
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अवसर पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से द्विपक्षीय चर्चा की।
मुख्य बातें
- नई दिल्ली में 11 सितंबर 2026 को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस साल अपनी दूसरी बैठक की।
- दोनों नेताओं ने इनोप्रोम इंडिया प्रदर्शनी का दौरा किया और प्रतिभागियों से बातचीत की।
- राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए रूस आमंत्रित किया।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अवसर पर रूस के राष्ट्रपति श्री व्लादिमीर पुतिन के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) के अनुसार, इस साल दोनों शीर्ष नेताओं की यह दूसरी मुलाकात है। इससे पहले दोनों नेताओं ने 31 अगस्त 2026 को बिश्केक में 26वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के मौके पर संवाद किया था। भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के इस दौर में भारत और रूस के बीच यह कूटनीतिक संवाद दोनों देशों की विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और अधिक प्रगाढ़ बनाने की दिशा में उठाया गया एक ठोस कदम माना जा रहा है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में किन मुद्दों पर हुई मुख्य चर्चा?
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की व्यापक समीक्षा की। दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, कौशल विकास और जन-जन के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श किया। इसके अलावा, उन्होंने 2026 के लिए भारत की अध्यक्षता में बहुपक्षीय मंचों पर भारत और रूस के आपसी जुड़ाव पर भी खुलकर चर्चा की। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच समान दृष्टिकोण सामने आया।
- राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा और अंतरिक्ष क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की गई।
- भारत में पहली बार 9 से 11 सितंबर 2026 तक आयोजित ‘इनोप्रोम इंडिया’ प्रदर्शनी का स्वागत किया गया।
- पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र के संघर्षों और समुद्री व्यापार पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा हुई।
- राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए रूस आने का आमंत्रण दिया।
इनोप्रोम इंडिया प्रदर्शनी और औद्योगिक साझेदारी का विस्तार
दोनों नेताओं ने भारत में पहली बार आयोजित हो रही रूस की अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक प्रदर्शनी ‘इनोप्रोम इंडिया’ का विशेष रूप से स्वागत किया। यह प्रदर्शनी 9 से 11 सितंबर 2026 तक भारत में आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार और औद्योगिक संबंधों को और अधिक विस्तारित करना है। बैठक के उपरांत प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने इस प्रदर्शनी का संयुक्त रूप से दौरा भी किया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद विभिन्न उद्योगपतियों और प्रतिभागियों से बातचीत कर तकनीकी व व्यापारिक संभावनाओं को टटोला।
क्षेत्रीय संघर्ष और वैश्विक शांति पर भारत का रुख
बैठक के दौरान वैश्विक मामलों पर भी गंभीर मंथन हुआ, जिसमें पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र के संघर्षों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। इन क्षेत्रों में जारी तनाव के कारण समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर अपने पुराने रुख को दोहराते हुए कहा कि बातचीत और कूटनीति ही किसी भी संघर्ष को हल करने का एकमात्र सही रास्ता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाली के प्रयासों में हरसंभव सहायता देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
भारत और रूस के द्विपक्षीय संबंधों का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य
भारत और रूस के बीच दशकों पुराने कूटनीतिक, रक्षा और ऊर्जा संबंध रहे हैं। शीत युद्ध के काल से ही दोनों देशों ने हर मुश्किल वक्त में एक-दूसरे का साथ निभाया है। आज के समय में जब वैश्विक राजनीति में समीकरण तेजी से बदल रहे हैं, तब ब्रिक्स जैसे मंचों के माध्यम से दोनों देशों का यह आपसी सहयोग और भी अधिक प्रासंगिक हो जाता है। रूस भारत का प्रमुख रक्षा साझीदार रहा है और ऊर्जा क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच अरबों डॉलर के समझौते क्रियान्वित हो रहे हैं। इस शिखर सम्मेलन की बैठकों से यह साबित होता है कि तमाम वैश्विक दबावों के बावजूद दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और रणनीतिक स्वायत्तता की नीति पर कोई आंच नहीं आई है।
भविष्य की कूटनीतिक दिशा और आगामी शिखर सम्मेलन
इस उच्चस्तरीय बैठक के अंत में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आगामी 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए रूस आने का औपचारिक निमंत्रण दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मैत्रीपूर्ण आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार कर लिया है। हालांकि, इस आगामी शिखर सम्मेलन की निश्चित तारीखों की घोषणा राजनयिक चैनलों के माध्यम से आपसी सुविधा को ध्यान में रखते हुए बाद में की जाएगी। इस यात्रा से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रिश्तों को एक नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात किस अवसर पर हुई? उत्तर। यह मुलाकात नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अवसर पर हुई।
प्रश्न? इनोप्रोम इंडिया प्रदर्शनी का आयोजन भारत में कब से कब तक किया गया? उत्तर। यह प्रदर्शनी 9 से 11 सितंबर 2026 तक भारत में आयोजित की गई थी।
प्रश्न? क्या प्रधानमंत्री मोदी ने रूस का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है? उत्तर। हां, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन द्वारा दिए गए 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






