शनिवार, अक्टूबर 31, 2026

पीएमजीएसवाई-IV मिजोरम: 710 करोड़ रुपये की नई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी

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पीएमजीएसवाई-IV मिजोरम

मिजोरम में ग्रामीण संपर्क को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-चौथा चरण के तहत 710.40 करोड़ रुपये की लागत वाली नई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

मुख्य बातें

  • पीएमजीएसवाई-IV (बैच-1, वित्त वर्ष 2026-27) के तहत मिजोरम के लिए 710.40 करोड़ रुपये के प्रस्ताव स्वीकृत हुए हैं।
  • इन परियोजनाओं में कुल 45 सड़क कार्य शामिल हैं जिनकी कुल लंबाई 509.54 किलोमीटर है।
  • इस नई मंजूरी से राज्य की 48 बसावटों को पहली बार बारहमासी सड़क संपर्क मिलेगा।
  • पीएमजीएसवाई के तहत अब तक मिजोरम में कुल 3,412 करोड़ रुपये के 367 सड़क कार्य और 7 पुल स्वीकृत हो चुके हैं।

मिजोरम में ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने नई परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। पत्र सूचना कार्यालय (PIB) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-चौथा चरण (पीएमजीएसवाई-IV) के तहत मिजोरम राज्य के लिए 710.40 करोड़ रुपये की लागत वाली नई सड़क निर्माण परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई है। यह मंजूरी वित्त वर्ष 2026-27 के पहले बैच के अंतर्गत दी गई है, जिससे राज्य के दूरदराज के इलाकों में आवागमन सुगम हो जाएगा।

पीएमजीएसवाई-IV मिजोरम परियोजनाओं से क्या बदलेगा?

पीएमजीएसवाई-IV मिजोरम के तहत 710.40 करोड़ रुपये की लागत से कुल 45 सड़क कार्यों को मंजूरी दी गई है। इन सभी सड़कों की कुल लंबाई 509.54 किलोमीटर होगी। इस महत्वपूर्ण पहल का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि राज्य की 48 अलग-अलग बसावटों को पहली बार बारहमासी (हर मौसम में चलने योग्य) सड़क संपर्क मिल सकेगा।

ग्रामीण इलाकों में बारहमासी सड़कों के अभाव में अक्सर लोगों को साल के कई महीनों तक भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, खासकर मानसून के मौसम में जब रास्ते बंद हो जाते थे। इन नई सड़कों के बनने से स्थानीय निवासियों की पहुंच स्कूल, अस्पताल और ग्रामीण मंडियों तक आसान हो जाएगी। आवागमन बेहतर होने से क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति मिलेगी, जो देश के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने में भी मददगार साबित होगा।

पीएमजीएसवाई-IV मिजोरम और अब तक के कुल कार्य

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत मिजोरम में पहले भी कई विकास कार्य किए जा चुके हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, हाल ही में स्वीकृत परियोजनाओं को यदि मिला लिया जाए, तो आज की तारीख तक इस योजना के अंतर्गत राज्य में कुल 3,412 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है। इसके तहत अब तक कुल 367 सड़क कार्यों को मंजूरी मिल चुकी है, जिनकी कुल लंबाई 4,935 किलोमीटर है। इसके अतिरिक्त, राज्य में इसी योजना के तहत 07 पुलों के निर्माण को भी पहले ही स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।

इसका असर और पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी ग्रामीण विकास पहल है, जिसकी शुरुआत साल 2000 में की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के उन ग्रामीण इलाकों को बारहमासी पक्की सड़कों से जोड़ना है जो अब तक सड़क मार्ग से कटे हुए थे। मिजोरम जैसे पहाड़ी और दुर्गम भौगोलिक स्थिति वाले पूर्वोत्तर राज्य में सड़कों का निर्माण और रख-रखाव एक बड़ी चुनौती रहा है। ऐसे में पीएमजीएसवाई-IV के तहत मिलने वाली यह ताजा फंडिंग वहां के ग्रामीण नागरिकों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। किसानों को अपनी उपज समय पर मंडियों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी, वहीं आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाना आसान होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? पीएमजीएसवाई-IV मिजोरम के तहत कुल कितनी लागत की परियोजनाओं को मंजूरी मिली है?

उत्तर। इस चरण के तहत कुल 710.40 करोड़ रुपये की लागत वाली सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।

प्रश्न? इस योजना से मिजोरम की कितनी बसावटों को सीधा लाभ मिलेगा?

उत्तर। इससे राज्य की कुल 48 बसावटों को पहली बार बारहमासी सड़क संपर्क प्राप्त होगा।

प्रश्न? इन नई परियोजनाओं के तहत कुल कितनी लंबाई की सड़कें बनाई जाएंगी?

उत्तर। इसके तहत कुल 509.54 किलोमीटर लंबाई के 45 सड़क कार्य पूरे किए जाएंगे।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी आज पत्रिका में राष्ट्रीय एवं राजनीतिक मामलों के संपादक हैं। वे संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही, सरकारी नीतियों, चुनाव, और भारत से जुड़ी बड़ी राष्ट्रीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनका ज़ोर तथ्य-आधारित, संतुलित और स्रोत-सहित रिपोर्टिंग पर रहता है — हर लेख में वे प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), संबंधित मंत्रालयों की विज्ञप्तियों और आधिकारिक दस्तावेज़ों का हवाला देते हैं। राय और विश्लेषण को वे समाचार से स्पष्ट रूप से अलग रखते हैं। सुझाव या तथ्य-सुधार के लिए: corrections@aajpatrika.com।

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