
ललित कला अकादमी द्वारा आयोजित 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। प्रदर्शनी 31 अक्टूबर तक चालू रहेगी।
मुख्य बातें
- 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में 20 कलाकारों को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया।
- रवींद्र भवन नई दिल्ली में आयोजित इस प्रदर्शनी की तिथि 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाई गई।
- देश भर से मिली 6,000 से अधिक प्रविष्टियों में से दो-स्तरीय जूरी ने 270 कलाकारों का चयन किया।
- आधुनिक चित्रकार अब्दुल अजीज रायबा पर संपादित विशेष मोनोग्राफ का विमोचन किया गया।
- ‘सेवा ही संस्कृति’ और ‘बेकार से चमत्कार’ पहल के तहत रीसाइक्लिंग कलाकृतियों का प्रदर्शन हुआ।
नई दिल्ली में आयोजित 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में देश भर के 20 प्रतिभाशाली कलाकारों को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 29 सितंबर 2026 को इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और विजेताओं को बधाई दी।
राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी 2026 की प्रमुख जानकारी
ललित कला अकादमी द्वारा आयोजित 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी का आयोजन नई दिल्ली के रवींद्र भवन में किया जा रहा है। इस प्रतिष्ठित प्रदर्शनी में देश भर से चुनी गई समकालीन कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया है, जिसे देखने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। समारोह में 20 विजेताओं को उनकी उत्कृष्ट कलात्मक रचनाओं के लिए सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में 270 कलाकारों की कृतियाँ शामिल
ललित कला अकादमी के सचिव राजीव कुमार ने समारोह के दौरान राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के विस्तार पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की प्रदर्शनी के लिए देश भर से 6,000 से अधिक प्रविष्टियाँ प्राप्त हुई थीं। इतने बड़े पैमाने पर आई कलाकृतियों का मूल्यांकन करने के लिए एक दो-स्तरीय निर्णायक मंडल का गठन किया गया था।
दो स्तरीय जूरी की गहन समीक्षा प्रक्रिया के बाद 270 कलाकारों की कृतियों का चयन प्रदर्शनी के लिए किया गया। इनमें से 20 सबसे उत्कृष्ट कलाकारों को राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया। राजीव कुमार ने कहा कि ललित कला अकादमी का लक्ष्य देश के कोने-कोने में छिपी कला प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है।
‘सेवा ही संस्कृति’ और रीसाइक्लिंग कला का प्रदर्शन
समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और अन्य गणमान्य अतिथियों ने ‘सेवा ही संस्कृति’ कार्यशालाओं में तैयार की गई कलाकृतियों का अवलोकन किया। यह कार्यशालाएं ललित कला अकादमी के विभिन्न क्षेत्रीय केंद्रों में आयोजित की गई थीं। इनमें बेकार और अनुपयोगी वस्तुओं का उपयोग करके सुंदर और अर्थपूर्ण कलाकृतियों का निर्माण किया गया था।
गजेंद्र सिंह शेखावत ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर शुरू की गई ‘सेवा ही संस्कृति’ पहल यह साबित करती है कि सेवा भावना और कलात्मक सृजन किस प्रकार एक साथ आ सकते हैं। उन्होंने ललित कला अकादमी की ‘बेकार से चमत्कार’ पहल की विशेष सराहना की, जिसमें अपशिष्ट सामग्रियों को कलात्मक अभिव्यक्ति में बदल दिया गया।
अब्दुल अजीज रायबा पर विशेष मोनोग्राफ का विमोचन
इस अवसर पर आधुनिक भारतीय कला के प्रमुख चित्रकार अब्दुल अजीज रायबा पर केंद्रित एक विशेष मोनोग्राफ का भी विमोचन किया गया। इस पुस्तक का संपादन राम गोपाल खाडिलकर ने किया है। रायबा अपनी मजबूत रेखाओं, जीवंत रंगों और भारतीय पारंपरिक कला के साथ आधुनिक कला पद्धतियों के अनूठे मेल के लिए जाने जाते थे।
संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने कलाकारों को व्यापक अवसर प्रदान करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समकालीन भारतीय कला को आम लोगों तक पहुँचाना आवश्यक है। उन्होंने कला प्रेमियों और आम नागरिकों से अपील की कि वे रवींद्र भवन जाएँ और देश के विभिन्न राज्यों से आई कलात्मक शैलियों का अनुभव करें।
ललित कला अकादमी और रवींद्र भवन का ऐतिहासिक संदर्भ
ललित कला अकादमी भारत सरकार द्वारा 1954 में स्थापित दृश्य कला की राष्ट्रीय संस्था है। यह संस्था चित्रकला, मूर्तिकला, ग्राफिक्स और वास्तुकला जैसे दृश्य कला क्षेत्रों के प्रोत्साहन और प्रसार के लिए कार्य करती है। नई दिल्ली स्थित रवींद्र भवन ललित कला अकादमी का मुख्यालय है, जहाँ राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी जैसी ऐतिहासिक प्रदर्शनियों का आयोजन होता है।
राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी का इतिहास दशकों पुराना है। यह प्रदर्शनी युवा और अनुभवी दोनों प्रकार के कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सबसे बड़ा मंच मानी जाती है। इसमें भाग लेने वाले कलाकारों को न केवल पहचान मिलती है, बल्कि भारतीय कला बाजार में उनके काम की कद्र भी बढ़ती है।
65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी की मुख्य बातें
- आयोजन तिथि और स्थान: 29 सितंबर 2026 को रवींद्र भवन, नई दिल्ली में 65वीं प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ।
- प्रदर्शनी की अंतिम तिथि: आम जनता के लिए प्रदर्शनी देखने का समय 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाया गया है।
- पुरस्कार विजेता: दृश्य कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 20 कलाकारों को सम्मानित किया गया।
- प्रविष्टियाँ और चयन: 6,000 से अधिक आवेदनों में से दो-स्तरीय जूरी द्वारा 270 कलाकारों की कृतियाँ चुनी गईं।
- विशेष विमोचन: प्रख्यात आधुनिक चित्रकार अब्दुल अजीज रायबा पर संपादित मोनोग्राफ जारी किया गया।
- प्रमुख अतिथि: संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल और पद्म श्री विजेता सुदर्शन पटनायक, सुधाकर ओलवे, अशोक कुमार विश्वास मौजूद रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी कहाँ आयोजित हो रही है और इसकी अंतिम तिथि क्या है?
उत्तर: यह प्रदर्शनी नई दिल्ली स्थित रवींद्र भवन की ललित कला गैलरी में आयोजित हो रही है। दर्शक इसे 31 अक्टूबर 2026 तक देख सकते हैं।
प्रश्न? इस वर्ष राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में कितने कलाकारों को पुरस्कृत किया गया है?
उत्तर: ललित कला अकादमी द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी में कुल 20 उत्कृष्ट कलाकारों को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
प्रश्न? 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के लिए कितनी प्रविष्टियाँ प्राप्त हुई थीं?
उत्तर: इस प्रदर्शनी के लिए देश भर से 6,000 से अधिक प्रविष्टियाँ मिली थीं, जिनमें से दो-स्तरीय जूरी ने 270 कलाकारों की कृतियों का चयन किया।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






