
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के 2 साल के चक्र, अंक प्रणाली (PCT), स्लो ओवर-रेट पेनल्टी और फाइनल में पहुँचने के नियमों की आसान समझ।
मुख्य बातें
- विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2 साल के चक्र में खेली जाने वाली 9 टीमों की ICC लीग है।
- रैंकिंग का फैसला कुल अंकों से नहीं, बल्कि हासिल किए गए अंक प्रतिशत (PCT) से होता है।
- प्रत्येक मैच जीतने पर 12 अंक, टाई पर 6 अंक और ड्रॉ पर 4 अंक मिलते हैं।
- अंक तालिका की टॉप-2 टीमें न्यूट्रल वेन्यू पर WTC फाइनल खेलती हैं।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की दो साल लंबी टेस्ट क्रिकेट लीग है, जिसमें दुनिया की शीर्ष नौ टीमें हिस्सा लेती हैं। द्विपक्षीय टेस्ट सीरीज को प्रतिस्पर्धी और रोमांचक बनाने के लिए आईसीसी ने इस चैंपियनशिप की शुरुआत की थी।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप क्या है और यह कैसे काम करती है?
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) आईसीसी द्वारा आयोजित दो साल का एक टूर्नामेंट है, जिसमें शीर्ष 9 टेस्ट टीमें 6 सीरीज खेलती हैं। इसमें कुल अंकों के बजाय अंक प्रतिशत (PCT) के आधार पर रैंकिंग तय होती है। अंक तालिका में शीर्ष दो पर रहने वाली टीमें न्यूट्रल वेन्यू पर फाइनल खेलती हैं।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का 2 साल का चक्र
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का आयोजन दो-दो साल के चक्र (Cycle) में किया जाता है। एक चक्र के दौरान हर टीम को कुल 6 टेस्ट सीरीज खेलनी होती हैं। इनमें से 3 सीरीज अपने घरेलू मैदान (Home) पर और 3 सीरीज विरोधी टीम के देश (Away) में खेली जाती हैं।
आईसीसी यह तय नहीं करता कि किस सीरीज में कितने मैच होंगे। दो देशों के क्रिकेट बोर्ड आपस में सहमति बनाकर 2 से लेकर 5 मैचों की सीरीज तय करते हैं। उदाहरण के लिए, भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की सीरीज हो सकती है, जबकि श्रीलंका और न्यूजीलैंड के बीच 2 मैचों की सीरीज हो सकती है।
अंक प्रणाली और अंक प्रतिशत (PCT) की गणना
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में टीमों की रैंकिंग कुल अंकों (Points) से तय नहीं होती। इसका कारण यह है कि सभी टीमें एक समान संख्या में मैच नहीं खेलतीं। इसलिए आईसीसी अंक प्रतिशत (Points Percentage – PCT) का उपयोग करता है।
प्रत्येक मैच के लिए अंक इस प्रकार विभाजित किए गए हैं:
| मैच का परिणाम | मिले अंक (Points) | अंक प्रतिशत (PCT) |
|---|---|---|
| जीत (Win) | 12 | 100% |
| टाई (Tie) | 6 | 50% |
| ड्रॉ (Draw) | 4 | 33.33% |
| हार (Loss) | 0 | 0% |
अंक प्रतिशत निकालने का फॉर्मूला सीधा है: (हासिल किए गए कुल अंक ÷ उपलब्ध कुल अधिकतम अंक) × 100
PCT की गणना का व्यावहारिक उदाहरण
मान लीजिए भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 4 मैचों की टेस्ट सीरीज होती है।
- प्रत्येक मैच में अधिकतम 12 अंक उपलब्ध होते हैं, इसलिए 4 मैचों की सीरीज में कुल उपलब्ध अंक = 48।
- यदि भारत 2 मैच जीतता है, 1 मैच ड्रॉ होता है और 1 मैच हारता है:
- भारत को मिले अंक = 12 + 12 + 4 + 0 = 28 अंक।
- भारत का अंक प्रतिशत (PCT) = (28 ÷ 48) × 100 = 58.33%।
जिस टीम का PCT चक्र के अंत में सबसे ज्यादा होता है, वह तालिका में ऊपर रहती है।
स्लो ओवर-रेट की पेनल्टी का नियम
मैच के दौरान तय समय सीमा में ओवर पूरे न करने पर टीमों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। आईसीसी के नियमानुसार, यदि कोई टीम निर्धारित समय में जितने ओवर पीछे रहती है, उसका हर एक ओवर के लिए 1 पेनल्टी अंक काट लिया जाता है।
यह पेनल्टी सीधे टीम के कुल हासिल अंकों से घटाई जाती है। कई बार स्लो ओवर-रेट के कारण कटी पेनल्टी टीमों को फाइनल की रेस से बाहर कर देती है। इसलिए टीमों को गेंदबाजी की गति पर विशेष ध्यान देना पड़ता है।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मुकाबला
दो साल के चक्र में सभी निर्धारित 6-6 सीरीज समाप्त होने के बाद अंक तालिका की शीर्ष दो (Top 2) टीमें फाइनल में प्रवेश करती हैं।
- स्थान: फाइनल मुकाबला आमतौर पर इंग्लैंड के किसी न्यूट्रल वेन्यू पर आयोजित किया जाता है।
- रिजर्व डे: बारिश या खराब रोशनी के कारण समय खराब होने पर मैच का नतीजा निकालने के लिए 6वें दिन (Reserve Day) का प्रावधान होता है।
- टाई या ड्रॉ की स्थिति: यदि फाइनल मैच ड्रॉ या टाई पर खत्म होता है, तो दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित किया जाता है।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में भाग लेने वाली 9 टीमें
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के हर चक्र में आईसीसी की 9 पूर्ण सदस्य टीमें हिस्सा लेती हैं:
- भारत (India)
- ऑस्ट्रेलिया (Australia)
- इंग्लैंड (England)
- दक्षिण अफ्रीका (South Africa)
- न्यूजीलैंड (New Zealand)
- पाकिस्तान (Pakistan)
- श्रीलंका (Sri Lanka)
- वेस्टइंडीज (West Indies)
- बांग्लादेश (Bangladesh)
अफ़गानिस्तान, आयरलैंड और जिम्बाब्वे जैसी अन्य टेस्ट टीमें फिलहाल WTC की अंक तालिका का हिस्सा नहीं होतीं। वे अलग से द्विपक्षीय सीरीज खेलती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: क्या WTC में सभी टीमें एक-दूसरे के खिलाफ खेलती हैं?
उत्तर: नहीं, 2 साल के चक्र में एक टीम केवल 6 विरोधी टीमों के खिलाफ सीरीज खेलती है। बाकी 2 टीमों के खिलाफ उस चक्र में मैच नहीं होते।
प्रश्न: अगर WTC का फाइनल मैच ड्रॉ हो जाए तो विजेता कौन बनता है?
उत्तर: यदि फाइनल मैच ड्रॉ या टाई होता है, तो दोनों टीमों को संयुक्त विजेता (Joint Winners) घोषित किया जाता है।
प्रश्न: अंक तालिका में कुल अंक से ज्यादा PCT क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: क्योंकि सभी टीमें बराबर मैच नहीं खेलतीं। इंग्लैंड एक चक्र में 20 मैच खेल सकती है, जबकि साउथ अफ्रीका 12 मैच। इसलिए निष्पक्षता के लिए अंक प्रतिशत (PCT) का पैमाना अपनाया गया है।
प्रश्न: क्या होम और अवे मैचों के अंक अलग-अलग होते हैं?
उत्तर: नहीं, चाहे मैच घरेलू मैदान पर हो या विदेश में, जीत पर 12 अंक, टाई पर 6 और ड्रॉ पर 4 अंक ही मिलते हैं।
यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com






