
बारिश के मौसम में दीवारों पर नमी और पपड़ी जमना आम समस्या है। जानिए घर की सीलन को जड़ से खत्म करने के प्रैक्टिकल उपाय।
मुख्य बातें
- सीलन रोकने के लिए सबसे पहले पानी के आने का मुख्य स्रोत (जैसे छत की दरार या पाइप लीक) ढूंढें।
- बाहरी दीवारों पर वाटरप्रूफ कोटिंग और क्रैक फिलर का इस्तेमाल करें।
- बाथरूम और किचन में एग्जॉस्ट फैन चलाकर नमी और भाप को बाहर निकालें।
- फर्नीचर को नम दीवारों से कम से कम दो से तीन इंच दूर रखें ताकि हवा का सर्कुलेशन बना रहे।
घर की सीलन बरसात के दिनों में न केवल घर की खूबसूरती बिगाड़ती है, बल्कि सेहत के लिए भी नुकसानदायक होती है। दीवारें काली पड़ने लगती हैं, पेंट उखड़ने लगता है और घर में अजीब सी बदबू आने लगती है। इस समस्या से स्थाई रूप से छुटकारा पाने के लिए सिर्फ ऊपर से पुट्टी या पेंट करना काफी नहीं है, बल्कि इसके मूल कारण को ठीक करना जरूरी है।
घर की सीलन क्या है?
घर की सीलन दीवारों, छतों या फर्श में नमी के प्रवेश करने और उसके सूख न पाने की स्थिति है। जब मानसून का पानी या जमीन के नीचे की नमी दीवारों के जरिए सोख ली जाती है, तो वह वाष्पित नहीं हो पाती और सतह पर फंगस, पपड़ी या सीलन के रूप में दिखाई देने लगती है।
घर की सीलन के प्रमुख कारण
समस्या को सुलझाने से पहले यह जानना जरूरी है कि नमी कहां से आ रही है। सीलन मुख्य रूप से चार जगहों से फैलती है:
- छत की दरारों या खराब वाटरप्रूफिंग के कारण ऊपर से पानी का रिसना।
- बाथरूम या किचन की अंदरूनी पाइपलाइन में लीकेज होना।
- जमीन से नमी का दीवारों के सहारे ऊपर चढ़ना (राइजिंग डैम्प)।
- बरसात के दिनों में कमरों में वेंटीलेशन की कमी और उमस।
बरसात में घर की सीलन रोकने के उपाय
अगर आपके घर में नमी आनी शुरू हो गई है, तो इन तरीकों से उसे आगे फैलने से रोका जा सकता है:
- लीकेज की जांच करें और प्लंबर या मिस्त्री की मदद से लीक हो रहे पाइप तुरंत बदलवाएं या ठीक करवाएं।
- छत पर एक्रिलिक या सिमेंटBased वाटरप्रूफ कोटिंग करवाएं ताकि बारिश का पानी छत में न समा सके।
- दीवारों के बाहरी हिस्सों पर सीमेंट के साथ वाटरप्रूफ केमिकल मिलाकर प्लास्टर की मरम्मत करवाएं।
- कमरों के अंदर खिड़कियां और दरवाजे थोड़ी देर खुले रखें ताकि क्रॉस वेंटिलेशन से हवा का संचार बना रहे।
- फर्नीचर को नम दीवारों से सटाकर न रखें, उनके बीच थोड़ा गैप छोड़ें।
सीलन और फंगस हटाने की सही प्रक्रिया
दीवारों पर जमी फफूंदी (फंगस) को हटाने के लिए सबसे पहले सैंडपेपर या खुरचनी की मदद से प्रभावित हिस्से की पपड़ी साफ करें। इसके बाद एंटी-फंगल या क्लोरीन सॉल्यूशन से दीवार को धोएं। दीवार पूरी तरह सूखने के बाद उस पर वॉटर-रेपेलेंट प्राइमर लगाएं और फिर एंटी-डैम्प पेंट का कोट करें।
कब बुलाएं किसी प्रोफेशनल को?
यदि सीलन बहुत ज्यादा पुरानी है और घर की नींव तक पहुंच रही है, तो घरेलू नुस्खे काम नहीं आएंगे। ऐसी स्थिति में किसी सर्टिफाइड वाटरप्रूफिंग एक्सपर्ट या सिविल इंजीनियर से संपर्क करें। वे दीवारों में इंजेक्शन ग्राउटिंग तकनीक से नमी को अंदर ही ब्लॉक कर देते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? क्या सिर्फ नया पेंट करवाने से घर की सीलन चली जाती है? उत्तर। नहीं, जब तक सीलन के आने के स्रोत (जैसे लीक पाइप या छत की दरार) को बंद नहीं किया जाता, नया पेंट भी कुछ दिनों में उखड़ जाएगा।
प्रश्न? क्या एसी चलाने से सीलन कम होती है? उत्तर। हां, एयर कंडीशनर का ड्राई मोड कमरे की हवा से अतिरिक्त नमी को सोख लेता है, जिससे दीवारों को सूखने में मदद मिलती है।
प्रश्न? सीलन से सेहत पर क्या असर पड़ता है? उत्तर। लगातार नमी और फंगस के संपर्क में रहने से सांस की बीमारी, दमा (अस्थमा) और त्वचा संबंधी एलर्जी का खतरा बढ़ जाता है।
यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी बड़े निर्माण कार्य या केमिकल के इस्तेमाल से पहले योग्य विशेषज्ञ से सलाह ज़रूर लें।
यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com






