
नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेत्तिमा मुस्तफा के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक की।
मुख्य बातें
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेत्तिमा से वार्ता की।
- नाइजीरियाई प्रतिनिधिमंडल में विदेश, व्यापार, डिजिटल प्रौद्योगिकी, मानवीय कार्य, महिला विकास और विज्ञान-प्रौद्योगिकी मंत्रालयों के मंत्री शामिल रहे।
- दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य और डिजिटल प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की।
- ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं और एक समावेशी, बहुध्रुवीय अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के निर्माण पर सहमति जताई गई।
भारत नाइजीरिया संबंध को एक नई रणनीतिक ऊंचाई देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेत्तिमा मुस्तफा से द्विपक्षीय वार्ता की। यह बैठक 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान आयोजित की गई। नाइजीरियाई उपराष्ट्रपति इस सम्मेलन में अपने देश के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय और प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, दोनों नेताओं ने आपसी हितों से जुड़े कई द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तृत बातचीत की।
भारत नाइजीरिया संबंध को लेकर ब्रिक्स सम्मेलन में क्या फैसले हुए?
भारत नाइजीरिया संबंध के तहत दोनों देशों ने द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने तथा व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और डिजिटल प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया। नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर हुई इस बैठक में ग्लोबल साउथ की चिंताओं को प्रमुखता से उठाने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिलकर काम करने पर सहमति बनी।
बैठक में दोनों नेताओं ने अब तक हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। भारत और नाइजीरिया के बीच आर्थिक और सामरिक संबंधों को अधिक व्यापक बनाने के लिए दोनों सरकारों के बीच विभिन्न स्तरों पर संपर्क बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
द्विपक्षीय वार्ता में किन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति काशिम शेत्तिमा मुस्तफा के बीच हुई बैठक में प्राथमिक क्षेत्रों की समीक्षा की गई। दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। वार्ता के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया:
- व्यापार एवं निवेश: दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने, निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहन देने और निवेश के नए अवसर तलाशने पर चर्चा हुई।
- रक्षा एवं सुरक्षा: रक्षा सहयोग को मजबूत करने, समुद्री सुरक्षा तथा आतंकवाद विरोधी अभियानों में आपसी तालमेल बढ़ाने पर सहमति बनी।
- ऊर्जा साझेदारी: पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा और तेल व गैस क्षेत्र में सहयोग को विस्तार देने का फैसला हुआ।
- कृषि और खाद्य सुरक्षा: कृषि प्रौद्योगिकी, आधुनिक खेती के तरीकों और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त पहलों पर बात की गई।
- स्वास्थ्य और औषधि: स्वास्थ्य ढांचे के विकास, सस्ती दवाओं की आपूर्ति और चिकित्सा अनुसंधान में आपसी सहयोग को गति देने का निर्णय लिया गया।
- डिजिटल प्रौद्योगिकी: भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के अनुभवों को साझा करने और नाइजीरिया में डिजिटल नवाचार को बढ़ावा देने पर सहमति बनी।
नाइजीरियाई प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल थे?
नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेत्तिमा मुस्तफा के साथ भारत दौरे पर एक बड़ा आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल आया है। इस प्रतिनिधिमंडल में नाइजीरियाई सरकार के कई प्रमुख कैबिनेट मंत्री शामिल हैं। इसमें विदेश मामले मंत्रालय, उद्योग व्यापार एवं निवेश मंत्रालय, संचार नवाचार एवं डिजिटल प्रौद्योगिकी मंत्रालय, मानवीय कार्य एवं गरीबी उन्मूलन मंत्रालय, महिला कार्य मंत्रालय तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के शीर्ष मंत्री और अधिकारी शामिल हैं।
इतने विस्तृत प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति दर्शाती है कि नाइजीरिया भारत के साथ अपने बहुआयामी संबंधों को कितना महत्व देता है। बैठक के दौरान नाइजीरियाई मंत्रियों ने भारतीय समकक्षों के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में सहयोग की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया।
भारत नाइजीरिया संबंध का ग्लोबल साउथ पर क्या असर पड़ेगा?
दोनों नेताओं की बातचीत में ग्लोबल साउथ यानी विकासशील और विकसित हो रहे देशों की प्राथमिकताओं पर विशेष जोर दिया गया। भारत लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ग्लोबल साउथ की आवाज उठाता रहा है। नाइजीरिया पश्चिमी अफ्रीका का सबसे बड़ा अर्थव्यवस्था और सबसे अधिक आबादी वाला देश है। ऐसे में भारत और नाइजीरिया का एक साथ आना पूरे अफ्रीकी महाद्वीप के लिए सकारात्मक संकेत है।
बैठक में बहुपक्षीय मंचों जैसे संयुक्त राष्ट्र (UN) और ब्रिक्स में सहयोग को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। दोनों देशों ने एक अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण, समावेशी और बहुध्रुवीय अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के निर्माण की दिशा में मिलकर काम करने का संकल्प लिया। इससे विकासशील देशों के हितों को वैश्विक नीति-निर्माण में सही स्थान मिल सकेगा।
अफ्रीका नीति में नाइजीरिया का रणनीतिक स्थान
भारत की ‘अफ्रीका आउटरीच’ रणनीति में नाइजीरिया एक केंद्रीय स्तंभ की भूमिका निभाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में स्पष्ट किया कि भारत अफ्रीका के साथ अपने जुड़ाव को और गहरा करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। भारत ने नाइजीरिया में क्षमता निर्माण, बुनियादी ढांचे के विकास और कौशल विकास में लगातार योगदान दिया है।
उपराष्ट्रपति काशिम शेत्तिमा ने भारत के विकास मॉडल और आर्थिक प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि नाइजीरिया में मानवीय संसाधन विकास और आर्थिक सुधारों में भारत का तकनीकी और आर्थिक सहयोग अत्यंत मददगार साबित हुआ है। नाइजीरियाई पक्ष ने भारतीय कंपनियों द्वारा वहां किए जा रहे निवेश और रोजगार सृजन की भी सराहना की।
भविष्य की रूपरेखा: आगे क्या होगा?
इस उच्चस्तरीय मुलाकात के बाद दोनों देशों के प्रासंगिक मंत्रालय तय किए गए क्षेत्रों में प्रगति की समीक्षा के लिए आगामी महीनों में संयुक्त कार्य समूह की बैठकें आयोजित करेंगे। रक्षा और डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विशेष समझौतों पर काम आगे बढ़ाया जाएगा।
भारत और नाइजीरिया का यह साझा प्रयास न केवल दोनों देशों के द्विपक्षीय व्यापार को नई गति देगा, बल्कि शांति, समृद्धि और सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में भी अहम योगदान देगा। ब्रिक्स सम्मेलन के इस मंच ने दोनों लोकतांत्रिक देशों के ऐतिहासिक संबंधों को एक नया आयाम दिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: PM मोदी और नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति की मुलाकात कहां और कब हुई?
उत्तर: यह द्विपक्षीय बैठक नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान 13 सितंबर 2026 को हुई।
प्रश्न: भारत नाइजीरिया संबंध में किन प्रमुख क्षेत्रों पर सहमति बनी है?
उत्तर: व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य और डिजिटल प्रौद्योगिकी में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति बनी है।
प्रश्न: ब्रिक्स सम्मेलन में नाइजीरियाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किसने किया?
उत्तर: नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेत्तिमा मुस्तफा ने ब्रिक्स सम्मेलन में अपने देश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






