शुक्रवार, अक्टूबर 23, 2026

ड्राइविंग लाइसेंस कैसे बनवाएं? ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया

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ड्राइविंग लाइसेंस

भारत में वाहन चलाने के लिए वैध लाइसेंस होना अनिवार्य है। जानिए ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज़, टेस्ट और पक्का लाइसेंस पाने की पूरी प्रक्रिया।

मुख्य बातें

  • परिवहन पोर्टल (parivahan.gov.in) पर घर बैठे लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा सकता है।
  • लर्निंग लाइसेंस मिलने के 30 दिन बाद और 6 महीने के भीतर पक्के लाइसेंस के लिए आवेदन करना होता है।
  • निजी वाहन के लाइसेंस के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष होना अनिवार्य है।
  • आरटीओ (RTO) में प्रैक्टिकल ड्राइविंग टेस्ट पास करने के बाद लाइसेंस डाक से घर आता है।

भारत में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल parivahan.gov.in पर जाकर सबसे पहले लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन करना होता है। लर्निंग लाइसेंस जारी होने के 30 दिन बाद आप आरटीओ (RTO) जाकर प्रैक्टिकल टेस्ट देकर पक्का लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं।

ड्राइविंग लाइसेंस क्या है?

ड्राइविंग लाइसेंस एक आधिकारिक सरकारी दस्तावेज है जो किसी व्यक्ति को भारतीय सड़कों पर कानूनी रूप से गाड़ी चलाने की अनुमति देता है। यह दस्तावेज राज्य के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) या सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है। बिना वैध लाइसेंस के गाड़ी चलाना मोटर वाहन अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है।

ड्राइविंग लाइसेंस के लिए पात्रता और आयु सीमा

वाहन की श्रेणी के हिसाब से भारत में न्यूनतम आयु सीमा तय की गई है। आवेदन करने से पहले इन शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:

  • बिना गियर वाला दुपहिया वाहन (50cc तक): न्यूनतम आयु 16 वर्ष (अभिभावक की लिखित सहमति आवश्यक)।
  • गियर वाला दुपहिया और फोर-व्हीलर (निजी वाहन): न्यूनतम आयु 18 वर्ष।
  • व्यावसायिक या कमर्शियल वाहन: न्यूनतम आयु 20 वर्ष (कुछ राज्यों में 18 वर्ष के साथ निजी वाहन का 1 साल का अनुभव आवश्यक)।
  • आवेदक को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए।

आवेदन के लिए ज़रूरी दस्तावेज़

ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेज़ों की स्कैन कॉपी की आवश्यकता होती है:

  • पहचान पत्र: आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड या पासपोर्ट।
  • पता प्रमाण: आधार कार्ड, बिजली का बिल, राशन कार्ड या मकान का किराया नामा।
  • आयु प्रमाण: 10वीं की मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट।
  • अन्य सामग्री: पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर की स्कैन कॉपी।
  • मेडिकल सर्टिफिकेट: 40 वर्ष से अधिक उम्र के आवेदकों या कमर्शियल लाइसेंस के लिए फॉर्म 1A अनिवार्य है।

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का चरण-दर-चरण तरीका

भारत में लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया को दो मुख्य चरणों में बांटा गया है: पहला लर्निंग लाइसेंस और दूसरा पक्का यानी परमानेंट लाइसेंस।

  1. परिवहन पोर्टल पर जाएं: आधिकारिक वेबसाइट parivahan.gov.in खोलें और ‘Drivers/ Learners License’ विकल्प पर क्लिक करें।
  2. राज्य चुनें: अपना राज्य चुनें, जिससे आप संबंधित राज्य के सारथी पोर्टल (Sarathi) पर रीडायरेक्ट हो जाएंगे।
  3. लर्निंग लाइसेंस का फॉर्म भरें: ‘Apply for Learner Licence’ लिंक पर जाएं। अपनी निजी जानकारी, पता और वाहन का प्रकार (जैसे LMV, MCWG) चुनें।
  4. दस्तावेज़ और फोटो अपलोड करें: पहचान पत्र, पता प्रमाण, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें।
  5. फीस जमा करें और टेस्ट स्लॉट बुक करें: निर्धारित शुल्क का भुगतान करें। यदि आपका राज्य आधार सत्यापन से ऑनलाइन टेस्ट की सुविधा देता है तो घर बैठे परीक्षा दे सकते हैं, अन्यथा RTO स्लॉट बुक करें।
  6. लर्निंग टेस्ट दें: यातायात नियमों और सड़क संकेतों से जुड़े बहुविकल्पीय (MCQ) प्रश्नों के उत्तर दें। परीक्षा पास करते ही लर्निंग लाइसेंस का प्रिंट डाउनलोड हो जाएगा।
  7. पक्के लाइसेंस के लिए आवेदन करें: लर्निंग लाइसेंस मिलने के 30 दिन पूरे होने के बाद और 180 दिनों के भीतर ‘Apply for Driving Licence’ पर क्लिक करके फॉर्म भरें।
  8. RTO में ड्राइविंग टेस्ट दें: बुक की गई तारीख पर अपने वाहन के साथ RTO केंद्र पहुंचें। मोटर वाहन निरीक्षक के सामने निर्धारित ट्रैक पर वाहन चलाकर दिखाएं। टेस्ट में सफल होने पर लाइसेंस स्पीड पोस्ट से आपके घर पहुंच जाएगा।

लर्निंग और पक्के लाइसेंस में क्या अंतर है?

दोनों दस्तावेजों के अधिकार और नियम अलग-अलग होते हैं। नीचे दिए गए विवरण से इसे आसानी से समझा जा सकता है:

विशिष्टतालर्निंग लाइसेंसपक्का ड्राइविंग लाइसेंस
वैधता6 महीने तक20 साल या 40 वर्ष की आयु तक
वाहन चलाने की शर्तसाथ में पक्के लाइसेंसधारी का होना ज़रूरीअकेले वाहन चला सकते हैं
पहचान का नियमगाड़ी पर लाल रंग से ‘L’ लिखना अनिवार्यकोई विशेष प्रतीक आवश्यक नहीं
जारी होने का समयटेस्ट पास करते ही तुरंतप्रैक्टिकल टेस्ट पास करने के कुछ दिन बाद

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? क्या लर्निंग लाइसेंस मिलने के तुरंत बाद पक्का लाइसेंस बन सकता है?
उत्तर। नहीं, नियम के अनुसार लर्निंग लाइसेंस जारी होने की तारीख से कम से कम 30 दिन का इंतज़ार करना अनिवार्य है। इसके बाद ही आप पक्के लाइसेंस के लिए टेस्ट दे सकते हैं।

प्रश्न? यदि मैं आरटीओ ड्राइविंग टेस्ट में फेल हो जाऊं तो क्या होगा?
उत्तर। यदि आप प्रैक्टिकल ड्राइविंग टेस्ट में फेल हो जाते हैं, तो आप 7 दिन के बाद दोबारा री-टेस्ट के लिए स्लॉट बुक कर सकते हैं। इसके लिए मामूली पुन:-परीक्षा शुल्क देना पड़ता है।

प्रश्न? लर्निंग लाइसेंस की वैधता खत्म होने के बाद क्या करें?
उत्तर। लर्निंग लाइसेंस 6 महीने (180 दिन) के लिए वैध होता है। यदि यह अवधि समाप्त हो जाती है, तो आपको शुरू से नया लर्निंग लाइसेंस आवेदन करना होगा।

ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े नियम, आवेदन शुल्क और RTO प्रक्रियाएं विभिन्न राज्यों में थोड़ी भिन्न हो सकती हैं। किसी भी अंतिम निर्णय या भुगतान से पहले सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल parivahan.gov.in पर जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।

आधिकारिक जानकारी और नवीनतम अपडेट के लिए: https://parivahan.gov.in

यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com

सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी
सौरभ तिवारी आज पत्रिका में राष्ट्रीय एवं राजनीतिक मामलों के संपादक हैं। वे संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही, सरकारी नीतियों, चुनाव, और भारत से जुड़ी बड़ी राष्ट्रीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनका ज़ोर तथ्य-आधारित, संतुलित और स्रोत-सहित रिपोर्टिंग पर रहता है — हर लेख में वे प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), संबंधित मंत्रालयों की विज्ञप्तियों और आधिकारिक दस्तावेज़ों का हवाला देते हैं। राय और विश्लेषण को वे समाचार से स्पष्ट रूप से अलग रखते हैं। सुझाव या तथ्य-सुधार के लिए: corrections@aajpatrika.com।

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