
रसायन और उर्वरक मंत्रालय के औषध विभाग ने 1 से 15 सितंबर तक स्वच्छता पखवाड़ा 2026 मनाया, जिसमें नाईपर संस्थानों और जन औषधि केंद्रों तक सफाई अभियान चलाया गया।
मुख्य बातें
- औषध विभाग ने 1 से 15 सितंबर 2026 तक ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ मनाया।
- सचिव श्री मनोज जोशी ने 1 सितंबर को अधिकारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई।
- संयुक्त सचिव श्री अमन शर्मा के नेतृत्व में नई दिल्ली के जनपथ भवन मार्केट में श्रमदान किया गया।
- देश के सभी सात नाईपर (NIPER) संस्थानों में सफाई अभियान चलाए गए और पौधे लगाए गए।
- पीएमबीआई (PMBI) ने देश भर के जन औषधि केंद्रों तक सफाई अभियान का विस्तार किया।
स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत रसायन और उर्वरक मंत्रालय के औषध विभाग ने 1 से 15 सितंबर 2026 तक देश भर में विशेष स्वच्छता अभियानों का आयोजन किया। इस 15 दिवसीय कार्यक्रम में औषध विभाग, नाईपर संस्थानों, पीएसयू इकाइयों और जन औषधि केंद्रों ने एक साथ मिलकर कार्यस्थलों की सफाई और पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान केंद्रित किया। पीआईबी के अनुसार, यह आयोजन प्रधानमंत्री के ‘स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत’ विजन से प्रेरित होकर किया गया था।
स्वच्छता पखवाड़ा 2026 क्या है?
स्वच्छता पखवाड़ा 2026 केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा आयोजित एक 15 दिवसीय विशेष सफाई कार्यक्रम है, जिसमें औषध विभाग ने 1 से 15 सितंबर तक अपने सभी परिसरों में सफाई अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और सार्वजनिक उपक्रमों में साफ-सफाई, ई-कचरा प्रबंधन और स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा देना है।
स्वच्छता शपथ और अभियानों की शुरुआत
अभियान की औपचारिक शुरुआत 1 सितंबर 2026 को हुई। औषध विभाग के सचिव श्री मनोज जोशी ने विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद विभाग के सभी अनुभागों में पुराने दस्तावेजों की समीक्षा और परिसरों की सफाई का काम तेजी से शुरू किया गया।
पखवाड़े के दौरान केवल आंतरिक सफाई ही नहीं की गई, बल्कि जन-जागरूकता फैलाने के लिए बाहरी स्थानों पर भी गतिविधियां आयोजित की गईं। अधिकारियों ने अपने रोजाना के कामकाजी घंटों के साथ-साथ स्वच्छता गतिविधियों के लिए विशेष समय निकाला।
जनपथ भवन मार्केट में वरिष्ठ अधिकारियों का श्रमदान
इस पहल के तहत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने जमीन पर उतरकर काम किया। संयुक्त सचिव श्री अमन शर्मा के नेतृत्व में औषध विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने नई दिल्ली स्थित जनपथ भवन मार्केट में श्रमदान किया।
इस श्रमदान का मुख्य उद्देश्य आम जनता और स्थानीय दुकानदारों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना था। सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने और कचरे के सही निपटान का संदेश देने के लिए अधिकारियों ने स्वयं झाड़ू उठाई और क्षेत्र को स्वच्छ बनाया।
कार्यालय प्रबंधन, ई-कचरा और कीट-नियंत्रण अभियान
सरकारी दफ्तरों में अक्सर पुराने फर्नीचर और अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक सामान जमा हो जाते हैं। इस 15 दिवसीय अभियान के दौरान औषध विभाग ने अपने सभी कार्यालयों में व्यापक समीक्षा की।
- पुराने सामान का निपटान: फर्नीचर, फिक्स्चर और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की पहचान कर उनकी मरम्मत या नियमानुसार निस्तारण की कार्रवाई की गई।
- कीट-नियंत्रण: कार्यालयों में स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी कमरों और परिसरों में गहन कीट-नियंत्रण (पेस्ट कंट्रोल) अभियान चलाया गया।
- फाइलों का व्यवस्थित प्रबंधन: पुराने कागजात और फाइलों को छांटकर रिकॉर्ड रूम को साफ और सुव्यवस्थित किया गया।
- परिसर की स्वच्छता: दैनिक सफाई व्यवस्था को और सख्त किया गया ताकि कर्मचारियों के लिए स्वस्थ माहौल बना रहे।
सभी सात नाईपर संस्थानों में पौधारोपण और सफाई
देश के सभी सात राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPER) ने इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लिया। नाईपर के संकाय सदस्यों, शोधार्थियों, छात्रों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने मिलकर अपने-अपने संस्थान परिसरों में विशेष सफाई अभियान आयोजित किए।
सफाई के साथ-साथ कई नाईपर परिसरों में वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। छात्रों और प्रोफेसरों ने फलदार और छायादार पौधे लगाए ताकि पर्यावरण को स्वच्छ और हरा-भरा बनाया जा सके। शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह के आयोजनों से युवाओं में सामुदायिक जिम्मेदारी की भावना मजबूत होती है।
जन औषधि केंद्रों तक स्वच्छता संदेश का विस्तार
औषध विभाग के अधीन आने वाले सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) और फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो ऑफ इंडिया (PMBI) ने भी अपने कार्यालयों में स्वच्छता पखवाड़ा मनाया। पीएमबीआई ने इस अभियान को केवल अपने मुख्यालय तक सीमित न रखकर देशभर में फैले प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों तक पहुंचाया।
देश भर के जन औषधि केंद्रों पर साफ-सफाई के विशेष मानक लागू किए गए। चूंकि जन औषधि केंद्रों पर रोजाना लाखों मरीज और आम नागरिक सस्ती दवाएं लेने आते हैं, इसलिए वहां स्वच्छ वातावरण होना बेहद जरूरी है। इस पहल से जन-स्वास्थ्य सुरक्षा का संदेश दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचा।
यह भी जानें: स्वच्छता पखवाड़ा 2026 का आम लोगों पर प्रभाव
सरकारी विभागों में स्वच्छता पखवाड़ा चलाने का सीधा लाभ आम जनता को मिलता है। जब सरकारी दफ्तर, अस्पताल और दवा केंद्र साफ-सुथरे होते हैं, तो वहां आने वाले नागरिकों को एक सुखद अनुभव मिलता है और संक्रमण का खतरा कम होता है।
पुराने और बेकार सामान को हटा देने से कार्यालयों में जगह बनती है और फाइलों के निस्तारण में तेजी आती है, जिससे जनता के प्रशासनिक काम जल्दी निपटते हैं। इसके अतिरिक्त, जन औषधि केंद्रों जैसे सार्वजनिक स्थानों की सफाई से नागरिकों में भी स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? स्वच्छता पखवाड़ा 2026 कब से कब तक आयोजित किया गया?
उत्तर। औषध विभाग द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा 1 सितंबर से 15 सितंबर 2026 तक आयोजित किया गया।
प्रश्न? औषध विभाग के अधिकारियों ने नई दिल्ली में कहां श्रमदान किया?
उत्तर। संयुक्त सचिव श्री अमन शर्मा के नेतृत्व में अधिकारियों ने नई दिल्ली के जनपथ भवन मार्केट में श्रमदान किया।
प्रश्न? क्या जन औषधि केंद्रों पर भी सफाई अभियान चलाया गया?
उत्तर। हां, फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो ऑफ इंडिया (PMBI) ने इस अभियान को देश भर के जन औषधि केंद्रों तक विस्तारित किया।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






