रविवार, अक्टूबर 25, 2026

राष्ट्रीय राजभाषा सम्मेलन 2026: खान मंत्रालय ने हिंदी के प्रचार-प्रसार पर दिया जोर

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राजभाषा सम्मेलन

खान मंत्रालय की ओर से आयोजित राष्ट्रीय राजभाषा सम्मेलन 2026 में हिंदी भाषा के शासकीय और दैनिक कार्यों में उपयोग को बढ़ाने पर जोर दिया गया।

मुख्य बातें

  • खान मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय राजभाषा सम्मेलन 2026 का आयोजन किया गया।
  • समारोह में केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे ने विजेताओं को सम्मानित किया।
  • सम्मेलन में हिंदी साहित्य और मीडिया पर विशेष पैनल चर्चाएं हुईं।
  • डॉ. विष्णु सक्सेना और अन्य कवियों द्वारा काव्य संध्या का आयोजन किया गया।

खान मंत्रालय द्वारा आयोजित राजभाषा सम्मेलन 2026 का आयोजन हिंदी भाषा, साहित्य, मीडिया और राजभाषा के प्रभावी प्रयोग को समर्पित गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकारी कामकाज में हिंदी के सहज उपयोग को बढ़ावा देना और इसकी समृद्ध विरासत से अधिकारियों को जोड़ना था। सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया।

राष्ट्रीय राजभाषा सम्मेलन 2026 में हिंदी की अहमियत

राष्ट्रीय राजभाषा सम्मेलन 2026 में खान मंत्रालय के सचिव श्री केशव चंद्र ने हिंदी साहित्य की परंपरा को याद करते हुए इसे कार्य-संस्कृति से जोड़ने का अवसर बताया। कार्यक्रम के दौरान मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती फरीदा एम. नाइक ने बताया कि इसका उद्देश्य कर्मचारियों को हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित करना है। अपर सचिव डॉ. वीना कुमारी डी. ने भी दैनिक शासकीय कार्यों में सरल हिंदी के निरंतर उपयोग को महत्वपूर्ण बताया।

साहित्य से मीडिया तक चला विचार-विमर्श

सम्मेलन के दौरान विभिन्न विषयों पर गंभीर सत्र आयोजित किए गए, जिसमें देश के जाने-माने वक्ताओं ने हिस्सा लिया। सत्रों के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • “हिंदी साहित्य को सुदृढ़ करता लेखन” विषय पर प्रो. सुधीश पचौरी, डॉ. ममता कालिया और प्रो. जितेंद्र श्रीवास्तव ने विचार रखे।
  • “हिंदी भाषा और मीडिया” सत्र में सुश्री रंजना सिंह राठौड़, श्री विनीत कुमार और श्री अशोक श्रीवास्तव ने डिजिटल माध्यमों में हिंदी की पहुंच पर चर्चा की।
  • हिंदी पखवाड़े के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कृत किया गया।
  • प्रसिद्ध कवि डॉ. विष्णु सक्सेना, सुश्री बलजीत कौर और कर्नल गौतम राजऋषि ने काव्य संध्या में अपनी प्रस्तुतियां दीं।

राजभाषा सम्मेलन का आम कामकाज पर असर

इस प्रकार के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों की फाइलों और संवाद में अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी के प्रयोग को सहज बनाना होता है। केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि हिंदी देश की विभिन्न संस्कृतियों को जोड़ने का काम करती है। उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं के संवर्धन पर भी बल दिया ताकि आम जनता तक सरकारी योजनाओं की पहुंच और अधिक प्रभावी हो सके।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? राष्ट्रीय राजभाषा सम्मेलन 2026 का आयोजन किस मंत्रालय ने किया? उत्तर। यह सम्मेलन खान मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया था।

प्रश्न? इस सम्मेलन में मुख्य रूप से किन विषयों पर चर्चा हुई? उत्तर। सम्मेलन में हिंदी साहित्य, मीडिया में हिंदी का प्रयोग और शासकीय कार्यों में राजभाषा की भूमिका पर चर्चा हुई।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी आज पत्रिका में राष्ट्रीय एवं राजनीतिक मामलों के संपादक हैं। वे संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही, सरकारी नीतियों, चुनाव, और भारत से जुड़ी बड़ी राष्ट्रीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनका ज़ोर तथ्य-आधारित, संतुलित और स्रोत-सहित रिपोर्टिंग पर रहता है — हर लेख में वे प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), संबंधित मंत्रालयों की विज्ञप्तियों और आधिकारिक दस्तावेज़ों का हवाला देते हैं। राय और विश्लेषण को वे समाचार से स्पष्ट रूप से अलग रखते हैं। सुझाव या तथ्य-सुधार के लिए: corrections@aajpatrika.com।

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