शनिवार, अक्टूबर 24, 2026

संयुक्त राष्ट्र की बैठक में स्वास्थ्य सचिव ने रखी भारत की बात

Date:

संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित महामारी रोकथाम और तैयारियों पर उच्च-स्तरीय बैठक में भारत ने वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।

मुख्य बातें

  • बैठक 25 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित हुई थी।
  • केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने भारत का प्रतिनिधित्व किया।
  • कोविड महामारी के दौरान भारत ने लगभग 100 देशों को 30 करोड़ वैक्सीन खुराकें पहुंचाई थीं।
  • भारत ने डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को वैश्विक सार्वजनिक वस्तु के रूप में मान्यता दिए जाने की मांग की।

संयुक्त राष्ट्र की बैठक में भारत की प्रतिबद्धता

संयुक्त राष्ट्र में वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा पर हुई उच्च-स्तरीय बैठक में भारत ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने पर जोर दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने न्यूयॉर्क में आयोजित इस सत्र में देश का पक्ष रखा। उन्होंने कोविड-19 महामारी के अनुभवों से सीख लेते हुए सतत निवेश और संस्थागत क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भविष्य की महामारियों से निपटने की तैयारियों की समीक्षा करना था। भारतीय प्रतिनिधि ने सरकार और समाज के स्तर पर समन्वित विजन को सामने रखा। इसमें प्रयोगशाला नेटवर्क का विस्तार, आपातकालीन समन्वय, स्वास्थ्य कार्यबल तैयार करना और नैदानिक देखभाल क्षमता को बढ़ाना शामिल है। इन सभी प्रयासों का मुख्य आधार राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणालियों और घरेलू वित्तपोषण को बनाया गया है ताकि बाहरी मदद केवल पूरक की भूमिका निभाए।

कोविड काल के अनुभव और वैश्विक हिस्सेदारी

  • लगभग 100 देशों और संयुक्त राष्ट्र की दो संस्थाओं को 30 करोड़ वैक्सीन की खुराकें दी गईं।
  • 150 से अधिक देशों को महामारी के दौरान चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
  • डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को वैश्विक सार्वजनिक वस्तु मानने की वकालत की गई।
  • निगरानी, टीकाकरण और जोखिम संचार में डिजिटल समाधानों की भूमिका को सराहा गया।

डब्लूएचओ महामारी समझौता और न्यायसंगत पहुंच

मई 2025 में अपनाए गए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) महामारी समझौते का जिक्र करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने इसे एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समझौते की सफलता एक निष्पक्ष रोगजनक पहुंच और लाभ-साझाकरण प्रणाली पर टिकी हुई है। जिन देशों ने जैविक संसाधनों और रोगजनकों में योगदान दिया है, उन्हें राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करते हुए टीकों और आधुनिक तकनीकों तक समयबद्ध पहुंच मिलनी चाहिए।

यह भी जानें और पृष्ठभूमि

ऐसी उच्च-स्तरीय बैठकें सदस्य देशों को कोविड-19 के बाद आई चुनौतियों की पहचान करने और भविष्य की आपात स्थितियों से निपटने का मंच देती हैं। संयुक्त राष्ट्र की उप-महासचिव अमीना मोहम्मद ने महामारी के बाद किसी भी तरह की आत्मसंतुष्टि से बचने की चेतावनी दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ. टेड्रॉस एड्रॉम गेब्रियसस ने भी अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों में संशोधन और बातचीत जल्द पूरी करने की बात कही है। भारत का यह रुख ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ के दृष्टिकोण को रेखांकित करता है, जिसमें ग्लोबल साउथ की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाती है। भविष्य में इस प्रकार की वैश्विक साझेदारियों से यह सुनिश्चित होगा कि संकट के समय आवश्यक चिकित्सा उत्पाद और टीके हर देश की पहुंच में आसानी से आ सकें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? संयुक्त राष्ट्र की यह उच्च-स्तरीय बैठक कहाँ और कब आयोजित की गई थी? उत्तर। यह बैठक 25 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित की गई थी।

प्रश्न? बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किसने किया था? उत्तर। बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने किया था।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी आज पत्रिका में राष्ट्रीय एवं राजनीतिक मामलों के संपादक हैं। वे संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही, सरकारी नीतियों, चुनाव, और भारत से जुड़ी बड़ी राष्ट्रीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनका ज़ोर तथ्य-आधारित, संतुलित और स्रोत-सहित रिपोर्टिंग पर रहता है — हर लेख में वे प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), संबंधित मंत्रालयों की विज्ञप्तियों और आधिकारिक दस्तावेज़ों का हवाला देते हैं। राय और विश्लेषण को वे समाचार से स्पष्ट रूप से अलग रखते हैं। सुझाव या तथ्य-सुधार के लिए: corrections@aajpatrika.com।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 संपन्न, भारत ने रखी ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताएं

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आयोजित 7वाँ एग्रीवोल्टाइक्स विश्व सम्मेलन 2026 संपन्न हो गया है। जानिए इससे जुड़ी खास बातें और पूरी जानकारी।

एसएमएफसीएल कॉर्पोरेट कार्यालय का उद्घाटन, 5107 करोड़ रुपये वितरित

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने नई दिल्ली में एसएमएफसीएल कॉर्पोरेट कार्यालय का उद्घाटन किया। जानिए मैरीटाइम एनबीएफसी की पूरी डिटेल।

वाणिज्य विभाग ने 2030 तक 250 अरब डॉलर इंजीनियरिंग निर्यात का रखा लक्ष्य

वाणिज्य विभाग और ईईपीसी इंडिया ने 2030 तक इंजीनियरिंग निर्यात को 250 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लिए नई रणनीति बनाई है, जानिए आंकड़े और पूरी योजना।

शिवराज सिंह चौहान ने जारी किया एनएमएमएस ऐप का नया फेस ऑथेंटिकेशन संस्करण

एनएमएमएस ऐप का नया फेस ऑथेंटिकेशन संस्करण जारी। जानिए आईआईटी मद्रास के सुरक्षा फीचर्स, नेटवर्क छूट नियम और फार्मर आईडी के आंकड़े।
हमारे बारे में · संपादकीय नीति · सुधार नीति · स्वामित्व एवं वित्त पोषण · गोपनीयता नीति · संपर्क करें
© 2026 Aaj Patrika