
गुजरात के एकता नगर में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के समक्ष शाम को आयोजित समारोह में पीएम मोदी ने देशवासियों को संबोधित किया और वामपंथी उग्रवाद के पूर्ण खात्मे तथा सामाजिक सुरक्षा की नई ऊंचाइयों का ब्योरा प्रस्तुत किया।
मुख्य बातें
- मार्च 2026 तक भारत का कोई भी जिला वामपंथी उग्रवाद या नक्सलवाद से प्रभावित नहीं बचा, 2015 में 126 जिले प्रभावित थे।
- विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार बीते 10-12 वर्षों में 50 करोड़ भारतीय भीषण गरीबी रेखा से बाहर निकले।
- देश में सामाजिक सुरक्षा दायरा 2014 से पहले 25 करोड़ से बढ़कर अब लगभग 100 करोड़ लोगों तक पहुंचा।
- गुजरात के सोमनाथ मंदिर पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने पर देश में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है।
- प्रधानमंत्री ने देश की सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित करने और सेक्युलर सिविल कोड की ओर बढ़ने की बात कही।
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित एकता नगर (केवडिया) में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत ने नक्सलवाद की समस्या पर पूरी तरह विजय प्राप्त कर ली है।
राष्ट्रीय एकता दिवस 2026 पर प्रधानमंत्री का संबोधन
राष्ट्रीय एकता दिवस 2026 के अवसर पर गुजरात के एकता नगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि भारत अब वामपंथी उग्रवाद से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। मार्च 2026 तक देश का एक भी जिला नक्सल प्रभावित नहीं बचा है। इसके अलावा उन्होंने देश के 100 करोड़ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा कवच से जोड़ने की जानकारी दी।
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार इस वर्ष राष्ट्रीय एकता दिवस का मुख्य समारोह सुबह की बजाय शाम के समय आयोजित किया गया। इससे पूर्व सुबह देशभर में लाखों नागरिकों ने ‘रन फॉर यूनिटी’ (एकता दौड़) में हिस्सा लिया। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में आयोजित राष्ट्रीय एकता परेड में पुलिस और विभिन्न सुरक्षा बलों के जवानों ने अपने शौर्य और कौशल का प्रदर्शन किया।
मार्च 2026 तक भारत हुआ नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर देश को वामपंथी उग्रवाद से मुक्त कराने का जो संकल्प लिया गया था, वह अब पूरा हो चुका है। साल 2015 में देश के 126 जिले वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित थे। मार्च 2026 तक आते-आते भारत का एक भी जिला नक्सलवाद के प्रभाव में नहीं है।
समारोह में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से आए पीड़ित परिवारों के सदस्यों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। प्रधानमंत्री ने इन क्षेत्रों में शांति और विकास की बहाली के लिए सुरक्षा बलों के वीर जवानों के बलिदान को नमन किया। अब इन पुराने हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में सड़कें, मोबाइल नेटवर्क, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाएं तेजी से पहुंचाई जा रही हैं।
विश्व बैंक की रिपोर्ट और 50 करोड़ लोगों का गरीबी से बाहर निकलना
देश की आर्थिक प्रगति और गरीबी उन्मूलन पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने विश्व बैंक की हालिया रिपोर्ट का हवाला दिया। इस रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 से पहले के 10 से 12 वर्षों के दौरान 50 करोड़ भारतीय भीषण गरीबी से बाहर निकले हैं।
- पहले देश की आबादी में प्रति 100 में से 27 लोग (27 प्रतिशत से अधिक) अत्यधिक गरीबी में जीने को मजबूर थे।
- वर्तमान आंकड़ों के अनुसार यह संख्या घटकर प्रति 100 में 3 से भी कम रह गई है।
- प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से बिना किसी लीकेज के शत-प्रतिशत पैसा लाभार्थियों के खाते में पहुंच रहा है।
- मुफ्त राशन, नि:शुल्क इलाज, पक्के मकान, शौचालय और धुआं-मुक्त रसोई जैसी योजनाओं से गरीबों की बचत बढ़ी है।
100 करोड़ नागरिकों को मिला सामाजिक सुरक्षा कवच
शासन व्यवस्था में आए बदलावों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि साल 2014 से पहले देश में केवल 25 करोड़ लोगों के पास ही सामाजिक सुरक्षा का सुरक्षात्मक दायरा था। विभिन्न स्वास्थ्य, दुर्घटना और जीवन बीमा योजनाओं के विस्तार से अब यह संख्या बढ़कर 100 करोड़ तक पहुंच चुकी है।
वैश्विक अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा संकट का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के अनेक देशों में पेट्रोल-डीजल की खरीद पर सीमाएं तय की गईं, लेकिन भारत ने अपने कूटनीतिक और रणनीतिक प्रयासों से इस संकट की आंच अपनी जनता तक नहीं पहुंचने दी।
यह भी जानें: राष्ट्रीय एकता दिवस का इतिहास और सोमनाथ मंदिर के 75 वर्ष
राष्ट्रीय एकता दिवस हर साल 31 अक्टूबर को भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के रूप में मनाया जाता है। सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के बाद 550 से अधिक देशी रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराकर अखंड भारत का निर्माण किया था।
इस वर्ष गुजरात स्थित पवित्र सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण कार्य के 75 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं। सरदार पटेल ने ही सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का संकल्प लेकर देश के सांस्कृतिक पुनरुत्थान की शुरुआत की थी। इसी ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में इस समय देशभर में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है।
सेक्युलर सिविल कोड और 2047 का विकसित भारत लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने देश के सामने मौजूद नई चुनौतियों और भविष्य के रोडमैप को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सुदूर इलाकों से नक्सलवाद का खात्मा हो चुका है, लेकिन वैचारिक और दुष्प्रचार से जुड़े खतरों के प्रति देश को निरंतर सतर्क रहने की आवश्यकता है। सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाई जाने वाली अफवाहों और देश को बांटने की साजिशों का एकजुट होकर मुकाबला करना होगा।
आने वाले समय के प्राथमिक लक्ष्यों को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि भारत अपनी सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित करने, अवैध घुसपैठ को रोकने और जनसांख्यिकीय बदलावों को नियंत्रित करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। इसके साथ ही देश अब सेक्युलर सिविल कोड की ओर कदम बढ़ाएगा ताकि वर्ष 2047 तक भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने पर एक सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत का निर्माण किया जा सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: राष्ट्रीय एकता दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
उत्तर: राष्ट्रीय एकता दिवस प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर देश की अखंडता और एकता को नमन करने के लिए मनाया जाता है।
प्रश्न: नक्सलवाद उन्मूलन को लेकर सरकार ने क्या आंकड़े जारी किए हैं?
उत्तर: सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2015 में जहां 126 जिले वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित थे, वहीं मार्च 2026 तक देश का कोई भी जिला नक्सल प्रभावित नहीं बचा है।
प्रश्न: विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार भारत में गरीबी की क्या स्थिति है?
उत्तर: विश्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक बीते 10-12 वर्षों में 50 करोड़ लोग भीषण गरीबी से बाहर आए हैं और अत्यधिक गरीबी की दर 27 प्रतिशत से घटकर 3 प्रतिशत से कम हो गई है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






