शुक्रवार, सितम्बर 11, 2026

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुलाकात: प्रिंस रहीम आगा खान पंचम से चर्चा

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अमित शाह मुलाकात

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में प्रिंस रहीम आगा खान पंचम से मुलाकात कर सहकारिता, सौर ऊर्जा और प्राकृतिक खेती में सहयोग पर चर्चा की।

मुख्य बातें

  • गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और प्रिंस रहीम आगा खान पंचम की नई दिल्ली में 10 सितंबर 2026 को बैठक हुई।
  • बातचीत का मुख्य केंद्र सहकारिता, प्राकृतिक खेती (मिलेट्स), सौर ऊर्जा और सिंचाई क्षेत्र में सहयोग रहा।
  • दोनों पक्षों ने मानवीय और सतत विकास के साझा उद्देश्यों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।
  • भारत और आगा खान विकास नेटवर्क (AKDN) के ऐतिहासिक रिश्तों को और मजबूती देने पर सहमति बनी।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुलाकात के माध्यम से भारत और अंतरराष्ट्रीय विकास संगठनों के बीच साझेदारी को नई दिशा दे रहे हैं। नई दिल्ली में 10 सितंबर 2026 को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और प्रिंस रहीम आगा खान पंचम के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत में जारी विभिन्न सामाजिक और आर्थिक विकास कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की। गृह मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारत, आगा खान विकास नेटवर्क के साथ अपने ऐतिहासिक और मजबूत संबंधों को अत्यंत उच्च प्राथमिकता देता है। यह साझेदारी दोनों पक्षों की मानवीय विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर टिकी है।

अमित शाह मुलाकात में किन प्रमुख विषयों पर सहमति बनी?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुलाकात के दौरान प्रिंस रहीम आगा खान पंचम के साथ सहकारिता, प्राकृतिक खेती, सिंचाई और सौर ऊर्जा के क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर सहमति जताई गई। इस महत्वपूर्ण वार्ता में मोटा अनाज यानी मिलेट्स के उत्पादन को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण भारत के सतत विकास के लिए आपसी तालमेल मजबूत करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।

सहकारिता और कृषि क्षेत्र में सहयोग की नई राह

भारत सरकार इस समय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए सहकारिता क्षेत्र को नए सिरे से पुनर्गठित कर रही है। अमित शाह ने इस बैठक में बताया कि भारत में प्राकृतिक खेती और मिलेट्स (श्री अन्न) के उत्पादन को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे में आगा खान विकास नेटवर्क जैसे वैश्विक संगठनों के साथ साझेदारी से जमीनी स्तर पर किसानों को आधुनिक तकनीकों, जल प्रबंधन और बेहतर कृषि पद्धतियों का लाभ मिल सकता है।

बैठक में सिंचाई प्रणाली में सुधार और सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ। भारत में हरित ऊर्जा और जल संरक्षण को लेकर चलाए जा रहे राष्ट्रीय अभियानों में अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का तकनीकी सहयोग और अनुभव काफी उपयोगी साबित हो सकता है। दोनों पक्षों ने यह माना कि सतत विकास और मानवता के व्यापक हित के लिए इन क्षेत्रों में दीर्घकालिक योजनाबद्ध तरीके से काम करने की आवश्यकता है।

यह भी जानें: आगा खान विकास नेटवर्क और भारत का संबंध

आगा खान विकास नेटवर्क यानी Aga Khan Development Network (AKDN) एक अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी और निजी विकास एजेंसियों का समूह है। यह संस्था दुनिया भर में स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति, ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करती है। भारत में आगा खान नेटवर्क दशकों से कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का संचालन कर रहा है।

भारत में AKDN की उपस्थिति मुख्य रूप से ग्रामीण विकास, जल संरक्षण, शिक्षा और ऐतिहासिक विरासतों के संरक्षण के क्षेत्र में रही है। दिल्ली स्थित हुमायूं के मकबरे का जीर्णोद्धार और हैदराबाद के कुतुब शाही मकबरा परिसर का संरक्षण AKDN के सांस्कृतिक कार्यों के प्रमुख उदाहरण हैं। इसके अलावा, गुजरात, बिहार, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्यों में यह संगठन ग्रामीण आजीविका, स्वच्छता और महिला सशक्तीकरण के कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है।

इसका असर: आम नागरिक और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

इस बैठक में तय किए गए सहयोग के क्षेत्रों का सीधा प्रभाव देश के ग्रामीण इलाकों और किसानों पर पड़ सकता है। सहकारिता और प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में वैश्विक नेटवर्क के साथ काम करने से निम्नलिखित लाभ मिलने की संभावना है:

प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन मिलने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी और रासायनिक उर्वरकों पर किसानों की निर्भरता कम होगी। इससे किसानों की खेती की लागत घटेगी और उनकी शुद्ध आय में वृद्धि होगी। मिलेट्स यानी मोटे अनाज के उत्पादन और विपणन में सहयोग से छोटे और सीमांत किसानों को नए बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी।

सौर ऊर्जा और आधुनिक सिंचाई तकनीकों के विस्तार से सूखे की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी। इससे पानी की हर बूंद का कुशल उपयोग सुनिश्चित होगा और कृषि उत्पादन में स्थिरता आएगी। सहकारिता आंदोलन के सशक्त होने से ग्रामीण स्तर पर स्थानीय रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

अमित शाह मुलाकात और बैठक के मुख्य बिंदु

  • मुलाकात का स्थान और तिथि: 10 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में यह द्विपक्षीय बैठक आयोजित की गई।
  • प्रमुख प्रतिनिधि: भारत के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और प्रिंस रहीम आगा खान पंचम।
  • चर्चा के मुख्य क्षेत्र: सामाजिक विकास, सिंचाई, सहकारिता, मिलेट्स सहित प्राकृतिक खेती और सौर ऊर्जा।
  • साझा प्रतिबद्धता: सतत विकास और मानवता के हित के लिए द्विपक्षीय साझेदारियों को आगे बढ़ाना।
  • आगा खान नेटवर्क का महत्व: मानवीय विकास और ग्रामीण कल्याण के लिए भारत और AKDN के बीच जुड़ाव को मजबूत करना।

आगे का रास्ता और भारत का वैश्विक विकास एजेंडा

भारत वर्तमान में अपनी सहकारिता नीति को नई दिशा दे रहा है। सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद से ही प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को कंप्यूटर से जोड़ने, नई बहुउद्देशीय सहकारी समितियों के गठन और डेयरी व मत्स्य पालन क्षेत्रों में सहकारिता को बढ़ावा देने का काम तेजी से चल रहा है। इस परिदृश्य में आगा खान विकास नेटवर्क जैसी संस्थाओं के साथ संवाद और सहयोग से वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को भारतीय संदर्भ में लागू करने में मदद मिलेगी।

इसके साथ ही, भारत द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलेट्स अभियान का नेतृत्व किया जा रहा है। प्राकृतिक खेती और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर भारत कार्बन उत्सर्जन कम करने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रिंस रहीम आगा खान पंचम के साथ यह बैठक भारत के इन्हीं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लक्ष्यों को गति देने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? अमित शाह और प्रिंस रहीम आगा खान पंचम की मुलाकात कब और कहां हुई?
उत्तर। यह बैठक 10 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित की गई थी।

प्रश्न? अमित शाह मुलाकात के दौरान किन मुख्य विषयों पर चर्चा की गई?
उत्तर। बैठक में सहकारिता, प्राकृतिक खेती, मिलेट्स (मोटा अनाज), सौर ऊर्जा, सिंचाई और सामाजिक विकास के क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर बात हुई।

प्रश्न? आगा खान विकास नेटवर्क (AKDN) भारत में किस तरह का काम करता है?
उत्तर। AKDN भारत में ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, जल संरक्षण और ऐतिहासिक स्मारकों के जीर्णोद्धार जैसे मानवीय व सांस्कृतिक कार्यों में सहयोग करता है।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी आज पत्रिका में राष्ट्रीय एवं राजनीतिक मामलों के संपादक हैं। वे संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही, सरकारी नीतियों, चुनाव, और भारत से जुड़ी बड़ी राष्ट्रीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनका ज़ोर तथ्य-आधारित, संतुलित और स्रोत-सहित रिपोर्टिंग पर रहता है — हर लेख में वे प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), संबंधित मंत्रालयों की विज्ञप्तियों और आधिकारिक दस्तावेज़ों का हवाला देते हैं। राय और विश्लेषण को वे समाचार से स्पष्ट रूप से अलग रखते हैं। सुझाव या तथ्य-सुधार के लिए: corrections@aajpatrika.com।

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