरण से संभव होते हैं। इसके साथ ही, खुद का व्यवसाय शुरू करने से समाज में उनका मान-सम्मान और स्वाभिमान बढ़ता है।

एनएसकेएफडीसी की स्थापना और मुख्य उद्देश्य

राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम की स्थापना 24 जनवरी 1997 को एक गैर-लाभकारी कंपनी के रूप में की गई थी। इसके बाद अक्टूबर 1997 से इसने एक शीर्ष निगम के रूप में पूर्ण रूप से कार्य करना शुरू किया। यह निगम पूरी तरह से भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन काम करता है।

निगम का मुख्य दृष्टिकोण देश से मैला ढोने की प्रथा का उन्मूलन करना है। इसका मिशन सफाई कर्मचारियों, मैला ढोने वाले व्यक्तियों और उनके आश्रितों को मुख्यधारा के समाज से जोड़ना है। इसके लिए निगम वैकल्पिक और सतत आजीविका के अवसर पैदा करता है ताकि यह लक्षित वर्ग गरिमा और स्वाभिमान के साथ अपना जीवन यापन कर सके।

योजना से जुड़ी मुख्य विशेषताएं और आंकड़े

इस योजना के प्रमुख बिंदुओं और अब तक की उपलब्धियों को निम्नलिखित विवरण से समझा जा सकता है:

  • कुल वितरित ऋण: 10 सितंबर 2026 तक निगम ने 3,365.93 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत और वितरित की है।
  • लाभार्थियों की संख्या: अब तक कुल 6,10,902 व्यक्ति इस वित्तीय सहायता का लाभ उठा चुके हैं।
  • व्यक्तिगत ऋण सीमा: एक लाभार्थी को स्वरोजगार के लिए 30 लाख रुपये तक की राशि दी जाती है।
  • समूह ऋण सीमा: स्वयं सहायता समूहों या लाभार्थियों के समूह को 75 लाख रुपये तक का ऋण मिलता है।
  • ब्याज दरें: योजना के तहत ब्याज दर 6 प्रतिशत से 9 प्रतिशत प्रतिवर्ष के बीच रखी गई है।
  • विशेष छूट: महिला आवेदकों को 1 प्रतिशत ब्याज छूट और समय पर भुगतान करने वालों को 0.5 प्रतिशत की अतिरिक्त राहत मिलती है।
  • पुनर्भुगतान अवधि: ऋण चुकाने के लिए 3 वर्ष से 10 वर्ष तक की समयावधि तय की गई है।
  • संचालन माध्यम: राज्य चैनलाइजिंग एजेंसियों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सरकारी बैंकों के जरिए कार्यान्वयन।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: एनएसकेएफडीसी ऋण योजना के तहत व्यक्तिगत तौर पर कितना ऋण लिया जा सकता है?
उत्तर: इस योजना के तहत पात्र व्यक्ति को स्वरोजगार गतिविधि शुरू करने के लिए 30 लाख रुपये तक का ऋण मिल सकता है।

प्रश्न: इस योजना में महिला लाभार्थियों को ब्याज दर में कितनी छूट मिलती है?
उत्तर: एनएसकेएफडीसी ऋण योजना के तहत महिला लाभार्थियों को लागू ब्याज दर में 1 प्रतिशत की विशेष छूट दी जाती है।

प्रश्न: एनएसकेएफडीसी ऋण का भुगतान कितने समय में करना होता है?
उत्तर: ऋण की पुनर्भुगतान अवधि योजना की शर्तों और ऋण राशि के आधार पर 3 वर्ष से 10 वर्ष तक होती है। समय पर भुगतान करने पर 0.5 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज छूट भी मिलती है।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी आज पत्रिका में राष्ट्रीय एवं राजनीतिक मामलों के संपादक हैं। वे संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही, सरकारी नीतियों, चुनाव, और भारत से जुड़ी बड़ी राष्ट्रीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनका ज़ोर तथ्य-आधारित, संतुलित और स्रोत-सहित रिपोर्टिंग पर रहता है — हर लेख में वे प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), संबंधित मंत्रालयों की विज्ञप्तियों और आधिकारिक दस्तावेज़ों का हवाला देते हैं। राय और विश्लेषण को वे समाचार से स्पष्ट रूप से अलग रखते हैं। सुझाव या तथ्य-सुधार के लिए: corrections@aajpatrika.com।

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