
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 8 से 10 सितंबर 2026 तक श्रीलंका की आधिकारिक यात्रा करेंगे, जहां वे द्विपक्षीय संबंधों और रक्षा सहयोग पर चर्चा करेंगे।
मुख्य बातें
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 8 से 10 सितंबर, 2026 तक श्रीलंका की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे।
- वे रक्षा और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
- कोलंबो में प्रवास के दौरान वे वहां रहने वाले भारतीय प्रवासियों से भी बातचीत करेंगे।
- यह दौरा भारत की ‘पड़ोसी सर्वोपरि’ नीति और ‘महासागर’ दृष्टिकोण को और सुदृढ़ करेगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 8 से 10 सितंबर, 2026 तक श्रीलंका यात्रा पर रहने वाले हैं। पीआईबी के अनुसार, इस आधिकारिक दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच पारंपरिक रूप से मजबूत और मैत्रीपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयां देना है।
श्रीलंका यात्रा का उद्देश्य और मुख्य कार्यक्रम
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपनी श्रीलंका यात्रा के दौरान वहां के शीर्ष नेतृत्व से कई अहम मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श करेंगे। कोलंबो में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में वे भारतीय प्रवासियों के साथ भी सीधा संवाद स्थापित करेंगे। इस कूटनीतिक दौरे पर उनके साथ रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे, जो एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं। भारत और श्रीलंका के संबंध हमेशा से सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से बेहद गहरे रहे हैं, और यह उच्च स्तरीय दौरा इस पुरानी साझेदारी में एक नया अध्याय जोड़ेगा।
दोनों पड़ोसी देशों के बीच आपसी सहयोग का दायरा क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा मामलों, आर्थिक भागीदारी और मजबूत जन-संबंधों तक फैला हुआ है। पिछले कुछ वर्षों में इन द्विपक्षीय संबंधों को उस वक्त और अधिक मजबूती मिली जब भारत ने संकट की घड़ी में अपने पड़ोसी की मदद की। विशेष रूप से, जब श्रीलंका आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा था, तब भारत ने खुलकर उसका साथ निभाया। इसके अलावा, साल 2025 में आए चक्रवात दितवाह के बाद राहत कार्यों में भी भारत ने अग्रणी भूमिका निभाते हुए मानवीय सहायता पहुंचाई थी।
श्रीलंका यात्रा से मजबूत होगी समुद्री सुरक्षा साझेदारी
यह श्रीलंका यात्रा भारत की ‘पड़ोसी सर्वोपरि’ नीति के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। साथ ही, इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘महासागर’ (क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) के दृष्टिकोण को भी पर्याप्त बल मिलता है। कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि रक्षा मंत्री के इस दौरे से पारस्परिक रूप से लाभकारी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा। इसमें एक मजबूत समुद्री और रक्षा साझेदारी शामिल है, जो हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और शांति बनाए रखने के लिए बेहद आवश्यक है।
भारत और श्रीलंका के बीच रक्षा और कूटनीतिक संवाद का यह सिलसिला दोनों राष्ट्रों के साझा हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य में समुद्री सुरक्षा और आपसी विश्वास को बढ़ावा देना दोनों सरकारों की प्राथमिकता रही है। इस यात्रा के दौरान कई नए समझौतों और मौजूदा रणनीतिक पहलों की समीक्षा किए जाने की पूरी उम्मीद है, जिससे भविष्य में क्षेत्रीय स्थिरता और मजबूत होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की श्रीलंका यात्रा कब से कब तक होगी?
उत्तर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 8 से 10 सितंबर, 2026 तक श्रीलंका की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे।
प्रश्न? इस यात्रा के दौरान वे किससे मिलेंगे?
उत्तर। वे श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व के साथ चर्चा करेंगे और कोलंबो में भारतीय प्रवासियों से बातचीत करेंगे।
प्रश्न? इस दौरे का मुख्य आधार क्या है?
उत्तर। यह दौरा रक्षा, क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और भारत की ‘पड़ोसी सर्वोपरि’ नीति पर आधारित है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






