
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कोलंबो में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात की और रक्षा सहयोग तथा 6 एल-70 तोपों के उन्नयन समझौतों को अंतिम रूप दिया।
मुख्य बातें
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कोलंबो में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात की।
- भारतीय रक्षा बलों द्वारा निर्मित तीन बेली पुलों का वर्चुअल उद्घाटन किया गया।
- श्रीलंकाई वायु सेना की 6 एल-70 तोपों के उन्नयन के लिए भारत सरकार के अनुदान समझौते पर हस्ताक्षर हुए।
- भारत और श्रीलंका के राष्ट्रीय रक्षा कॉलेजों (NDC) तथा एनसीसी कैडेट विनिमय कार्यक्रमों के लिए समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ।
- राष्ट्रपति दिसानायके ने दोहराया कि श्रीलंका अपनी धरती का उपयोग भारत के सुरक्षा हितों के खिलाफ नहीं होने देगा।
राजनाथ सिंह श्रीलंका की आधिकारिक यात्रा पर कोलंबो पहुंचे हैं, जहां उन्होंने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से द्विपक्षीय रक्षा संबंधों पर विस्तृत बातचीत की। 9 सितंबर 2026 को हुई इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, रक्षा बुनियादी ढांचे और सैन्य प्रशिक्षण में आपसी साझेदारी को मजबूत करने पर बल दिया। भारत के रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से राष्ट्रपति दिसानायके को शुभकामनाएं भेंट कीं। इस दौरान भारतीय रक्षा बलों द्वारा निर्मित तीन बेली पुलों का ऑनलाइन उद्घाटन भी किया गया।
राजनाथ सिंह श्रीलंका दौरे का मुख्य उद्देश्य क्या है?
राजनाथ सिंह श्रीलंका दौरे के दौरान दोनों देशों ने रणनीतिक रक्षा सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा और द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने पर सहमति व्यक्त की। इस दौरान भारत सरकार के अनुदान से श्रीलंकाई वायु सेना की 6 एल-70 तोपों के उन्नयन, राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज (एनडीसी) के बीच अकादमिक सहयोग और एनसीसी युवा विनिमय कार्यक्रम के नए समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
रक्षा तोपों का उन्नयन और बेली पुलों का उद्घाटन
कोलंबो में आयोजित द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों ने रक्षा क्षेत्र से जुड़े तीन मुख्य सहमति पत्रों का आदान-प्रदान किया। इनमें सबसे प्रमुख समझौता श्रीलंकाई वायु सेना के लिए 6 एल-70 तोपों के उन्नयन से संबंधित है। यह उन्नयन कार्य भारत सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे अनुदान सहायता कार्यक्रम के तहत किया जाएगा। पूर्व में भारत द्वारा श्रीलंका को उपलब्ध कराई गई इन वायु रक्षा तोपों के आधुनिक होने से द्वीप राष्ट्र के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। इस दौरान राजनाथ सिंह श्रीलंका दौरे के माध्यम से सैन्य साजो-सामान के आधुनिकीकरण पर चर्चा करते दिखे।
इसके साथ ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने संयुक्त रूप से तीन बेली पुलों का वर्चुअल उद्घाटन किया। इन बेली पुलों का निर्माण भारतीय रक्षा बलों द्वारा श्रीलंका में राहत और ढांचागत सहयोग के तहत किया गया है। इन पुलों के चालू होने से श्रीलंका के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क में तेजी आएगी और स्थानीय परिवहन व्यवस्था सुगम होगी।
राष्ट्रीय सुरक्षा और भारत विरोधी गतिविधियों पर रोक का आश्वासन
बैठक में श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार श्रीलंका की धरती का इस्तेमाल भारत के सुरक्षा हितों के खिलाफ किसी भी गतिविधि के लिए नहीं होने देगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी पिछली बैठकों को याद करते हुए भारत के साथ सुरक्षा साझेदारी पर अपनी प्रतिबद्धता जताई। बातचीत के दौरान राजनाथ सिंह श्रीलंका के राष्ट्रपति के साथ हिंद महासागर क्षेत्र की समग्र सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करते भी नजर आए।
राष्ट्रपति दिसानायके ने चक्रवात दितवाह के बाद भारत की ओर से चलाए गए ‘सागर बंधु अभियान’ और मानवीय सहायता के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि चक्रवात के बाद पुनर्वास और बुनियादी ढांचे के पुननिर्माण के लिए नई दिल्ली द्वारा दिया गया व्यापक पुनर्वास पैकेज बेहद मददगार साबित हुआ है। इस पर भारत के रक्षा मंत्री ने जोर दिया कि एक सबसे नजदीकी पड़ोसी और मित्र होने के नाते भारत ने संकट के समय सहायता प्रदान करना अपना पहला कर्तव्य समझा है और आगे भी मदद जारी रखेगा।
राजनाथ सिंह श्रीलंका यात्रा से एनसीसी और एनडीसी सहयोग को नई दिशा
सैन्य प्रशिक्षण और रक्षा शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए भारत के नेशनल डिफेंस कॉलेज (एनडीसी) और श्रीलंका के नेशनल डिफेंस कॉलेज के बीच एक शैक्षणिक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस अकादमिक सहयोग से दोनों सैन्य संस्थानों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के बीच ज्ञान, शोध और सामरिक विचारों का आदान-प्रदान आसान होगा।
इसके अलावा दोनों देशों के नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए एक अन्य समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया। इस समझौते से भारत और श्रीलंका के बीच एनसीसी युवा विनिमय कार्यक्रम को एक औपचारिक रूप दिया जाएगा। इसके तहत श्रीलंका के एनसीसी कैडेटों को हर साल नई दिल्ली में आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस शिविर और अन्य एनसीसी कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इस अवसर पर राजनाथ सिंह श्रीलंका और भारत के बीच युवाओं की आवाजाही और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर सहमत हुए।
हिंद महासागर में रणनीतिक साझेदारी का नया चरण
भारत और श्रीलंका ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक दृष्टि से सदियों से आपस में जुड़े हुए हैं। हिंद महासागर में रणनीतिक स्थिति होने के कारण दोनों देशों की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था एक-दूसरे से सीधे जुड़ी है। भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ यानी पड़ोसी प्रथम नीति और ‘सागर’ (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) दृष्टिकोण में श्रीलंका एक महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु रहा है।
राजनाथ सिंह श्रीलंका की यह बैठक हिंद महासागर में द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को प्रगाढ़ बनाती है। रक्षा प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण, संयुक्त अभ्यासों और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से भारत अपने पड़ोसी देश की रक्षा सामर्थ्य को बढ़ाने में लगातार योगदान दे रहा है। राजनाथ सिंह श्रीलंका के इस दौरे से स्पष्ट होता है कि दोनों देश क्षेत्रीय स्थिरता, शांति और समृद्धि के लिए एकजुट होकर काम करने के प्रति संकल्पबद्ध हैं। श्रीलंका के वायु रक्षा ढांचे में सुधार से समुद्री सुरक्षा तंत्र और मजबूत होगा।
दौरे के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- भारतीय रक्षा बलों द्वारा श्रीलंका में निर्मित तीन बेली पुलों का वर्चुअल उद्घाटन संपन्न हुआ।
- श्रीलंकाई वायु सेना की 6 एल-70 तोपों के उन्नयन के लिए भारत सरकार के अनुदान सहायता समझौते पर हस्ताक्षर।
- भारत और श्रीलंका के राष्ट्रीय रक्षा कॉलेजों (NDC) के बीच अकादमिक सहयोग का आदान-प्रदान।
- दोनों देशों के नेशनल कैडेट कोर (NCC) के बीच युवा विनिमय कार्यक्रम को औपचारिक ढांचा मिला।
- श्रीलंका ने अपनी भूमि का उपयोग भारत के सुरक्षा हितों के विरुद्ध न होने देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: राजनाथ सिंह श्रीलंका दौरे में किन प्रमुख रक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर हुए?
उत्तर: राजनाथ सिंह श्रीलंका दौरे के दौरान 6 एल-70 तोपों के उन्नयन, दोनों देशों के एनडीसी के बीच अकादमिक सहयोग और एनसीसी कैडेटों के युवा विनिमय कार्यक्रम से जुड़े समझौतों का आदान-प्रदान हुआ।
प्रश्न: श्रीलंकाई वायु सेना की एल-70 तोपों के उन्नयन का खर्च कौन उठाएगा?
उत्तर: श्रीलंकाई वायु सेना की 6 एल-70 तोपों का आधुनिकीकरण भारत सरकार के अनुदान सहायता कार्यक्रम के तहत किया जाएगा।
प्रश्न: ऑपरेशन सागर बंधु किस आपदा के दौरान चलाया गया था?
उत्तर: चक्रवात दितवाह के बाद श्रीलंका में तत्काल राहत सामग्री, पुनर्वास और सहायता प्रदान करने के लिए भारत सरकार ने ‘सागर बंधु अभियान’ चलाया था।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






