
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 23 सितंबर 2026 को वडोदरा में ब्रह्माकुमारीज के ग्लोबल स्पिरिचुअल पैलेस का उद्घाटन किया और आध्यात्मिक जागृति कार्यक्रम की शुरुआत की।
मुख्य बातें
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 23 सितंबर 2026 को गुजरात के वडोदरा में ग्लोबल स्पिरिचुअल पैलेस का उद्घाटन किया।
- उन्होंने ब्रह्माकुमारीज के ‘विश्व नवीनीकरण के लिए आध्यात्मिक जागरण’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
- वर्चुअल माध्यम से नडियाद में ‘विकसित भारत के लिए युवा: राष्ट्र निर्माण के लिए आंतरिक शक्ति की जागृति’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
- राष्ट्रपति ने आर्थिक विकास के साथ-साथ मानवीय विकास और विवेकपूर्ण शिक्षा पर विशेष जोर दिया।
भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने 23 सितंबर 2026 को गुजरात के वडोदरा में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान ग्लोबल स्पिरिचुअल पैलेस रिट्रीट सेंटर का आधिकारिक उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर उन्होंने ब्रह्माकुमारीज संस्था के ‘विश्व नवीनीकरण के लिए आध्यात्मिक जागरण’ कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया। देश भर से आए आध्यात्मिक अनुयायियों और गणमान्य लोगों की उपस्थिति में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है।
ग्लोबल स्पिरिचुअल पैलेस से जुड़ी मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 23 सितंबर 2026 को गुजरात के वडोदरा में ग्लोबल स्पिरिचुअल पैलेस का उद्घाटन किया और आध्यात्मिक जागृति का संदेश दिया।
इस समारोह के दौरान राष्ट्रपति ने ब्रह्माकुमारीज नडियाद के एक अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रम ‘विकसित भारत के लिए युवा: राष्ट्र निर्माण के लिए आंतरिक शक्ति की जागृति’ का भी वर्चुअल रूप से आगाज किया। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में केवल आर्थिक विकास ही काफी नहीं है, बल्कि मानवीय विकास की भी उतनी ही आवश्यकता है। ऐसी शिक्षा समय की मांग है जो केवल बुद्धि का विकास न करे, बल्कि मनुष्य के भीतर विवेक को भी जागृत करे।
मानवीय विकास और आंतरिक शक्ति का महत्व
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और आत्म-नियंत्रण आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसी आध्यात्मिकता की आवश्यकता है जो इंसानों को आपस में जोड़े। ब्रह्माकुमारीज संस्था द्वारा ध्यान और आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से व्यक्तिगत और वैश्विक स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की उन्होंने सराहना की। संस्था का यह संदेश भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई अन्य देशों तक भी पहुंचा है।
समारोह के दौरान उन्होंने यह विश्वास जताया कि वडोदरा में बना नया रिट्रीट सेंटर समाज के हर वर्ग के लोगों को शांति और आपसी सद्भाव के सूत्र में बांधने का काम करेगा। मनुष्य के भीतर विचारों और कर्मों को बदलने की अपार क्षमता होती है। जब किसी व्यक्ति के जीवन में आत्मसम्मान और सकारात्मकता लौटती है, तो वह पूरे समाज के बदलाव का माध्यम बन जाता है।
युवाओं की भूमिका और राष्ट्र निर्माण
नडियाद में सरदार वल्लभभाई पटेल की जन्मस्थली से जुड़े युवा कार्यक्रम का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देना बेहद जरूरी है। जब युवा अपनी भावनाओं और कर्मों को सकारात्मक मार्ग पर ले जाते हैं, तो उसका सीधा असर उनके परिवार, समाज और अंततः पूरे राष्ट्र पर पड़ता है।
- वडोदरा में ग्लोबल स्पिरिचुअल पैलेस का उद्घाटन किया गया।
- नडियाद में युवाओं के लिए आंतरिक शक्ति जागृति कार्यक्रम शुरू हुआ।
- ब्रह्माकुमारीज संस्था के माध्यम से विश्व नवीनीकरण का संदेश दिया गया।
- आर्थिक समृद्धि के साथ आध्यात्मिक जागृति पर जोर दिया गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आत्म-परिवर्तन ही समाज में बदलाव लाने का एकमात्र ठोस आधार है। हमारा साझा लक्ष्य एक ऐसे भारत का निर्माण करना होना चाहिए जो आर्थिक और वैज्ञानिक रूप से उन्नत होने के साथ-साथ सामाजिक रूप से समावेशी और आध्यात्मिक रूप से भी जागृत हो।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? ग्लोबल स्पिरिचुअल पैलेस का उद्घाटन किसने किया? उत्तर। भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने 23 सितंबर 2026 को इसका उद्घाटन किया।
प्रश्न? यह रिट्रीट सेंटर किस शहर में बनाया गया है? उत्तर। यह सेंटर गुजरात के वडोदरा शहर में स्थापित किया गया है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






