
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में आयोजित रोजगार मेले के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने बताया कि विभिन्न सरकारी पहलों से देश की बेरोजगारी दर में भारी गिरावट आई है।
मुख्य बातें
- देश में बेरोजगारी दर 6 प्रतिशत से घटकर 3.2 प्रतिशत हो गई है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20वें रोजगार मेले में 51,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटे।
- केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने चेन्नई के डी. जी. वैष्णव कॉलेज में 285 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए।
- देश में स्टार्टअप की संख्या 2014 के लगभग 400 से बढ़कर 2.5 लाख से अधिक हो गई है।
देश में चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी पहलों और रोजगार मेलों के कारण बेरोजगारी दर अब घटकर 3.2 प्रतिशत रह गई है जो पहले 6 प्रतिशत हुआ करती थी। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने चेन्नई में एक कार्यक्रम के दौरान यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। सरकार युवाओं को नौकरी ढूंढने के बजाय नौकरी देने वाला बनाने पर निरंतर काम कर रही है जिसके सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखाई दे रहे हैं।
बेरोजगारी दर घटने के मुख्य कारण और रोजगार मेला 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश भर में 45 अलग-अलग स्थानों पर आयोजित 20वें रोजगार मेले में हिस्सा लिया। इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत 51,000 से अधिक नवनियुक्त युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्ति पत्र सौंपे गए। चेन्नई के डी. जी. वैष्णव कॉलेज में आयोजित मुख्य समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने अपने हाथों से 285 नवनियुक्त अभ्यर्थियों को सरकारी सेवा के आदेश वितरित किए। चयनित होने वाले ये युवा आयकर विभाग, कर्मचारी राज्य बीमा निगम, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, रक्षा मंत्रालय, डाक विभाग, जवाहरलाल स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (जिपमेर) और दक्षिण रेलवे जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का हिस्सा बनेंगे।
इसका असर और स्टार्टअप इकोसिस्टम में बदलाव
नवनियुक्त युवाओं को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह नियुक्ति केवल एक नौकरी का आदेश नहीं है बल्कि राष्ट्र की सेवा करने का एक बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से चलाई गई कई प्रमुख योजनाएं इस बदलाव की रीढ़ हैं।
- मेक इन इंडिया अभियान से घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिला है।
- स्टार्टअप इंडिया और स्टैंडअप इंडिया ने युवाओं को उद्यमी बनने में मदद की है।
- मुद्रा ऋण योजना के माध्यम से छोटे व्यापारियों और नवोदित कारोबारियों को वित्तीय सहायता मिली है।
मंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि देश में स्टार्टअप्स की संख्या वर्ष 2014 में मात्र 400 के आसपास थी जो अब बढ़कर ढाई लाख यानी 2.5 लाख से भी अधिक हो गई है। खास बात यह है कि इन स्टार्टअप्स के संस्थापकों में एक बहुत बड़ा हिस्सा 30 वर्ष से कम उम्र के ऊर्जावान युवाओं का है।
रोजगार मेलों की अब तक की प्रगति
केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए इन रोजगार मेलों के जरिए अब तक देश भर में कुल 12.75 लाख से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक तंत्र को मजबूत करना और समय पर सरकारी रिक्तियों को भरना है। कार्यक्रम में तमिलनाडु और पुडुचेरी के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त सुनील बाजपेयी सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और नवनियुक्त युवाओं के परिजन भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इसके अलावा, तमिलनाडु में नवोदय विद्यालय के विस्तार को लेकर भी बात की गई जिससे वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को अपनी मातृभाषा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? वर्तमान में देश की बेरोजगारी दर कितनी दर्ज की गई है? उत्तर। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार बेरोजगारी दर घटकर 3.2 प्रतिशत रह गई है।
प्रश्न? अब तक रोजगार मेलों के माध्यम से कितने नियुक्ति पत्र बांटे जा चुके हैं? उत्तर। रोजगार मेलों के माध्यम से कुल 12.75 लाख से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र मिल चुके हैं।
प्रश्न? देश में स्टार्टअप्स की संख्या बढ़कर कितनी हो गई है? उत्तर। देश में स्टार्टअप्स की संख्या बढ़कर 2.5 लाख से अधिक हो गई है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






