गुरूवार, अक्टूबर 29, 2026

विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025 के विजेताओं को मिले पुरस्कार, बना विश्व रिकॉर्ड

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विकसित भारत बिल्डाथॉन

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने नई दिल्ली में 10 राष्ट्रीय विजेता टीमों को सम्मानित किया। प्रतियोगिता को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का प्रमाण पत्र भी मिला।

मुख्य बातें

  • विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025 में 2.87 लाख से अधिक विचार और प्रोटोटाइप प्रविष्टियां प्राप्त हुईं।
  • प्रतियोगिता को सबसे बड़ी नवाचार समाधान प्रतियोगिता के रूप में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स प्रमाण पत्र मिला।
  • राष्ट्रीय स्तर के 10 विजेताओं को कुल ₹17.50 लाख की नकद राशि प्रदान की गई।
  • उल्लास कार्यक्रम के तहत छात्र-शिक्षकों के लिए 5 से 8 निरक्षरों को साक्षर बनाने पर अकादमिक क्रेडिट का प्रावधान लागू।
  • विशेष अभियान 6.0 के तहत एकत्रित ई-कचरे को अधिकृत पुनर्चक्रण-कर्ता को सौंपा गया।

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने नई दिल्ली में विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025 के राष्ट्रीय विजेताओं और नवोन्मेषकों को सम्मानित किया। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाली 10 टीमों को पुरस्कार राशि और प्रमाण पत्र सौंपे गए। इस अवसर पर कार्यक्रम को सबसे बड़ी नवाचार समाधान प्रतियोगिता के रूप में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का आधिकारिक प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया, जो भारतीय स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि है।

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने ‘उल्लास – नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत शिक्षक शिक्षा संस्थानों के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए। इसके साथ ही ई-कचरा जागरूकता पर आयोजित क्विज़ प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कृत किया गया। इस समारोह में शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग (DoSEL) के साथ नीति आयोग और AICTE के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

विकसित भारत बिल्डाथॉन क्या है?

विकसित भारत बिल्डाथॉन स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के सहयोग से आयोजित एक राष्ट्रीय नवाचार प्रतियोगिता है। इसका उद्देश्य स्कूली छात्रों में वैज्ञानिक सोच, आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण और जमीनी स्तर की समस्याओं का स्वदेशी समाधान खोजने की क्षमता विकसित करना है।

बिल्डाथॉन की मुख्य विशेषता यह रही कि इसमें छात्रों को पहले से तय कोई समस्या नहीं दी गई थी। विद्यार्थियों ने अपने आसपास के वातावरण, समाज और दैनिक जीवन की चुनौतियों की पहचान खुद की और उनके व्यावहारिक समाधान तैयार किए। इस पहल को चार मुख्य स्तंभों पर तैयार किया गया था: आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी, वोकल फॉर लोकल और समृद्ध भारत।

विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025 में पुरस्कार और प्रविष्टियों का विवरण

इस प्रतियोगिता में देश भर के स्कूली छात्रों से जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली। ‘आइडिया’ और ‘प्रोटोटाइप’ दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 2,87,967 परियोजना प्रविष्टियां दर्ज की गईं। प्रविष्टियों की निष्पक्ष जांच के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तीन-स्तरीय मूल्यांकन ढांचा तैयार किया गया था, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल थे।

मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 1,000 जिला पुरस्कार विजेता, 100 राज्य पुरस्कार विजेता और 10 राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं का चयन किया गया। तीनों स्तरों को मिलाकर कुल ₹1 करोड़ से अधिक की पुरस्कार राशि वितरित की गई।

  • राष्ट्रीय विजेता राशि: राष्ट्रीय स्तर की 10 टीमों को कुल ₹17.50 लाख की नकद राशि दी गई।
  • प्रोटोटाइप श्रेणी: शीर्ष 5 विजेता टीमों में से प्रत्येक को ₹2,50,000 का नकद पुरस्कार मिला।
  • आइडिया श्रेणी: शीर्ष 5 विजेता टीमों में से प्रत्येक को ₹1,00,000 की राशि दी गई।
  • विजेता राज्य: राष्ट्रीय विजेता असम, दिल्ली, गुजरात, झारखंड, जम्मू और कश्मीर, केरल, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश से चुने गए।

उल्लास साक्षरता अभियान में छात्र-शिक्षकों की नई भूमिका

कार्यक्रम के दौरान ‘उल्लास – नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत शिक्षक शिक्षा संस्थानों (TEI) के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए गए। यह दिशानिर्देश राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों जैसे B.Ed, M.Ed, B.P.Ed और M.P.Ed में पढ़ रहे छात्र-शिक्षकों पर लागू होंगे।

नए नियमों के तहत प्रत्येक छात्र-शिक्षक को स्वयंसेवक के रूप में 5 से 8 असाक्षर व्यक्तियों को साक्षर बनाना होगा और उनका प्रमाणन कराना होगा। इस सामाजिक कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने पर छात्र-शिक्षकों को उनके पाठ्यक्रम में शैक्षणिक क्रेडिट दिए जाएंगे। इस व्यवस्था का खाका NCTE, NCERT, SCERT, DIET और राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरणों के समन्वय से तैयार किया गया है।

विशेष अभियान 6.0 और ई-कचरा प्रबंधन

समारोह में ई-कचरे के बढ़ते संकट पर चिंता व्यक्त करते हुए स्कूली स्तर पर इसके जिम्मेदार प्रबंधन पर जोर दिया गया। विशेष अभियान 6.0 के तहत शिक्षा मंत्रालय के दोनों विभागों ने ई-कचरा संग्रहण और जागरूकता अभियान चलाया। DoSEL के सचिव टी. के. अनिल कुमार ने अभियान के दौरान एकत्र किए गए ई-कचरे को अधिकृत रीसाइक्लिंग संस्था को सौंपा।

देश भर के स्कूलों में ई-कचरे को लेकर विशेष सुबह की सभाएं और क्विज़ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, ताकि छात्र बचपन से ही पर्यावरण सुरक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स के पुनर्चक्रण के प्रति जागरूक हो सकें।

इसका असर: छात्रों और शिक्षा व्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

विकसित भारत बिल्डाथॉन जैसी प्रतियोगिताओं से स्कूली छात्रों में रटने की आदत के बजाय रचनात्मकता और खुद से सोचने की क्षमता विकसित होती है। जब छात्र कम उम्र में समस्याओं को पहचानकर उनके प्रोटोटाइप तैयार करते हैं, तो उनमें उद्यमिता और नवाचार के बीज अंकुरित होते हैं।

दूसरी ओर, उल्लास कार्यक्रम के तहत B.Ed और M.Ed के छात्रों को निरक्षरों को साक्षर बनाने की जिम्मेदारी देने से देश में वयस्क साक्षरता दर को तेजी से बढ़ाने में मदद मिलेगी। छात्र-शिक्षकों को इसके बदले क्रेडिट मिलने से उनकी भागीदारी सुनिश्चित होगी और साक्षरता अभियान को जमीनी मजबूती मिलेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025 का आयोजन किसने किया?
उत्तर: इसका आयोजन शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन और AICTE के सहयोग से किया।

प्रश्न: उल्लास योजना के नए दिशानिर्देशों से B.Ed छात्रों को क्या फायदा होगा?
उत्तर: 5 से 8 असाक्षर लोगों को साक्षर बनाकर प्रमाणित कराने पर छात्र-शिक्षकों को कोर्स में शैक्षणिक क्रेडिट अंक मिलेंगे।

प्रश्न: बिल्डाथॉन 2025 में कुल कितनी प्रविष्टियां मिली थीं?
उत्तर: इस प्रतियोगिता में देश भर से कुल 2,87,967 आइडिया और प्रोटोटाइप प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

दीक्षा कुमारी
दीक्षा कुमारी
दीक्षा कुमारी आज पत्रिका में वरिष्ठ संपादक हैं और शिक्षा, परीक्षाएँ एवं परिणाम, खेल, मनोरंजन, धर्म-संस्कृति तथा लाइफस्टाइल कवरेज की ज़िम्मेदारी संभालती हैं। वे परीक्षा अधिसूचनाओं, रिजल्ट, प्रवेश प्रक्रिया, त्योहारों की परंपराओं और स्वास्थ्य-जीवनशैली से जुड़ी सामग्री को सरल, सटीक और सत्यापित रूप में पाठकों तक पहुँचाती हैं। स्वास्थ्य से जुड़े लेखों में वे हमेशा योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेने की सलाह जोड़ती हैं। सुझाव/सुधार: corrections@aajpatrika.com।

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