शनिवार, अक्टूबर 24, 2026

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने नई दिल्ली में स्वच्छता ही सेवा 2026 का किया आयोजन

Date:

स्वच्छता ही सेवा 2026

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की उपस्थिति में नई दिल्ली में स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें श्रमदान और वृक्षारोपण शामिल रहे।

मुख्य बातें

  • कार्यक्रम का आयोजन अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में किया गया।
  • केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कार्यक्रम में स्वच्छता शपथ दिलाई और श्रमदान किया।
  • अभियान के तहत प्रधानमंत्री की ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के तहत वृक्षारोपण भी किया गया।
  • इस अवसर पर मंत्रालय द्वारा मनाए गए ‘हिंदी पखवाड़े’ का समापन भी हुआ।

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य और संसदीय कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू की उपस्थिति में नई दिल्ली में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा स्वच्छता ही सेवा 2026 का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इसे रोजमर्रा के आचरण का हिस्सा बनाना था। कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता शपथ, श्रमदान और वृक्षारोपण अभियान जैसी कई महत्वपूर्ण गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

स्वच्छता ही सेवा 2026 का क्या उद्देश्य है और इसमें क्या खास हुआ?

स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के तहत केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने उपस्थित लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई और श्रमदान किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कचरे को साफ करने के साथ-साथ लोगों में ऐसी सोच पैदा करना है ताकि शुरुआत में ही कचरा न फैलाया जाए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि साफ-सफाई केवल सफाई कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर एक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का हवाला दिया और कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ने पूरे देश में एक नई चेतना जगाई है। प्रतिभागियों ने अपने घरों, पड़ोस और कार्यस्थलों से इस अभियान की शुरुआत करने का संकल्प लिया।

पर्यावरण संरक्षण और एक पेड़ माँ के नाम पहल

इस आयोजन को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान प्रत्येक व्यक्ति को अपनी माँ के नाम पर कम से कम एक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करता है, जिससे पर्यावरणीय जिम्मेदारी एक गहरे व्यक्तिगत जुड़ाव से जुड़ जाती है। श्री रिजिजू ने यह भी साझा किया कि इस पहल को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिलने लगी है। अपनी हालिया यूरोप यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि बेलग्रेड में वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान अन्य देशों के मंत्रियों ने भी इस भारतीय अभियान की सराहना की थी।

हिंदी पखवाड़े का समापन और भाषाई विविधता

कार्यक्रम के दूसरे हिस्से में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा मनाए गए ‘हिंदी पखवाड़े’ का औपचारिक समापन भी हुआ। इस अवसर पर बोलते हुए श्री रिजिजू ने हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने देश की समृद्ध भाषाई विविधता का सम्मान करने और अपनी मातृभाषा पर गर्व करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में दयाल सिंह कॉलेज के प्राचार्य ने भी अपने विचार रखे और नागरिकों से स्वच्छ भारत के राष्ट्रीय संकल्प में सक्रिय रूप से योगदान देने का आह्वान किया।

यह भी जानें: स्वच्छता अभियानों का महत्व और पृष्ठभूमि

भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न स्वच्छता अभियान देश के नागरिकों में नागरिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का काम करते हैं। स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत के बाद से देश के शहरी और ग्रामीण इलाकों में कचरा प्रबंधन और स्वच्छता के बुनियादी ढांचे में काफी सुधार देखा गया है।

  • स्वच्छता को केवल एक बार का प्रयास नहीं बल्कि निरंतर जिम्मेदारी माना गया है।
  • सामूहिक भागीदारी के जरिए ही भारत को पूरी तरह स्वच्छ और विकसित बनाया जा सकता है।
  • वृक्षारोपण अभियानों से पर्यावरण संतुलन और जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद मिलती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? स्वच्छता ही सेवा 2026 कार्यक्रम का आयोजन कहाँ किया गया था?

उत्तर। इस कार्यक्रम का आयोजन नई दिल्ली में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा किया गया था।

प्रश्न? इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में किसने शिरकत की?

उत्तर। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य और संसदीय कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी आज पत्रिका में राष्ट्रीय एवं राजनीतिक मामलों के संपादक हैं। वे संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही, सरकारी नीतियों, चुनाव, और भारत से जुड़ी बड़ी राष्ट्रीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनका ज़ोर तथ्य-आधारित, संतुलित और स्रोत-सहित रिपोर्टिंग पर रहता है — हर लेख में वे प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), संबंधित मंत्रालयों की विज्ञप्तियों और आधिकारिक दस्तावेज़ों का हवाला देते हैं। राय और विश्लेषण को वे समाचार से स्पष्ट रूप से अलग रखते हैं। सुझाव या तथ्य-सुधार के लिए: corrections@aajpatrika.com।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 संपन्न, भारत ने रखी ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताएं

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आयोजित 7वाँ एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 संपन्न हो गया है। जानिए इससे जुड़ी खास बातें और पूरी जानकारी।

एसएमएफसीएल कॉर्पोरेट कार्यालय का उद्घाटन, 5107 करोड़ रुपये वितरित

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने नई दिल्ली में एसएमएफसीएल कॉर्पोरेट कार्यालय का उद्घाटन किया। जानिए मैरीटाइम एनबीएफसी की पूरी डिटेल।

वाणिज्य विभाग ने 2030 तक 250 अरब डॉलर इंजीनियरिंग निर्यात का रखा लक्ष्य

वाणिज्य विभाग और ईईपीसी इंडिया ने 2030 तक इंजीनियरिंग निर्यात को 250 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लिए नई रणनीति बनाई है, जानिए आंकड़े और पूरी योजना।

शिवराज सिंह चौहान ने जारी किया एनएमएमएस ऐप का नया फेस ऑथेंटिकेशन संस्करण

एनएमएमएस ऐप का नया फेस ऑथेंटिकेशन संस्करण जारी। जानिए आईआईटी मद्रास के सुरक्षा फीचर्स, नेटवर्क छूट नियम और फार्मर आईडी के आंकड़े।
हमारे बारे में · संपादकीय नीति · सुधार नीति · स्वामित्व एवं वित्त पोषण · गोपनीयता नीति · संपर्क करें
© 2026 Aaj Patrika