
गेट परीक्षा देश की प्रमुख राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है जिसके जरिए इंजीनियरिंग और विज्ञान के छात्रों को उच्च शिक्षा और सरकारी नौकरियों के अवसर मिलते हैं।
मुख्य बातें
- गेट परीक्षा का आयोजन देश के आईआईटी (IITs) और आईआईएससी (IISc) द्वारा बारी-बारी से किया जाता है।
- इस परीक्षा का स्कोर कार्ड तीन साल तक वैध रहता है।
- स्कोर का उपयोग एमटेक, पीएचडी में दाखिले के अलावा कई बड़ी सरकारी कंपनियों (PSU) में भर्ती के लिए होता है।
- परीक्षा में इंजीनियरिंग विषयों के अलावा जनरल एप्टीट्यूड के सवाल भी पूछे जाते हैं।
गेट परीक्षा (GATE – Graduate Aptitude Test in Engineering) एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है जो मुख्य रूप से इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और विज्ञान के स्नातकों के ज्ञान का परीक्षण करती है।
गेट परीक्षा क्या है?
गेट परीक्षा एक ऐसी प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षा है जिसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाता है। इसके माध्यम से छात्रों को देश के शीर्ष संस्थानों में मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग (ME), मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (MTech) और डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (PhD) जैसे कोर्स में प्रवेश मिलता है। इसके अलावा, कई सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम यानी पीएसयू (PSUs) सीधी भर्ती के लिए इसी स्कोर का उपयोग करते हैं।
गेट परीक्षा के लिए पात्रता और योग्यता
गेट परीक्षा देने के लिए शैक्षणिक योग्यता का एक निश्चित पैमाना तय किया गया है।
- इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, आर्किटेक्चर या विज्ञान के किसी भी मान्यता प्राप्त क्षेत्र में स्नातक डिग्री धारक या अंतिम वर्ष के छात्र आवेदन कर सकते हैं।
- विदेशी नागरिक भी इस परीक्षा के लिए पात्र होते हैं बशर्ते उन्होंने निर्धारित अर्हता प्राप्त की हो।
- इस परीक्षा में बैठने के लिए कोई ऊपरी आयु सीमा तय नहीं की गई है।
परीक्षा का पैटर्न और अंक योजना
गेट परीक्षा पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित (CBT) होती है जिसमें कुल 100 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं।
- परीक्षा की अवधि 3 घंटे की होती है।
- इसमें बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), बहु-उत्तर प्रश्न (MSQ) और न्यूमेरिकल आंसर टाइप (NAT) प्रश्न शामिल होते हैं।
- प्रश्न पत्र मुख्य रूप से जनरल एप्टीट्यूड (15 अंक) और संबंधित विषय (85 अंक) पर आधारित होता है।
- गलत उत्तरों के लिए नेगेटिव मार्किंग केवल एमसीक्यू प्रश्नों पर लागू होती है।
गेट परीक्षा स्कोर का महत्व
गेट परीक्षा का स्कोर कार्ड रिजल्ट घोषित होने की तारीख से तीन साल तक वैध रहता है। उच्च शिक्षा के दौरान छात्रों को इस स्कोर के आधार पर हर महीने फेलोशिप या छात्रवृत्ति भी मिलती है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां जैसे ओएनजीसी (ONGC), एनटीपीसी (NTPC), और आईओसीएल (IOCL) इंजीनियरों के चयन के लिए इसी स्कोर को मुख्य आधार मानती हैं। कई विदेशी विश्वविद्यालय भी दाखिले के लिए इस स्कोर को स्वीकार करते हैं।
आवेदन के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी करते समय कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है।
- स्कैन किया हुआ पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ और हस्ताक्षर
- वैध फोटो पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या पासपोर्ट
- कक्षा 10वीं और 12वीं की मार्कशीट
- स्नातक डिग्री का प्रमाण पत्र या मार्कशीट
- श्रेणी प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? क्या गेट परीक्षा के लिए कोई आयु सीमा है?
उत्तर। नहीं, इस परीक्षा में शामिल होने के लिए किसी भी प्रकार की अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है।
प्रश्न? गेट स्कोर कितने साल तक मान्य रहता है?
उत्तर। परीक्षा परिणाम घोषित होने की तिथि से गेट स्कोर तीन साल के लिए वैध माना जाता है।
प्रश्न? क्या अंतिम वर्ष के छात्र आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर। हां, स्नातक डिग्री के अंतिम वर्ष में पढ़ाई कर रहे छात्र भी इसके लिए योग्य हैं।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। परीक्षा नियमों और तिथियों में बदलाव संभव है, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी अवश्य जांच लें।
यह लेख आज पत्रिका की एक्सप्लेनर डेस्क द्वारा सामान्य जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। नियम और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं — कृपया आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें। सुधार/सुझाव: corrections@aajpatrika.com






