
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश के माध्यम से फ्रांस की राजधानी पेरिस में नवनिर्मित स्वामीनारायण मंदिर के लोकार्पण समारोह को संबोधित किया।
मुख्य बातें
- पीआईबी के अनुसार, फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण किया गया।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश के जरिए इस ऐतिहासिक आयोजन को संबोधित किया।
- इस मंदिर का निर्माण ‘मेड इन इंडिया’ पत्थरों और फ्रांस की आधुनिक इंजीनियरिंग के समन्वय से हुआ है।
- भारत और फ्रांस के बीच वर्ष 2026 को ‘इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन’ के रूप में मनाया जा रहा है।
पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश के जरिए फ्रांस की राजधानी पेरिस में नवनिर्मित स्वामीनारायण मंदिर के लोकार्पण समारोह को संबोधित किया। यह नया सांस्कृतिक केंद्र भारत और फ्रांस के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों और प्राचीन आध्यात्मिक परंपराओं का प्रतीक बनकर उभरा है। इस पावन अवसर पर दुनिया भर से आए हरि भक्त और BAPS संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
पीआईबी के अनुसार, प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पेरिस में इस भव्य मंदिर का निर्माण दोनों देशों के सांस्कृतिक रिश्तों में एक नया अध्याय जोड़ता है। यह मंदिर ‘मेड इन इंडिया’ और ‘बिल्ट इन फ्रांस’ का अनूठा उदाहरण है, जिसके कई पत्थरों को भारत में तराशा गया है और यहाँ आधुनिक इंजीनियरिंग के साथ जोड़ा गया है।
सांस्कृतिक संबंधों का नया युग
भारत और पिछले कुछ वर्षों में अपने रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले गए हैं। पेरिस का यह नया स्वामीनारायण मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह वसुधैव कुटुंबकम की भावना को यूरोप की धरती पर जीवंत करता है। इससे पहले 2024 में अबू धाबी में भी एक भव्य मंदिर का लोकार्पण किया गया था, जो दुनिया भर में सनातन संस्कृति के विस्तार को दर्शाता है।
दोनों देश वर्तमान में टेक्नोलॉजी, रक्षा, अंतरिक्ष और जलवायु कार्रवाई जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि फ्रांस के साथ हमारे ऐतिहासिक संबंध बहुत गहरे हैं, जिसमें फ्रांसीसी विद्वानों द्वारा संस्कृत के प्रचार-प्रसार से लेकर योग और आत्मकथात्मक यात्राओं तक का लंबा इतिहास शामिल है।
भारत-फ्रांस साझेदारी की मजबूती
- पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का आधिकारिक लोकार्पण संपन्न हुआ।
- मंदिर के निर्माण में भारतीय शिल्पकारों की कला और फ्रांसीसी इंजीनियरिंग का मेल है।
- वर्ष 2026 को भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष के रूप में सेलिब्रेट किया जा रहा है।
- यह मंदिर यूरोप के लोगों के लिए सेवा और भारतीय संस्कृति का केंद्र बनेगा।
इस्कॉन के माध्यम से आध्यात्मिक रिश्तों की शुरुआत से लेकर आज BAPS संस्था के इस नए केंद्र तक, फ्रांस में भारतीय संस्कृति की गूंज लगातार बढ़ रही है। एफिल टॉवर के सामने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर होने वाले आयोजन भी दोनों देशों के आम लोगों के बीच मजबूत सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? पेरिस में किस मंदिर का लोकार्पण किया गया है?
उत्तर। पीआईबी के अनुसार, पेरिस में BAPS संस्था द्वारा निर्मित भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण किया गया है।
प्रश्न? इस मंदिर की क्या विशेषता है?
उत्तर। यह मंदिर ‘मेड इन इंडिया’ और ‘बिल्ट इन फ्रांस’ का प्रतीक है, जिसके पत्थर भारत में तराशे गए हैं और यहाँ आधुनिक इंजीनियरिंग से जोड़े गए हैं।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






