
सरकारी और निजी अस्पतालों में बच्चों का टीकाकरण कराने का सही समय, उम्र-वार चार्ट और जरूरी सावधानियों की पूरी जानकारी।
मुख्य बातें
- बच्चों का टीकाकरण जन्म के तुरंत बाद (बीसीजी, हेपेटाइटिस बी और पोलियो) से शुरू हो जाता है।
- सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर यह टीकाकरण पूरी तरह मुफ्त किया जाता है।
- यू-विन (U-WIN) पोर्टल के जरिए डिजिटल टीकाकरण कार्ड और रिकॉर्ड रखा जाता है।
- टीकाकरण चार्ट में डॉक्टर की सलाह और बच्चे की सेहत के अनुसार बदलाव हो सकता है।
बच्चों का टीकाकरण किसी भी नवजात शिशु को खतरनाक और जानलेवा बीमारियों से बचाने का सबसे प्रभावी तरीका है। भारत में सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (Universal Immunisation Programme – UIP) के तहत जन्म से लेकर किशोरावस्था तक कई टीके मुफ्त लगाए जाते हैं। माता-पिता अक्सर इस बात को लेकर चिंतित रहते हैं कि किस उम्र में कौन सा टीका लगवाना चाहिए और यदि कोई खुराक छूट जाए तो क्या करना चाहिए।
बच्चों का टीकाकरण चार्ट क्या है?
बच्चों का टीकाकरण चार्ट एक तयशुदा शेड्यूल है जो बताता है कि शिशु को जन्म के पहले दिन से लेकर 16 साल की उम्र तक कौन-से टीके, किस क्रम में और कब-कब दिए जाने चाहिए। यह चार्ट विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारतीय बाल चिकित्सा अकादमी (IAP) के दिशा-निर्देशों के आधार पर तैयार किया जाता है। सही समय पर टीके लगवाने से बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी मजबूत होती है और वह पोलियो, टीबी, हेपेटाइटिस, खसरा और डिप्थीरिया जैसी गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रहता है।
आयु के अनुसार बच्चों का टीकाकरण शेड्यूल
नीचे दी गई तालिका में भारत के मानक टीकाकरण कार्यक्रम के अनुसार उम्र-वार टीकों की सूची दी गई है। हालांकि, अलग-अलग अस्पतालों या डॉक्टरों के यहां इसमें थोड़ा अंतर हो सकता है, इसलिए हमेशा अपने डॉक्टर के दिए कार्ड का पालन करें।
| उम्र | दिए जाने वाले टीके और दवाएं | कौन सी बीमारी से बचाव |
|---|---|---|
| जन्म के समय | BCG, OPV (जीरो डोज), Hepatitis B | टीबी, पोलियो, हेपेटाइटिस बी |
| 6 सप्ताह | OPV, Pentavalent (1), Rotavirus (1), PCV (1), IPV (1) | पोलियो, डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, हेपेटाइटिस बी, हिब, डायरिया, न्यूमोनिया |
| 10 सप्ताह | OPV, Pentavalent (2), Rotavirus (2), IPV | वही बीमारियां (दूसरी खुराक) |
| 14 सप्ताह | OPV, Pentavalent (3), Rotavirus (3), PCV (2), IPV | वही बीमारियां (तीसरी खुराक) |
| 9-12 महीने | MR (Measles-Rubella) 1, PCV Booster, JE (कुछ क्षेत्रों में) | खसरा, रूबेला, जापानी इंसेफलाइटिस |
| 16-24 महीने | DPT Booster-1, MR Booster-2, OPV Booster | डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, खसरा |
| 5-6 वर्ष | DPT Booster-2 | डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस |
| 10 और 16 वर्ष | TT (Tetanus Toxoid) / Td | टिटनेस और डिप्थीरिया |
सरकारी केंद्रों पर बच्चों का टीकाकरण कैसे कराएं?
भारत सरकार के मिशन इंद्रधनुष और यू-विन पोर्टल के माध्यम से देश के सभी सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) पर बच्चों का टीकाकरण पूरी तरह मुफ्त किया जाता है। इसके लिए आप नीचे दिए गए चरणों का पालन कर सकते हैं:
- अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या आंगनवाड़ी केंद्र पर जाएं।
- स्वास्थ्य कार्यकर्ता के पास बच्चे का पंजीकरण करवाएं और टीकाकरण कार्ड प्राप्त करें।
- निर्धारित तारीख पर केंद्र पर जाकर बच्चे को टीका लगवाएं।
- टीकाकरण के बाद यू-विन पोर्टल या कार्ड पर अगली तारीख का रिकॉर्ड दर्ज करवाएं।
- यदि कोई खुराक छूट जाए, तो स्वास्थ्यकर्मी से संपर्क करके कैच-अप डोज (Catch-up dose) लगवाएं।
टीकाकरण के बाद बरती जाने वाली सावधानियां
टीका लगने के बाद बच्चों में हल्का बुखार, चिड़चिड़ापन या इंजेक्शन वाली जगह पर सूजन आना सामान्य बात है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। डॉक्टर की सलाह से पैरासिटामोल की सही खुराक दी जा सकती है। यदि बच्चे को तेज बुखार आए, लगातार रोना बंद न हो या चकत्ते दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। हमेशा ध्यान रखें कि टीकाकरण कार्ड को सुरक्षित संभाल कर रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि स्कूल में दाखिले या भविष्य में विदेश यात्रा के समय इसकी जरूरत पड़ सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? यदि बच्चे का कोई टीका समय पर न लग पाए तो क्या करें?
उत्तर। अगर किसी कारणवश समय निकल गया है, तो डॉक्टर से मिलकर एक संशोधित शेड्यूल बनवाएं और छूटे हुए टीके लगवा लें। इसे कैच-अप टीकाकरण कहते हैं।
प्रश्न? क्या सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के टीकों में कोई अंतर होता है?
उत्तर। बीमारियों से बचाव का असर दोनों का एक जैसा होता है। हालांकि, कुछ निजी अस्पतालों में दर्द रहित (Painless) विकल्प या अतिरिक्त टीके उपलब्ध होते हैं जिनका शुल्क लग सकता है।
प्रश्न? यू-विन (U-WIN) पोर्टल क्या है?
उत्तर। यह भारत सरकार का डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसके जरिए गर्भवती महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन रखा जाता है और डिजिटल सर्टिफिकेट मिलता है।
यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। कोई भी उपाय अपनाने, दवा लेने या आहार बदलने से पहले योग्य डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
आधिकारिक जानकारी और नवीनतम अपडेट के लिए: https://main.mohfw.gov.in/
यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com






