
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने तमिल दैनिक ‘दिनामलार’ की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर चेन्नई में एक विशेष स्मारक डाक टिकट जारी किया।
मुख्य बातें
- उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने चेन्नई में ‘दिनामलार’ का स्मारक डाक टिकट जारी किया।
- तमिल दैनिक समाचार पत्र ‘दिनामलार’ की स्थापना वर्ष 1951 में श्री टी. वी. रामासुब्बईयर ने की थी।
- समारोह में डाक विभाग के चेन्नई क्षेत्रीय निदेशक मेजर मनोज और दिनामलार के संपादक डॉ. आर. रामासुब्बू उपस्थित थे।
- उपराष्ट्रपति ने स्कूली बच्चों के लिए प्रकाशित होने वाली दिनामलार की विशेष पत्रिका ‘पट्टम’ की सराहना की।
उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने चेन्नई में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान दिनामलार डाक टिकट जारी किया है। पीआईबी के अनुसार, यह विशेष स्मारक डाक टिकट प्रसिद्ध तमिल दैनिक समाचार पत्र ‘दिनामलार’ की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने और इसके प्लेटिनम जुबली समारोह के उपलक्ष्य में जारी किया गया है। 05 सितंबर 2026 को चेन्नई में आयोजित इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने समाचार पत्र द्वारा पिछले सात दशकों में समाज और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि दिनामलार ने अपनी स्थापना से लेकर अब तक सत्य, निष्पक्षता, देशभक्ति और जनसेवा के मूल्यों को बनाए रखा है, जिसके बल पर इसने तमिलनाडु सहित पूरे देश में पाठकों का भरोसा जीता है।
दिनामलार डाक टिकट जारी करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
दिनामलार डाक टिकट तमिल समाचार पत्र दिनामलार के 75 वर्षों की गौरवशाली पत्रकारिता यात्रा के सम्मान में जारी किया गया है। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने चेन्नई में आयोजित समारोह के दौरान इसे जारी करते हुए कहा कि यह डाक टिकट संस्थान द्वारा राष्ट्र सेवा, निष्पक्ष समाचार और जन-जागरूकता फैलाने के समर्पित प्रयासों का एक ऐतिहासिक प्रतीक है।
समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि दिनामलार डाक टिकट का विमोचन स्वतंत्र और जिम्मेदार पत्रकारिता का सम्मान करने की एक विशिष्ट पहल है। किसी भी समाचार पत्र के लिए 75 वर्षों की निरंतर यात्रा पूरी करना एक बड़ी उपलब्धि है। भारतीय मीडिया के परिदृश्य में क्षेत्रीय समाचार पत्रों का स्थान बहुत मजबूत रहा है, और दिनामलार ने तमिल भाषी क्षेत्रों में जन-जन तक सटीक सूचनाएं पहुंचाने का कार्य जिम्मेदारी से निभाया है।
उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में रेखांकित किया कि वर्ष 1951 में जब इस समाचार पत्र की आधारशिला रखी गई थी, तब इसका ध्येय समाज को सत्य और निष्पक्ष जानकारी प्रदान करना था। आज जब यह संस्था अपने 75 वर्ष पूरे कर रही है, तब दिनामलार डाक टिकट के माध्यम से इस लंबी यात्रा के हर चरण को सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि जब कोई मीडिया संस्थान बिना किसी दबाव के निडर होकर जनता की आवाज उठाता है, तो वह लोगों के दिलों में स्थायी जगह बना लेता है।
दिनामलार डाक टिकट विमोचन और 75 साल की पत्रकारिता यात्रा
उपराष्ट्रपति ने दिनामलार के संस्थापक श्री टी. वी. रामासुब्बईयर के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि 1951 में श्री टी. वी. रामासुब्बईयर के मन में उपजा एक विचार आज एक विशाल समाचार संगठन का रूप ले चुका है। एक छोटे स्तर से शुरू होकर इतने बड़े राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर स्थापित होना असाधारण है। दिनामलार डाक टिकट का यह अवसर संस्था की कई पीढ़ियों के कठोर परिश्रम, दूरदर्शिता, समर्पण और सामूहिक प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।
पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर बात करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी समाचार पत्र के लिए पाठकों का भरोसा पाना और उसे बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है। कोई भी मीडिया संस्थान जनता का विश्वास केवल तभी हासिल कर सकता है, जब वह किसी भी दबाव के आगे झुके बिना निडर होकर सत्य, राष्ट्रहित, देशभक्ति और जन-सेवा जैसे उच्च आदर्शों पर अडिग रहे। दिनामलार डाक टिकट इस बात का प्रमाण है कि पिछले 75 वर्षों में इस पत्र ने अपने लाखों पाठकों के साथ ईमानदारी का रिश्ता कायम रखा है। उन्होंने समाचार पत्र प्रबंधन से आग्रह किया कि वे आने वाले कई दशकों तक इसी निष्पक्षता और राष्ट्रभक्ति के साथ समाज की सेवा जारी रखें।
युवा पीढ़ी को सशक्त बनाने में ‘पट्टम’ का योगदान
अपने भाषण के दौरान उपराष्ट्रपति ने नई पीढ़ी और स्कूली बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए दिनामलार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने दिनामलार समूह के छात्र-केंद्रित विशेष प्रकाशन ‘पट्टम’ (Pattam) का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दिनामलार डाक टिकट के साथ-साथ संस्था की उन सामाजिक पहलों को भी सराहा जाना चाहिए जो समाज के भावी कर्णधारों को गढ़ने का काम कर रही हैं। ‘पट्टम’ के माध्यम से स्कूली छात्रों के बीच सामान्य ज्ञान, समसामयिक विषयों, भाषा कौशल और वैज्ञानिक नवाचारों के प्रति रुचि पैदा की जा रही है।
आज के समय में जब बच्चे डिजिटल सूचनाओं के बीच रहते हैं, तब पट्टम जैसी पहल उन्हें प्रामाणिक और उपयोगी सामग्री प्रदान करती है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि स्कूली जीवन से ही बच्चों में समाचार पत्र पढ़ने की आदत डालना, उनके सोचने-समझने की क्षमता और तर्कशक्ति को विकसित करता है। दिनामलार ने इस दिशा में अनुकरणीय कार्य किया है।
डाक विभाग और स्मारक डाक टिकटों का ऐतिहासिक महत्व
भारत में स्मारक डाक टिकट जारी करने की एक समृद्ध परंपरा रही है। भारतीय डाक विभाग देश की महान हस्तियों, ऐतिहासिक घटनाओं, महत्वपूर्ण संस्थानों, सांस्कृतिक धरोहरों और राष्ट्रीय उपलब्धियों को स्मरणीय बनाने के लिए विशेष डाक टिकट जारी करता है। दिनामलार डाक टिकट इसी कड़ी का हिस्सा है, जो भारतीय क्षेत्रीय मीडिया के इतिहास को दर्ज करता है।
स्मारक डाक टिकट केवल डाक शुल्क का माध्यम नहीं होते, बल्कि वे भावी पीढ़ियों के लिए इतिहास के प्रामाणिक दस्तावेज और संग्रहणीय वस्तु बन जाते हैं। दुनिया भर में फिलाटेली (डाक टिकट संग्रह) के प्रेमी ऐसे विशेष टिकटों को सहेज कर रखते हैं। दिनामलार के 75 वर्ष पूरे होने पर दिनामलार डाक टिकट भारतीय डाक विभाग और मीडिया इतिहास का एक खास हिस्सा बन गया है।
चेन्नई में आयोजित समारोह के मुख्य बिंदु
- उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने मुख्य अतिथि के रूप में विशेष स्मारक डाक टिकट का अनावरण किया।
- भारतीय डाक विभाग की ओर से चेन्नई के क्षेत्रीय निदेशक मेजर मनोज समारोह में उपस्थित रहे।
- दिनामलार समूह के संपादक डॉ. आर. रामासुब्बू और प्रकाशक श्री एल. आदिमूलम ने उपराष्ट्रपति का स्वागत किया।
- समारोह में समूह के प्रतिनिधि डॉ. एल. रामासुब्बू, श्रीमती जयश्री और श्री आर. आर. गोपालजी सहित कई अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
- 1951 से शुरू हुई दिनामलार की यात्रा और संस्थापक श्री टी. वी. रामासुब्बईयर के योगदान को विशेष रूप से याद किया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: उपराष्ट्रपति ने किस समाचार पत्र के 75 वर्ष पूरे होने पर डाक टिकट जारी किया है?
उत्तर: उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने तमिलनाडु के प्रमुख दैनिक समाचार पत्र ‘दिनामलार’ के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में स्मारक डाक टिकट जारी किया है।
प्रश्न: दिनामलार समाचार पत्र की स्थापना कब और किसने की थी?
उत्तर: दिनामलार की स्थापना वर्ष 1951 में श्री टी. वी. रामासुब्बईयर द्वारा सत्य और निष्पक्षता के संकल्प के साथ की गई थी।
प्रश्न: दिनामलार डाक टिकट विमोचन समारोह का आयोजन कहां किया गया था?
उत्तर: यह विमोचन समारोह तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में 05 सितंबर 2026 को आयोजित किया गया था, जिसमें डाक विभाग के अधिकारियों और समाचार पत्र समूह के संपादकों ने भाग लिया।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






