
नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स डब्ल्यूबीए महिला-नेतृत्व विकास सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
मुख्य बातें
- केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में ब्रिक्स महिला-नेतृत्व विकास सम्मेलन को संबोधित किया।
- भारत ने महिलाओं के लिए लगभग 300 मिलियन बैंक खाते खोले हैं और बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराए हैं।
- देश में लगभग 9 मिलियन स्वयं-सहायता समूहों से जुड़ी 30 मिलियन से अधिक महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ कहा जाता है।
- अप्रैल से अगस्त के दौरान भारत के सामान निर्यात में 15 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स डब्ल्यूबीए महिला-नेतृत्व विकास सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर महिला उद्यमी और उनके नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए व्यापार के नए अवसर पैदा करने हेतु ब्रिक्स (BRICS) देशों के साथ मिलकर काम करेगा। पीआईबी के अनुसार, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापार में कदम रखने वाली महिलाओं के सामने आने वाली तीन प्रमुख बाधाओं—ऋण तक पहुंच, बाजारों तक पहुंच और मुक्त व्यापार को बढ़ावा देने वाले स्पष्ट नियमों—को दूर करने की आवश्यकता पर बल दिया।
महिला उद्यमी के लिए ब्रिक्स देशों के साथ सहयोग बढ़ाएगा भारत
महिला उद्यमी वैश्विक अर्थव्यवस्था को गति देने में अहम भूमिका निभाती हैं और भारत उनके लिए अवसरों का दायरा लगातार चौड़ा कर रहा है। सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए श्री गोयल ने बताया कि देश ने पिछले एक दशक में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि लगभग बारह साल पहले ग्रामीण भारत की अधिकांश महिलाओं के पास बैंक खाते या क्रेडिट हिस्ट्री नहीं होती थी, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। सरकार ने महिलाओं के नाम पर घर उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके लिए करीब 30 करोड़ यानी 300 मिलियन बैंक खाते खोले हैं और बिना किसी गारंटी के ऋण दिए हैं।
भारत का वित्तीय समावेश और लखपति दीदी पहल
वित्तीय समावेश के मोर्चे पर भारत के अनुभवों को साझा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आज करीब 100 मिलियन ग्रामीण महिलाएं 9 मिलियन स्वयं-सहायता समूहों की सदस्य हैं। इनमें से 30 मिलियन से अधिक महिलाओं की व्यक्तिगत कमाई 1 लाख रुपये सालाना से ज्यादा हो चुकी है, जिन्हें ‘लखपति दीदी’ के रूप में जाना जाता है। इसके अलावा, देश में लघु उद्यमियों को दिए गए कुल 560 मिलियन ऋणों में से 68 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को मिले हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के औपचारिक कार्यबल में शामिल होने से देश का आर्थिक विकास तेजी से आगे बढ़ेगा।
वैश्विक व्यापार और ब्रिक्स सहयोग की रूपरेखा
- ब्रिक्स देशों के बीच ऋण, बाजारों और व्यापार नियमों तक आसान पहुंच पर जोर दिया गया है।
- जयपुर सहमति के तहत छोटे निर्यातकों के मूल्यांकन के लिए स्वैच्छिक सिद्धांतों पर सहमति बनी है।
- भारत ने 2030 तक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए ‘ब्रिक्स आर्थिक साझेदारी 2030’ रणनीति का समर्थन किया है।
- सरकार के गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल पर महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
वित्तीय समावेश और बाजार पहुंच के नए रास्ते
व्यापारिक बाधाओं को दूर करने के लिए भारत ने पिछले महीने जयपुर में हुई ब्रिक्स वाणिज्य और उद्योग मंत्रियों की बैठक के निर्णयों का हवाला दिया। वहां मंत्रियों ने छोटे निर्यातकों के मूल्यांकन के लिए केवल इनवॉइस के बजाय उनकी समग्र क्षमता और भविष्य के बदलावों को आधार बनाने पर सहमति जताई थी। श्री गोयल ने कहा कि एक साझा ब्रिक्स प्लेटफॉर्म बनने से सदस्य देशों के बीच उत्पादों की मांग और इनवॉइस की जानकारी आसानी से साझा हो सकेगी। इससे महिला उद्यमियों को अपनी पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सेवा क्षेत्र और डिजिटल अर्थव्यवस्था में संभावनाएं
वैश्विक सेवा व्यापार लगभग 10 ट्रिलियन डॉलर का होने के बावजूद ब्रिक्स देशों के बीच इसका स्तर अभी कम है, जो विकास की बड़ी संभावनाओं को दर्शाता है। महिलाएं गतिशील और डिजिटल अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। श्री गोयल ने ब्रिक्स देशों से अपील की कि वे क्षेत्र-आधारित महिला व्यापार प्रतिनिधिमंडलों का गठन करें और वस्त्र जैसे क्षेत्रों में एक देश से दूसरे देश की यात्रा को बढ़ावा दें। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक व्यापार दस्तावेजों और ई-कस्टम्स डिक्लेरेशन की सुविधा वाले साझा मंच की वकालत की।
भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और भविष्य के लक्ष्य
वैश्विक चुनौतियों और दो युद्धों के माहौल के बीच भी भारत की अर्थव्यवस्था ने शानदार प्रदर्शन किया है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) में स्थिर कीमतों पर विकास दर 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है। इसके अलावा, अप्रैल से अगस्त के दौरान सामान निर्यात में 15 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। भारत ने 2047 तक अपनी अर्थव्यवस्था को 4 ट्रिलियन डॉलर से बढ़ाकर 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जिसमें महिलाओं के नेतृत्व वाली विकास पहल का सबसे बड़ा योगदान होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? ब्रिक्स सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने किस मुख्य विषय पर जोर दिया? उत्तर। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापार में महिला उद्यमी और उनके नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए ऋण, बाजारों और स्पष्ट नियमों तक पहुंच बढ़ाने हेतु ब्रिक्स देशों के साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया।
प्रश्न? भारत में ‘लखपति दीदी’ योजना से कितनी महिलाएं जुड़ी हैं? उत्तर। भारत में लगभग 30 मिलियन से अधिक महिलाओं की व्यक्तिगत कमाई 1 लाख रुपये से ज्यादा है, जिन्हें लखपति दीदी कहा जाता है।
प्रश्न? भारत ने 2047 तक की अर्थव्यवस्था के लिए क्या लक्ष्य रखा है? उत्तर। भारत ने 2047 तक अपनी अर्थव्यवस्था को 4 ट्रिलियन डॉलर से बढ़ाकर 30 ट्रिलियन डॉलर करने का लक्ष्य तय किया है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






