रविवार, सितम्बर 6, 2026

सीटेट परीक्षा क्या है? जानिए योग्यता, पैटर्न और पास करने का तरीका

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सीटेट परीक्षा

केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए सीटेट परीक्षा का पैटर्न, योग्यता और पास करने की आसान रणनीति जानिए।

मुख्य बातें

  • केंद्रीय विद्यालयों (KVS/NVS) में शिक्षक बनने के लिए सीटेट परीक्षा अनिवार्य पात्रता परीक्षा है।
  • परीक्षा में दो पेपर होते हैं: पेपर 1 (कक्षा 1-5) और पेपर 2 (कक्षा 6-8)।
  • सामान्य वर्ग के लिए क्वालिफाइंग अंक 60% (90/150) हैं, जबकि आरक्षित वर्गों को छूट मिलती है।
  • सीटेट प्रमाण पत्र की वैधता अब पूरे जीवन (Lifetime) के लिए मान्य कर दी गई है।
  • आधिकारिक पोर्टल ctet.nic.in पर परीक्षा शेड्यूल और फॉर्म की जानकारी मिलती है।

अगर आप केंद्र सरकार के स्कूलों में सरकारी शिक्षक बनना चाहते हैं, तो सीटेट परीक्षा (CTET) उत्तीर्ण करना सबसे पहला और प्राथमिक कदम है।

सीटेट परीक्षा क्या है?

सीटेट परीक्षा यानी केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (Central Teacher Eligibility Test) सीबीएसई (CBSE) द्वारा आयोजित की जाने वाली एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है। इसके माध्यम से केंद्रीय विद्यालय (KVS), नवोदय विद्यालय (NVS) और आर्मी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक पढ़ाने वाले शिक्षकों की न्यूनतम पात्रता तय की जाती है।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) सामान्यतः साल में दो बार इस परीक्षा का आयोजन करता है। सीटेट में दो अलग-अलग पेपर आयोजित किए जाते हैं:

  • पेपर 1 (Paper 1): उन उम्मीदवारों के लिए है जो कक्षा 1 से 5 (प्राथमिक स्तर) के शिक्षक बनना चाहते हैं।
  • पेपर 2 (Paper 2): उन उम्मीदवारों के लिए है जो कक्षा 6 से 8 (उच्च प्राथमिक स्तर) के शिक्षक बनना चाहते हैं।

यदि कोई अभ्यर्थी कक्षा 1 से 8 दोनों स्तरों पर पढ़ाने की योग्यता रखता है, तो वह दोनों पेपरों के लिए एक साथ आवेदन कर सकता है। ध्यान रखें कि राज्य स्तर की टीईटी (State TET) से यह परीक्षा अलग होती है, क्योंकि सीटेट का प्रमाण पत्र पूरे देश में मान्य है।

सीटेट परीक्षा की पात्रता और जरूरी योग्यता

शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी करनी होती है। मुख्य नियम निम्नलिखित हैं:

  • पेपर 1 के लिए योग्यता: 12वीं कक्षा में कम से कम 50% अंक और प्रारंभिक शिक्षा में 2 वर्षीय डिप्लोमा (D.El.Ed / B.El.Ed) के अंतिम वर्ष में अध्ययनरत या उत्तीर्ण होना चाहिए।
  • पेपर 2 के लिए योग्यता: संबंधित विषय में स्नातक (Graduation) और B.Ed या D.El.Ed की डिग्री होनी चाहिए।
  • आयु सीमा: इस परीक्षा में शामिल होने के लिए कोई ऊपरी आयु सीमा तय नहीं की गई है।
  • प्रयासों की संख्या: उम्मीदवार अपना स्कोर सुधारने के लिए जितनी बार चाहें परीक्षा में बैठ सकते हैं।

सीटेट परीक्षा का पैटर्न और अंक योजना

परीक्षा की तैयारी शुरू करने से पहले इसके पैटर्न को समझना जरूरी है। सीटेट परीक्षा में कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) पूछे जाते हैं और परीक्षा की अवधि 2.5 घंटे (150 मिनट) होती है। इस परीक्षा में कोई गलत उत्तर देने पर अंक नहीं कटते यानी ऋणात्मक अंकन (Negative Marking) नहीं होता है।

पेपर 1 और पेपर 2 के विषयों की संरचना इस प्रकार है:

विषय / खंडपेपर 1 (कक्षा 1-5)पेपर 2 (कक्षा 6-8)
बाल विकास और शिक्षण शास्त्र (CDP)30 प्रश्न (30 अंक)30 प्रश्न (30 अंक)
भाषा 1 (Language I)30 प्रश्न (30 अंक)30 प्रश्न (30 अंक)
भाषा 2 (Language II)30 प्रश्न (30 अंक)30 प्रश्न (30 अंक)
गणित और पर्यावरण (Maths & EVS)60 प्रश्न (60 अंक)
गणित-विज्ञान या सामाजिक अध्ययन60 प्रश्न (60 अंक)

सीटेट परीक्षा पास करने का चरण-दर-चरण तरीका

पहले ही प्रयास में सीटेट परीक्षा पास करने के लिए एक व्यवस्थित रणनीति बनाकर पढ़ाई करना आवश्यक है। नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:

  1. NCERT की किताबों से शुरुआत करें: कक्षा 1 से 8 तक की एनसीईआरटी (NCERT) पुस्तकें ही इस परीक्षा का मूल आधार हैं। सामाजिक अध्ययन, विज्ञान और पर्यावरण के लिए एनसीईआरटी के अलावा किसी अन्य पुस्तक पर निर्भर न रहें।
  2. बाल विकास (Pedagogy) के सिद्धांतों को समझें: परीक्षा के हर खंड में 15 अंक शिक्षण शास्त्र (Pedagogy) के होते हैं। जिन पियाजे, वाइगोत्स्की, और कोहलबर्ग के सिद्धांतों की गहरी समझ विकसित करें।
  3. पिछली परीक्षाओं के प्रश्नपत्र हल करें: कम से कम पिछले 5 से 10 वर्षों के प्रश्न पत्र हल करने से प्रश्नों की प्रवृत्ति और कठिनाई के स्तर का सही विचार मिलता है।
  4. नियमित मॉक टेस्ट दें: परीक्षा में 150 मिनट में 150 प्रश्न हल करने होते हैं। समय प्रबंधन सुधारने के लिए सप्ताह में कम से कम दो मॉक टेस्ट अवश्य दें।
  5. भाषा का चयन समझदारी से करें: आवेदन पत्र भरते समय वही दो भाषाएं चुनें जिन पर आपकी व्याकरण और विषय समझ सबसे अच्छी हो।

सीटेट परीक्षा की कट-ऑफ और वैधता

सीटेट परीक्षा में पास होने के लिए उम्मीदवारों को न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स हासिल करने होते हैं:

  • सामान्य वर्ग (General Category): न्यूनतम 60% अंक (150 में से 90 अंक)।
  • आरक्षित वर्ग (OBC/SC/ST/PwD): न्यूनतम 55% अंक (150 में से 82.5 यानी 83 अंक)।

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के दिशानिर्देशों के अनुसार, अब सीटेट प्रमाण पत्र की वैधता पूरे जीवन (Lifetime Validity) के लिए कर दी गई है। एक बार परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद आपको दोबारा परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होती।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: सीटेट परीक्षा का फॉर्म कहाँ से भर सकते हैं?
उत्तर: आप सीबीएसई के आधिकारिक पोर्टल ctet.nic.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।

प्रश्न 2: क्या सीटेट परीक्षा में माइनस मार्किंग होती है?
उत्तर: नहीं, इस परीक्षा में कोई माइनस मार्किंग नहीं होती है। इसलिए अभ्यर्थियों को सभी 150 प्रश्नों के उत्तर देने की सलाह दी जाती है।

प्रश्न 3: क्या D.El.Ed या B.Ed के पहले साल में पढ़ने वाले छात्र आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: हाँ, अगर आपने शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम (Teacher Training Course) में प्रवेश ले लिया है, तो आप परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्र हैं।

प्रश्न 4: क्या सीटेट पास करने के तुरंत बाद सरकारी नौकरी मिल जाती है?
उत्तर: नहीं, सीटेट केवल एक पात्रता परीक्षा है। इसे पास करने के बाद आपको KVS, NVS, DSSSB या राज्य स्तरीय शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के लिए अलग से आवेदन करना होता है।

ध्यान दें: राज्य और केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार परीक्षा प्रक्रिया, आवेदन शुल्क और तिथियों में बदलाव हो सकते हैं। फॉर्म भरने से पहले ctet.nic.in पर जारी आधिकारिक अधिसूचना ज़रूर पढ़ें।

आधिकारिक जानकारी और नवीनतम अपडेट के लिए: https://ctet.nic.in

यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com

दीक्षा कुमारी
दीक्षा कुमारी
दीक्षा कुमारी आज पत्रिका में वरिष्ठ संपादक हैं और शिक्षा, परीक्षाएँ एवं परिणाम, खेल, मनोरंजन, धर्म-संस्कृति तथा लाइफस्टाइल कवरेज की ज़िम्मेदारी संभालती हैं। वे परीक्षा अधिसूचनाओं, रिजल्ट, प्रवेश प्रक्रिया, त्योहारों की परंपराओं और स्वास्थ्य-जीवनशैली से जुड़ी सामग्री को सरल, सटीक और सत्यापित रूप में पाठकों तक पहुँचाती हैं। स्वास्थ्य से जुड़े लेखों में वे हमेशा योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेने की सलाह जोड़ती हैं। सुझाव/सुधार: corrections@aajpatrika.com।

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