
आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने नई दिल्ली के संकल्प भवन में 11वां आयुर्वेद दिवस मनाया, जिसमें निवारक स्वास्थ्य और जीवन शैली पर जोर दिया गया।
मुख्य बातें
- 23 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के संकल्प भवन में 11वां आयुर्वेद दिवस मनाया गया।
- कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद’ रखा गया था।
- अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान और सीसीआरएएस के विशेषज्ञों ने विशेष व्याख्यान दिए।
- दैनिक कार्यालय की दिनचर्या में योग और स्व-देखभाल मॉड्यूल को अपनाने पर चर्चा हुई।
आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने 23 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के संकल्प भवन में 11वां आयुर्वेद दिवस 2026 का आयोजन किया। यह राष्ट्रव्यापी समारोह आयुष मंत्रालय के नेतृत्व में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों का हिस्सा था, जिसका मुख्य उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को बढ़ावा देना है।
आयुर्वेद दिवस 2026 क्या है और क्यों मनाया जाता है?
आयुर्वेद दिवस 2026 देश भर में निवारक स्वास्थ्य देखभाल, समग्र कल्याण और टिकाऊ जीवन शैली को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया गया। इस वर्ष के कार्यक्रम का केंद्रीय विषय ‘स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद’ तय किया गया था, जो आधुनिक दौर की स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए प्राचीन ज्ञान के उपयोग पर जोर देता है।
इस अवसर पर आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने संकल्प भवन में विशेष संगोष्ठी, विचार-विमर्श और वार्ता सत्र आयोजित किए। मंत्रालय के शहरी स्वास्थ्य सेवा के अपर महानिदेशक श्री आर.के. तिवारी ने इस विषय पर एक संक्षिप्त व्याख्यान दिया और निवारक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित किया।
विशेषज्ञों के व्याख्यान और कार्यस्थल पर स्वास्थ्य
कार्यक्रम के दौरान देश के जाने-माने आयुर्वेद विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे और आधुनिक जीवन शैली में बदलाव की जरूरत पर बल दिया।
- अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली के स्वथवृत्त विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रामअवतार शर्मा ने वैज्ञानिक मार्गों पर व्याख्यान दिया।
- केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के डोमेन विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार त्रिपाठी ने औषधीय पौधों और आयुर्वेद पर प्रकाश डाला।
- कार्यस्थल पर योग, मुद्रा सुधार और नेत्र-विश्राम जैसे स्व-देखभाल मॉड्यूल को दैनिकचर्या में शामिल करने का सुझाव दिया गया।
- प्राकृतिक चिकित्सा और मौसमी अनुकूलन यानी ऋतुचर्या के वैज्ञानिक पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
इसका असर और कार्यस्थल पर आयुर्वेद का महत्व
बदलते वैश्विक स्वास्थ्य परिदृश्य और कामकाजी जीवन के तनाव को देखते हुए यह आयोजन कर्मचारियों के लिए बेहद प्रासंगिक रहा। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि आधुनिक कार्यालयों में काम करने वाले लोगों को मानसिक और शारीरिक तनाव से बचने के लिए आयुर्वेद के नियमों को अपनाना चाहिए। डॉ. रामअवतार शर्मा ने बताया कि छोटे और मापने योग्य उपाय जैसे आई-ब्रेक और कार्यस्थल पर योगाभ्यास कर्मचारियों की कार्यक्षमता को बढ़ा सकते हैं।
दूसरी ओर, डॉ. आशीष कुमार त्रिपाठी ने ‘नेचर फार्मेसी: ट्रेडिशन, साइंस एंड हीलिंग’ विषय पर बोलते हुए चयापचय स्वास्थ्य और श्वसन तंत्र को मजबूत करने के उपाय बताए। अधिकारियों ने शहरी प्रशासनिक ढांचे में इन रणनीतियों को लागू करने पर भी विचार-विमर्श किया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? आयुर्वेद दिवस 2026 का मुख्य विषय क्या था? उत्तर। इस वर्ष का मुख्य विषय ‘स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद’ था।
प्रश्न? इस कार्यक्रम का आयोजन किसने किया था? उत्तर। इसका आयोजन आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने आयुष मंत्रालय के नेतृत्व में किया।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






