
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा में ‘समृद्ध विदिशा मॉडल’ का शुभारंभ किया। इसके तहत 15,000 युवाओं को प्रशिक्षण, बैंक लोन और किसानों की आय बढ़ाने की कार्ययोजना बनाई गई है।
मुख्य बातें
- केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के विदिशा में समृद्ध विदिशा मॉडल का शुभारंभ किया।
- विदिशा जिले के 15,000 युवाओं को आरसेटी (RSETI) के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण और बैंक लोन उपलब्ध कराया जाएगा।
- आगामी 2 अक्टूबर की ग्राम सभाओं में गरीबी मुक्त गांव बनाने और ग्राम पंचायत विकास कार्ययोजना के प्रस्ताव पारित होंगे।
- विकास कार्यों और आय में बढ़ोतरी की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए ‘विदिशा डेवलपमेंट इंडेक्स’ और डैशबोर्ड तैयार किया जाएगा।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के विदिशा में ‘समृद्ध विदिशा मॉडल’ का औपचारिक शुभारंभ किया है। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) द्वारा जारी विवरण के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को आजीविका के दो से तीन साधनों से जोड़कर पूरे विदिशा जिले को गरीबी मुक्त बनाना है। इस नई योजना के माध्यम से छोटे किसानों, महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार तथा आधुनिक आजीविका गतिविधियों से सीधे जोड़ा जाएगा।
समृद्ध विदिशा मॉडल क्या है और इसका मुख्य उद्देश्य क्या है?
समृद्ध विदिशा मॉडल एक विशेष ग्रामीण विकास योजना है, जिसका लक्ष्य विदिशा जिले के हर गांव को गरीबी से मुक्त करना और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाना है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए इस मॉडल के तहत कृषि, पशुपालन, कौशल प्रशिक्षण और महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से हर परिवार को आजीविका के कम से कम दो साधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
कृषि मंत्री ने विदिशा प्रवास के दौरान आयोजित जिला समृद्धि मॉडल की समीक्षा बैठक में कहा कि केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना गरीबी मिटाने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसके लिए किसानों और ग्रामीण परिवारों को सामूहिक रूप से अपने उत्पाद बेचने, उनकी प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और विपणन से जोड़ना अनिवार्य है।
इस योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर रखने के बजाय गाय-भैंस पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन और मधुमक्खी पालन जैसे सहायक व्यवसायों से जोड़ा जाएगा। इससे किसानों की केवल एक फसल या मौसम पर निर्भरता समाप्त होगी और उनकी नियमित मासिक आय सुनिश्चित हो सकेगी।
समृद्ध विदिशा मॉडल में युवाओं और महिलाओं के लिए क्या प्रावधान हैं?
इस परियोजना के अंतर्गत विदिशा जिले के 15 हजार युवाओं और महिलाओं को सीधे रोजगार तथा आजीविका के अवसरों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) के माध्यम से युवाओं और बेटियों को 30 दिवसीय व्यावहारिक कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में सिलाई, ब्यूटीशियन और अन्य रोजगारपरक ट्रेड शामिल किए गए हैं।
आरसेटी से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली बेटियों में से लगभग 70 प्रतिशत ने नौकरी करने के बजाय स्वयं का व्यवसाय शुरू करने की इच्छा जताई है। सरकार ऐसे सभी प्रशिक्षित प्रतिभागियों को 30 दिन का कोर्स पूरा होने के बाद बैंक लोन उपलब्ध कराने में पूरी मदद करेगी। प्रशिक्षण के लगातार कई बैच संचालित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक युवा अपने पैरों पर खड़े हो सकें और खुद का काम-धंधा शुरू कर सकें।
लखपति दीदी योजना और एफपीओ का एकीकरण
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की दिशा में विशेष प्रयास किए जाएंगे। महिलाओं को विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर उनकी वार्षिक आय को कम से कम एक लाख रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है।
इसके अलावा, किसान उत्पादक संगठनों (FPO) का विस्तार किया जाएगा। एफपीओ के माध्यम से ग्रामीण अपने कच्चे उत्पादों को सीधे बाजार में अच्छे दामों पर बेच सकेंगे। केंद्र सरकार, राज्य सरकार, जिला प्रशासन, ग्राम पंचायतें और स्वयंसेवी संगठन मिलकर इस योजना का संचालन करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि विदिशा में यह प्रयोग सफल होने के बाद इसे देश के अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा।
समृद्ध विदिशा मॉडल की मुख्य विशेषताएं
विदिशा जिले को गरीबी मुक्त बनाने के लिए तैयार की गई इस व्यापक कार्ययोजना की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- विभागीय समन्वय: कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, जल संसाधन, ग्रामीण विकास और कौशल विकास विभागों को एक मंच पर लाया गया है।
- ग्राम सभा की भागीदारी: आगामी 2 अक्टूबर की ग्राम सभाओं में गरीबी उन्मूलन और ग्राम पंचायत विकास के विशेष प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।
- डिजिटल डैशबोर्ड: सभी विकास कार्यों और आय बढ़ोतरी की रियल टाइम ट्रैकिंग के लिए एक केंद्रीय डैशबोर्ड तैयार होगा।
- सामुदायिक फीडबैक: योजनाओं का मूल्यांकन केवल अधिकारियों की रिपोर्ट पर नहीं होगा, बल्कि ग्राम सभा के सीधे फीडबैक के आधार पर पंचायतों का आकलन किया जाएगा।
- मेधावी छात्र प्रोत्साहन: 10वीं और 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जाएंगे और प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क कोचिंग शुरू होगी।
इसका असर: विदिशा डेवलपमेंट इंडेक्स से होगी विकास की निगरानी
जिले में चलाए जा रहे सभी विकास अभियानों और गरीबी उन्मूलन कार्यों की प्रभावी समीक्षा के लिए ‘विदिशा डेवलपमेंट इंडेक्स’ की स्थापना की जा रही है। इसके तहत हर छह महीने में ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर प्रगति का विस्तृत आकलन किया जाएगा।
इस सूचकांक में पानी की उपलब्धता, रोजगार दर, महिलाओं और किसानों की आय में वृद्धि, कौशल विकास, प्रोसेसिंग, मार्केटिंग, जल संरक्षण और रिचार्ज जैसे ठोस मानकों को शामिल किया गया है। कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) फंड, वित्तीय संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों (NGO) को भी इस विकास सूचकांक और अभियान से जोड़ा जाएगा।
विदिशा दौरे के अन्य कार्यक्रम और सामाजिक संदेश
अपने संसदीय क्षेत्र के प्रवास के दौरान केंद्रीय मंत्री ने बाढ़ वाले गणेश मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद वे वात्सल्य स्कूल में आयोजित गणेश उत्सव में शामिल हुए, जहां उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित किया। भगवान गणेश और कार्तिकेय की कथा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि माता-पिता का सम्मान करना और अच्छे कर्म करना ही सच्चा धर्म है। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: समृद्ध विदिशा मॉडल का मुख्य उद्देश्य क्या है? उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य विदिशा जिले के प्रत्येक गांव को गरीबी से मुक्त बनाना और हर ग्रामीण परिवार को कम से कम दो आजीविका साधनों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना है।
प्रश्न: इस योजना के तहत युवाओं को क्या लाभ मिलेगा? उत्तर: जिले के 15 हजार युवाओं और महिलाओं को आरसेटी (RSETI) के जरिए सिलाई व ब्यूटीशियन जैसे व्यावसायिक प्रशिक्षण दिए जाएंगे और अपना स्वरोजगार शुरू करने के लिए बैंक लोन में मदद की जाएगी।
प्रश्न: योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कैसे की जाएगी? उत्तर: विकास कार्यों और आय में वृद्धि की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए ‘विदिशा डेवलपमेंट इंडेक्स’ और एक डिजिटल डैशबोर्ड तैयार किया जाएगा, जिसकी हर छह महीने में समीक्षा होगी।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






