बुधवार, सितम्बर 30, 2026

यूपीएससी के 100 साल: ली आयोग से लेकर डिजिटल क्रांति तक का पूरा इतिहास

Date:

यूपीएससी के 100 साल

1 अक्टूबर 2026 को संघ लोक सेवा आयोग अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर रहा है। जानिए 1926 में सलाहकार निकाय के रूप में शुरू हुए आयोग के संवैधानिक संस्था बनने की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

  • 1 अक्टूबर 1926 को स्थापित भारत का लोक सेवा आयोग 1 अक्टूबर 2026 को अपने 100 साल पूरे कर रहा है।
  • 1947 में श्री एच.के. कृपलानी आयोग के पहले भारतीय अध्यक्ष बने थे, जबकि 1950 में आर.एन. बनर्जी यूपीएससी के पहले चेयरमैन बने।
  • संविधान के भाग XIV के अनुच्छेद 315 से 323 के तहत यूपीएससी को एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था का दर्जा प्राप्त है।
  • आवेदनों की संख्या 1950-51 में 42,727 से बढ़कर 2022-23 में 45,10,044 तक पहुंच गई है।
  • परीक्षा केंद्रों की संख्या 1950 में 8 से बढ़कर 2026 में 86 हो गई है।

1 अक्टूबर 2026 को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर रहा है, जिसे यूपीएससी के 100 साल की एक ऐतिहासिक यात्रा के रूप में देखा जा रहा है। पीआईबी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 1 अक्टूबर 1926 को भारत के पहले लोक सेवा आयोग के रूप में इसकी शुरुआत हुई थी। उस समय यह केवल एक सलाहकार संस्था थी, जिसके अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति लंदन में सेक्रेटरी ऑफ स्टेट करते थे। बीते सौ वर्षों में आयोग का ढांचा और जिम्मेदारियां बदलकर इसे एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था के रूप में स्थापित कर चुकी हैं।

यूपीएससी के 100 साल का सफर कैसे शुरू हुआ?

यूपीएससी के 100 साल की शुरुआत 1 अक्टूबर 1926 को भारत के पहले लोक सेवा आयोग के गठन के साथ हुई थी। ली आयोग की सिफारिशों पर स्थापित यह निकाय शुरुआत में यूके के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट द्वारा नियुक्त चेयरमैन और सदस्यों वाली एक सलाहकार संस्था थी, जो स्वतंत्रता के बाद भारत का स्वतंत्र संवैधानिक आयोग बना।

1926 से पहले: योग्यता आधारित चयन और शुरुआती संघर्ष

सरकारी नौकरियों में भर्ती सिफारिश के बजाय योग्यता के आधार पर करने का सिद्धांत 1855 में लागू हुआ था। तब लंदन में इंडियन सिविल सर्विस (आईसीएस) परीक्षा शुरू की गई। हालांकि, भारतीयों के लिए इसमें शामिल होना बेहद कठिन था क्योंकि परीक्षा केवल लंदन में और अंग्रेजी भाषा में होती थी, जिसमें ग्रीक और लैटिन जैसे विषय पूछे जाते थे।

1863 में रवींद्रनाथ टैगोर के बड़े भाई 21 वर्षीय सत्येंद्रनाथ टैगोर ने यह परीक्षा पास की और 1864 में नौकरी शुरू की। वह इस सेवा में शामिल होने वाले पहले भारतीय बने। इसके बाद सुरेंद्रनाथ बनर्जी, बिहारी लाल गुप्ता और रमेश चंद्र दत्त ने भी सफलता प्राप्त की। हालांकि, अंग्रेजों ने अधिकतम उम्र सीमा 23 से घटाकर 19 साल कर दी, जिससे भारतीय उम्मीदवारों के लिए कठिनाई बढ़ गई। 1919 तक 1,255 आईसीएस अधिकारियों में से सिर्फ 78 भारतीय थे।

गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1919 और 1924 के ली आयोग की सिफारिशों के बाद 1926 में लोक सेवा आयोग का गठन हुआ। यूनाइटेड किंगडम की होम सिविल सर्विस के सदस्य सर रॉस बार्कर इसके पहले चेयरमैन बने और आयोग का कार्यालय दिल्ली के मेटकाफ हाउस में बनाया गया।

यूपीएससी के 100 साल में संवैधानिक दर्जा और अनुच्छेद

22 अगस्त 1949 को डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने संविधान सभा में लोक सेवा आयोगों से जुड़े मसौदा अनुच्छेद पेश किए, जो संविधान के भाग XIV (अनुच्छेद 315-323) बने। 26 नवंबर 1949 को अपने भाषण में डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा था कि सरकारी नियुक्तियों में निष्पक्षता बनाए रखने और पक्षपात रोकने के लिए आयोग की आजादी जरूरी है।

संविधान में आयोग के संबंध में निम्नलिखित प्रमुख प्रावधान दिए गए हैं:

  • अनुच्छेद 315: संघ और राज्यों के लिए लोक सेवा आयोग का प्रावधान।
  • अनुच्छेद 316: अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी।
  • अनुच्छेद 317: सदस्यों को केवल उच्चतम न्यायालय की जांच के बाद राष्ट्रपति के आदेश से हटाया जा सकता है।
  • अनुच्छेद 318: सदस्यों और कर्मचारियों की सेवा शर्तों पर नियम बनाने की शक्ति।
  • अनुच्छेद 319: कार्यकाल समाप्त होने के बाद पद संभालने पर रोक और अध्यक्ष की भावी सरकारी नौकरी पर रोक।
  • अनुच्छेद 320: परीक्षाओं का आयोजन और भर्ती, पदोन्नति तथा अनुशासनात्मक मामलों पर सरकार को सलाह देना।
  • अनुच्छेद 321: आयोग के कार्यों का दायरा बढ़ाने की संसद की शक्ति।
  • अनुच्छेद 322: आयोग का खर्च भारत की संचित निधि पर भारित होना।
  • अनुच्छेद 323: राष्ट्रपति को वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करना।

1926 से 2026 तक के मुख्य ऐतिहासिक पड़ाव

पीआईबी के अनुसार, आयोग की यात्रा में कई प्रमुख पड़ाव आए हैं। 1935 के भारत सरकार अधिनियम के तहत संघीय पीएससी का प्रावधान किया गया और 1 अप्रैल 1937 को इसका नाम बदलकर संघीय लोक सेवा आयोग कर दिया गया। 1940 में पहली बार आईसीएस में यूरोपीय अधिकारियों (575) की तुलना में भारतीय अधिकारियों (625) की संख्या अधिक हो गई।

1947 में श्री एच.के. कृपलानी आयोग के पहले भारतीय अध्यक्ष बने। इसी साल आईसीएस की जगह आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) ने ले ली। 26 जनवरी 1950 को यह निकाय संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) बना और श्री आर.एन. बनर्जी इसके पहले अध्यक्ष बने। 1966 में भारतीय वन सेवा (आईएफओएस) को तीसरी अखिल भारतीय सेवा के रूप में जोड़ा गया।

1979 में डी.एस. कोठारी समिति की सिफारिशों पर तीन चरणों वाली सिविल सेवा परीक्षा (प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार) की शुरुआत हुई। 1992 में श्रीमती रोज मिलियन बाथेव खारबुली पहली महिला चेयरमैन बनीं। वहीं 2021 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) परीक्षा में पहली बार महिलाओं को शामिल होने की अनुमति दी गई।

यह भी जानें: आंकड़ों में आयोग का बदलाव

आयोग के काम का दायरा समय के साथ काफी व्यापक हुआ है। 1950-51 में जहां कुल आवेदन 42,727 थे, वहीं 2022-23 में यह संख्या बढ़कर 45,10,044 तक पहुंच गई। 1950 में परीक्षा केंद्रों की संख्या 8 थी, जो 2026 में बढ़कर 86 हो चुकी है।

सिविल सेवा परीक्षा में महिलाओं की भागीदारी में भी बड़ा बदलाव आया है। 1952 में अनुशंसित उम्मीदवारों में केवल 3 महिलाएं (3.6%) थीं, जबकि 2025 में 958 अनुशंसित उम्मीदवारों में से 299 महिलाएं (31.2%) रहीं। इसी तरह 1955 में एससी श्रेणी के 9 उम्मीदवार अनुशंसित हुए थे, जो 2025 में बढ़कर 158 हो गए। एसटी श्रेणी के अनुशंसित उम्मीदवार 1956-57 में 2 से बढ़कर 2025 में 73 पहुंच गए।

धौलपुर हाउस और आयोग से जुड़े दिलचस्प तथ्य

21 अप्रैल 1947 को सरदार वल्लभभाई पटेल ने मेटकाफ हाउस में सिविल सेवा प्रोबेशनर्स को संबोधित करते हुए सिविल सेवा को “भारत का स्टील फ्रेम” कहा था। इसी याद में हर साल 21 अप्रैल को सिविल सेवा दिवस मनाया जाता है।

1952 में शाहजहां रोड स्थित धौलपुर भवन आयोग का स्थायी मुख्यालय बना। 1972 में किरण बेदी आईपीएस के लिए चुनी जाने वाली पहली महिला बनीं, जब 80 रिक्तियों में वह अकेली महिला थीं। इसके अलावा 11 नवंबर 2016 को खोला गया यूपीएससी संग्रहालय आम जनता के लिए नि:शुल्क है और इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर 360-डिग्री वर्चुअल टूर उपलब्ध है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की स्थापना कब हुई थी?
उत्तर: संघ लोक सेवा आयोग की शुरुआत 1 अक्टूबर 1926 को भारत के पहले लोक सेवा आयोग के रूप में हुई थी।

प्रश्न: यूपीएससी के पहले भारतीय अध्यक्ष कौन थे?
उत्तर: श्री एच.के. कृपलानी 1947 में आयोग के पहले भारतीय अध्यक्ष बने थे, जबकि 26 जनवरी 1950 को यूपीएससी बनने के बाद श्री आर.एन. बनर्जी इसके पहले चेयरमैन बने।

प्रश्न: भारतीय संविधान के किस भाग में यूपीएससी से जुड़े नियम दिए गए हैं?
उत्तर: भारतीय संविधान के भाग XIV में अनुच्छेद 315 से 323 तक संघ और राज्य लोक सेवा आयोगों के गठन, कार्यों और शक्तियों का विवरण दिया गया है।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी आज पत्रिका में राष्ट्रीय एवं राजनीतिक मामलों के संपादक हैं। वे संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही, सरकारी नीतियों, चुनाव, और भारत से जुड़ी बड़ी राष्ट्रीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनका ज़ोर तथ्य-आधारित, संतुलित और स्रोत-सहित रिपोर्टिंग पर रहता है — हर लेख में वे प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), संबंधित मंत्रालयों की विज्ञप्तियों और आधिकारिक दस्तावेज़ों का हवाला देते हैं। राय और विश्लेषण को वे समाचार से स्पष्ट रूप से अलग रखते हैं। सुझाव या तथ्य-सुधार के लिए: corrections@aajpatrika.com।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में 20 उत्कृष्ट कलाकारों को मिला राष्ट्रीय सम्मान

राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी 2026 में 20 उत्कृष्ट कलाकारों को सम्मानित किया गया। जानिए रवींद्र भवन में आयोजित इस प्रदर्शनी की प्रमुख बातें और तिथियाँ।

विधि कार्य विभाग ने ई-कचरा प्रबंधन पर आयोजित की जागरूकता कार्यशाला

विधि कार्य विभाग ने स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के तहत ई-कचरा प्रबंधन पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया। जानिए पूरी जानकारी इस रिपोर्ट में।

ग्रामीण सड़क प्रभाव आकलन के लिए NRIDA और IIM कोलकाता में करार

ग्रामीण सड़क प्रभाव के आकलन के लिए NRIDA और IIM कोलकाता के बीच 4 साल का समझौता हुआ है। जानिए इस अध्ययन से क्या बदलेगा।

एशियाई खेल 2026 में ऊंची कूद का कांस्य जीतने पर पूजा को पीएम ने दी बधाई

एशियाई खेल 2026 की महिलाओं की ऊंची कूद स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर पूजा ने इतिहास रचा है। प्रधानमंत्री ने दी बधाई।
हमारे बारे में · संपादकीय नीति · सुधार नीति · स्वामित्व एवं वित्त पोषण · गोपनीयता नीति · संपर्क करें
© 2026 Aaj Patrika