
अप्रैल से अगस्त 2026 की अवधि में भारत का क्रूड इस्पात उत्पादन 1.8 प्रतिशत बढ़कर 70.3 मिलियन टन पहुंच गया है। घरेलू मांग में 7 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
मुख्य बातें
- अप्रैल-अगस्त 2026 में क्रूड इस्पात उत्पादन 1.8% बढ़कर 70.3 मिलियन टन हुआ
- तैयार इस्पात की घरेलू खपत 7% की तेजी के साथ 70.3 मिलियन टन पहुंची
- तैयार इस्पात का निर्यात 34.1% बढ़कर 2,986 हजार टन दर्ज हुआ
- एनएमडीसी का अगस्त 2026 में लौह अयस्क उत्पादन 20.8% बढ़कर 4.07 मिलियन टन रहा
भारत में इस्पात उत्पादन में चालू वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती पांच महीनों के दौरान लगातार सुधार देखा गया है। पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के अनुसार अप्रैल से अगस्त 2026 की अवधि में देश का कुल क्रूड इस्पात उत्पादन बढ़कर 70.3 मिलियन टन तक पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 69.0 मिलियन टन था, जो 1.8 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्शाती है। घरेलू बाजार में निर्माण और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की रफ्तार से इस्पात की मांग में भी तेजी आई है।
भारत में इस्पात उत्पादन के ताजा आंकड़े क्या हैं?
पत्र सूचना कार्यालय के अनुसार अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच भारत का क्रूड इस्पात उत्पादन 70.3 मिलियन टन दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 1.8 प्रतिशत अधिक है। इस अवधि के दौरान देश में तैयार इस्पात की खपत 7 प्रतिशत बढ़कर 70.3 मिलियन टन रही। वहीं तैयार इस्पात उत्पादन भी 3.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 68.1 मिलियन टन के स्तर पर पहुंच गया।
भारत में इस्पात उत्पादन और मांग की स्थिति
आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक अगस्त 2026 के महीने में क्रूड इस्पात का उत्पादन 14.1 मिलियन टन रहा, जो पिछले साल के अगस्त महीने के लगभग बराबर है। हालांकि अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान हॉट मेटल का कुल उत्पादन 40.0 मिलियन टन रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के 39.2 मिलियन टन से 1.9 प्रतिशत अधिक है।
घरेलू बाजार में तैयार इस्पात की मांग में तेजी देखी गई है। अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान तैयार इस्पात की खपत 70.3 मिलियन टन दर्ज की गई, जबकि अप्रैल-अगस्त 2025 में यह 65.7 मिलियन टन थी। केवल अगस्त 2026 में तैयार इस्पात की खपत 14.3 मिलियन टन रही, जो अगस्त 2025 के 13.8 मिलियन टन से 3.9 प्रतिशत अधिक है। मांग में यह बढ़ोतरी बुनियादी ढांचा विकास और निर्माण गतिविधियों में तेजी को दर्शाती है।
प्रमुख कंपनियों का प्रदर्शन और इस्पात उत्पादन
देश की शीर्ष सात इस्पात उत्पादक कंपनियों ने कुल उत्पादन में मुख्य भूमिका निभाई है। इनमें स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल), आरआईएनएल, एनएसएल, टीएसएल समूह, एएम/एनएस, जेएसएल-जेएसपीएल और जेएसडब्ल्यू समूह शामिल हैं। इन शीर्ष सात उत्पादकों की वार्षिक क्रूड इस्पात क्षमता 117.4 मिलियन टन है। इन्होंने अप्रैल-अगस्त 2026 के दौरान 39.2 मिलियन टन क्रूड इस्पात उत्पादन, 37.2 मिलियन टन हॉट मेटल और 36.5 मिलियन टन तैयार इस्पात का उत्पादन किया।
शेष उत्पादकों की वार्षिक क्षमता 105.4 मिलियन टन है और उन्होंने 31.1 मिलियन टन क्रूड इस्पात का योगदान दिया। इस प्रकार देश का कुल क्रूड इस्पात उत्पादन 70.3 मिलियन टन तक पहुंचा। आंकड़ों के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की हिस्सेदारी कुल क्रूड इस्पात उत्पादन में 15.8 प्रतिशत और हॉट मेटल में 30.0 प्रतिशत रही।
केंद्रीय इस्पात मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने हाल ही में सेल के प्रदर्शन, पूंजीगत व्यय और विस्तार योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने सेल को आधुनिक बनाने, क्षमता विस्तार करने और परिचालन दक्षता बढ़ाने के निर्देश दिए। इस बीच सेल को टॉप एम्प्लॉयर्स इंस्टीट्यूट से दिसंबर 2027 तक के लिए ‘टॉप एम्प्लॉयर’ का प्रमाणन भी हासिल हुआ है।
तैयार इस्पात का आयात-निर्यात और कीमतें
अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान भारत मात्रा के हिसाब से तैयार इस्पात का शुद्ध आयातक (नेट इम्पोर्टर) बना रहा। इस दौरान देश में तैयार इस्पात का आयात 29.5 प्रतिशत बढ़कर 3,487.3 हजार टन (₹36,193.9 करोड़) हो गया, जो पिछले वर्ष 2,692.8 हजार टन (₹26,172.6 करोड़) था। वहीं दूसरी तरफ भारत से तैयार इस्पात का निर्यात भी 34.1 प्रतिशत बढ़कर 2,986.0 हजार टन (₹23,646.6 करोड़) पर पहुंच गया।
चार प्रमुख महानगरों— कोलकाता, दिल्ली, मुंबई और चेन्नई के औसत थोक बाजार मूल्यों के विश्लेषण से पता चलता है कि अगस्त 2026 में इस्पात की कीमतें इस प्रकार रहीं:
- टीएमटी (10 मिमी): अगस्त में कीमत ₹58,002 प्रति टन रही, जो जुलाई की तुलना में 2.3 प्रतिशत और वार्षिक आधार पर 5.8 प्रतिशत अधिक है।
- एचआर कॉइल (2 मिमी): अगस्त में औसत भाव ₹70,448 प्रति टन दर्ज किया गया, जिसमें वार्षिक आधार पर 15.5 प्रतिशत की तेजी आई।
- सीआर कॉइल (0.63 मिमी): इसकी कीमत अगस्त में ₹76,462 प्रति टन रही, जो सालाना आधार पर 13.3 प्रतिशत अधिक है।
- जीपी शीट (0.63 मिमी): अगस्त में इसका मूल्य ₹86,668 प्रति टन रहा, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 17.7 प्रतिशत बढ़ा है।
कच्चे माल की कीमतें, एनएमडीसी और हरित पहल
इस्पात उद्योग के लिए प्रमुख कच्चे माल की कीमतों में अगस्त के दौरान नरमी देखी गई। एनएमडीसी के बैलाडिला लम्प (65.5% Fe) की कीमत अगस्त 2026 में घटकर ₹5,250 प्रति टन हो गई, जो जुलाई के मुकाबले 3.7 प्रतिशत कम है। एनएमडीसी बैलाडिला फाइन्स की कीमत 4.3 प्रतिशत घटकर ₹4,500 प्रति टन दर्ज की गई। मॉयल (MOIL) के मैंगनीज ओर लम्प की कीमत 5 प्रतिशत गिरकर ₹17,603 प्रति टन रही, जबकि स्क्रैप एचएमएस-II की कीमत 3.6 प्रतिशत बढ़कर ₹39,970 प्रति टन हो गई।
खनन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एनएमडीसी ने अगस्त 2026 में 4.07 मिलियन टन लौह अयस्क का उत्पादन किया, जो 20.8 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि है। कंपनी की किरंदुल, बचेली और डोनिमलाई खदानों ने अगस्त का अपना सर्वकालिक सर्वाधिक उत्पादन हासिल किया। एनएमडीसी ने अपने 2 मिलियन टन क्षमता वाले नगरनार पेलेट प्लांट में इंड्यूरेटिंग मशीन भी चालू कर दी है।
पर्यावरण और स्थिरता के मोर्चे पर सेल के भिलाई स्टील प्लांट ने भिलाई और चंद्रपुर फेरो एलॉय प्लांट के लिए एक कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) डैशबोर्ड पेश किया है, जिससे दैनिक कार्बन उत्सर्जन की सटीक ट्रैकिंग हो सकेगी। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अनुसंधान और हरित प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के लिए एसआरटीएमआई (SRTMI) ने स्वीडन की संस्था स्वेरिम (SWERIM) के साथ समझौता किया है। इसके अलावा कनाडा के उप मंत्री ग्लेन पर्व्स ने इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक से मुलाकात कर व्यापार और प्रौद्योगिकी में द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? अप्रैल-अगस्त 2026 में भारत का कुल इस्पात उत्पादन कितना रहा?
उत्तर: अप्रैल से अगस्त 2026 की अवधि में भारत का कुल क्रूड इस्पात उत्पादन 70.3 मिलियन टन रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 1.8 प्रतिशत अधिक है।
प्रश्न? क्या अप्रैल-अगस्त 2026 के दौरान भारत इस्पात का शुद्ध आयातक रहा?
उत्तर: हां, मात्रा के आधार पर भारत अप्रैल-अगस्त 2026 के दौरान तैयार इस्पात का शुद्ध आयातक रहा, जहां 3,487.3 हजार टन का आयात और 2,986.0 हजार टन का निर्यात हुआ।
प्रश्न? एनएमडीसी ने अगस्त 2026 में कितना लौह अयस्क उत्पादन दर्ज किया?
उत्तर: एनएमडीसी ने अगस्त 2026 में 4.07 मिलियन टन लौह अयस्क का उत्पादन किया, जो सालाना आधार पर 20.8 प्रतिशत की वृद्धि है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






