
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा से मुलाकात कर रणनीतिक संबंधों की समीक्षा की।
मुख्य बातें
- 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय बैठक आयोजित हुई।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की।
- पीएम मोदी ने दक्षिण अफ्रीका को इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) में शामिल होने का न्योता दिया।
- दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति रामाफोसा ने ब्रिक्स सम्मेलन के सफल आयोजन और आतिथ्य के लिए आभार व्यक्त किया।
- दोनों देशों ने बहुपक्षीय मंचों और वैश्विक मुद्दों पर घनिष्ठ समन्वय बनाए रखने पर सहमति जताई।
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली में पीएम मोदी मुलाकात दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा के साथ आयोजित हुई। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, 13 सितंबर 2026 को दोनों शीर्ष नेताओं ने भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच रणनीतिक साझेदारी की व्यापक समीक्षा की। बैठक के दौरान द्विपक्षीय व्यापार, ऐतिहासिक संबंधों, सांस्कृतिक जुड़ाव तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आपसी समन्वय को और सुदृढ़ करने पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
पीएम मोदी मुलाकात के दौरान भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच क्या चर्चा हुई?
पीएम मोदी मुलाकात में भारत और दक्षिण अफ्रीका के द्विपक्षीय संबंधों और 18वें ब्रिक्स सम्मेलन के वैश्विक एजेंडे पर विस्तृत चर्चा हुई। नई दिल्ली में 13 सितंबर 2026 को हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा को इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) में शामिल होने का न्योता दिया। दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी, व्यापारिक संबंधों और वन्यजीव संरक्षण में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
रणनीतिक साझेदारी और व्यापारिक संबंधों की व्यापक समीक्षा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। प्रेस सूचना ब्यूरो के अनुसार, दोनों नेताओं ने भारत-दक्षिण अफ्रीका रणनीतिक साझेदारी को नए आयाम देने की प्रतिबद्धता दोहराई। व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमति बनी।
दक्षिण अफ्रीका और भारत के आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। दोनों देश आईबीएसए (IBSA – भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका) और ब्रिक्स (BRICS) जैसे प्रमुख बहुपक्षीय मंचों के माध्यम से वैश्विक दक्षिण (Global South) की प्राथमिकताओं को विश्व स्तर पर उठाने का काम कर रहे हैं। इस द्विपक्षीय वार्ता के दौरान व्यापारिक बाधाओं को दूर करने और दोनों देशों के बीच वस्तुओं एवं सेवाओं के प्रवाह को और सुगम बनाने पर चर्चा हुई।
चीता पुनर्वास और इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस का निमंत्रण
बैठक में वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सहयोग एक महत्वपूर्ण विषय बनकर उभरा। दक्षिण अफ्रीका से भारत में चीतों के सफल स्थानांतरण का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति रामाफोसा को धन्यवाद दिया। भारत में विलुप्त हो चुके चीतों को पुनर्स्थापित करने की राष्ट्रीय परियोजना के तहत दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण अफ्रीका को इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। भारत द्वारा शुरू किया गया यह वैश्विक गठबंधन बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा जैसी सात बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण के लिए समर्पित है। दक्षिण अफ्रीका जैसे समृद्ध वन्यजीव विविधता वाले देश के इस गठबंधन में शामिल होने से वैश्विक स्तर पर चीता एवं अन्य बिग कैट प्रजातियों के संरक्षण अभियानों को नई गति मिलेगी।
ऐतिहासिक संघर्ष और जन-जन के बीच गहरे कूटनीतिक संबंध
प्रेस सूचना ब्यूरो के आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, दोनों नेताओं ने इस बात की पुष्टि की कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के संबंध केवल कूटनीतिक औपचारिकताओं तक सीमित नहीं हैं। दोनों राष्ट्रों का संबंध साझा ऐतिहासिक संघर्षों, औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध लड़ाई, सुदृढ़ सांस्कृतिक समानताओं तथा दोनों देशों के नागरिकों के बीच गहरे आत्मीय संबंधों पर आधारित है।
महात्मा गांधी की कर्मभूमि रहे दक्षिण अफ्रीका का भारत के साथ एक गहरा भावनात्मक और ऐतिहासिक संबंध है। नेल्सन मंडेला और महात्मा गांधी के विचारों की विरासत दोनों देशों के संबंधों का नैतिक आधार रही है। बैठक में दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने जन-जन के बीच जुड़ाव (People-to-People Contacts) को और प्रगाढ़ करने के लिए अकादमिक एक्सचेंज, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पर्यटन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
पीएम मोदी मुलाकात का कूटनीतिक महत्व और ब्रिक्स मंच
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अवसर पर हुई इस पीएम मोदी मुलाकात का कूटनीतिक दृष्टि से अत्यधिक महत्व है। वैश्विक अनिश्चितताओं, आर्थिक चुनौतियों और जलवायु परिवर्तन के दौर में भारत और दक्षिण अफ्रीका का एक साथ आना विकासशील देशों की आवाज को मजबूती प्रदान करता है। दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र (UN), जी-20 (G20) और ब्रिक्स (BRICS) जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर घनिष्ठ समन्वय बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की।
बैठक के समापन पर दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने भारत सरकार और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रदान किए गए गर्मजोशी पूर्ण आतिथ्य के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल और सुचारू आयोजन के लिए प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी और भारत के नेतृत्व की सराहना की।
यह भी जानें: भारत और दक्षिण अफ्रीका के संबंधों की पृष्ठभूमि
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच रणनीतिक साझेदारी 1997 में हस्ताक्षरित ‘रेड फोर्ट डिक्लेरेशन’ से शुरू हुई थी। इसके बाद से दोनों देशों ने अपने राजनयिक और व्यापारिक संबंधों को निरंतर मजबूत किया है। वैश्विक मंचों पर दोनों देश विकासशील देशों के अधिकारों, सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और वैश्विक संस्थानों में संरचनात्मक सुधारों के लिए मिलकर आवाज उठाते रहे हैं।
पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भी दोनों देशों का सहयोग ऐतिहासिक रहा है। भारत के प्रोजेक्ट चीता में दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया की भूमिका प्रमुख रही है। भारत द्वारा गठित इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस का लक्ष्य विश्व के विभिन्न देशों के साथ मिलकर संकटग्रस्त वन्यजीव प्रजातियों का संरक्षण करना और अवैध वन्यजीव व्यापार पर रोक लगाना है।
मुख्य बिंदु: वार्ता के प्रमुख तथ्य
- तिथि और स्थल: 13 सितंबर 2026 को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली में बैठक आयोजित की गई।
- रणनीतिक सहयोग: पीएम मोदी और राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने भारत-दक्षिण अफ्रीका संबंधों की समीक्षा की।
- बिग कैट एलायंस: चीता स्थानांतरण की सफलता के बाद पीएम मोदी ने दक्षिण अफ्रीका को IBCA में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
- ऐतिहासिक संबंध: दोनों नेताओं ने साझा ऐतिहासिक संघर्षों, सांस्कृतिक समानताओं और जन-जन के संबंधों को रेखांकित किया।
- धन्यवाद ज्ञापन: राष्ट्रपति रामाफोसा ने ब्रिक्स सम्मेलन के सफल आयोजन और भारत के आतिथ्य के लिए आभार जताया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: पीएम मोदी और सिरिल रामाफोसा की यह द्विपक्षीय बैठक कहां आयोजित हुई? उत्तर: यह द्विपक्षीय बैठक 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान हुई।
प्रश्न: प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण अफ्रीका को किस वैश्विक पहल में शामिल होने का निमंत्रण दिया? उत्तर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण अफ्रीका को ‘इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस’ (IBCA) में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।
प्रश्न: बैठक में वन्यजीव संरक्षण को लेकर क्या चर्चा हुई? उत्तर: दक्षिण अफ्रीका से भारत में चीतों के सफल स्थानांतरण की सराहना की गई और पर्यावरण तथा जैव विविधता संरक्षण में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






