
श्रीराम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स के शताब्दी समारोह में पहुंचे पीएम मोदी ने 2013 और 2026 के भारत की तुलना करते हुए देश की आर्थिक व औद्योगिक उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया।
मुख्य बातें
- 1926 में दरियागंज से शुरू हुआ श्रीराम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स अपनी 100 वर्षों की यात्रा पूरी कर चुका है।
- भारत की त्रैमासिक जीडीपी वृद्धि दर प्रतिकूल वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद 7.8 प्रतिशत रही।
- देश का रक्षा उत्पादन ₹2 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंचा और रक्षा निर्यात ₹40,000 करोड़ तक बढ़ा।
- पिछले 12 वर्षों में 60 करोड़ जनधन खाते खोले गए और रेलवे लाइनों का करीब 100 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हुआ।
दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध श्रीराम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स के एसआरसीसी शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और देश के युवाओं को संबोधित किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने वर्ष 2013 में इसी कॉलेज परिसर में दिए गए अपने प्रसिद्ध भाषण को याद किया और बताया कि पिछले 12 वर्षों में भारत आर्थिक एवं सामाजिक मोर्चे पर किस तरह एक बड़े बदलाव का साक्षी बना है।
एसआरसीसी शताब्दी समारोह का क्या महत्व है?
एसआरसीसी शताब्दी समारोह दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स की 100 वर्षों की गौरवशाली शैक्षणिक यात्रा का उत्सव है। 1926 में उद्योगपति सर श्रीराम द्वारा एक छोटे वाणिज्य संस्थान के रूप में शुरू हुआ यह कॉलेज आज देश का अग्रणी वाणिज्य और अर्थशास्त्र संस्थान है। इस समारोह में कॉलेज की ऐतिहासिक उपलब्धियों, प्रसिद्ध पूर्व छात्रों और देश के विकास में इसके योगदान पर प्रकाश डाला गया।
एसआरसीसी शताब्दी समारोह में 2013 और 2026 के भारत की तुलना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एसआरसीसी शताब्दी समारोह में बोलते हुए वर्ष 2013 और वर्तमान समय के भारत की स्थिति की तुलना की। उन्होंने याद दिलाया कि 2013 के दौर में देश में चारों तरफ निराशा का माहौल था और भारतीय अर्थव्यवस्था को दुनिया के फ्रैजाइल फाइव देशों में गिनते थे। उस दौरान महंगाई दर लगभग 10 प्रतिशत के पास थी, औद्योगिक क्षेत्र मंदी की चपेट में था और चालू खाता घाटा उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2013 में जब उन्होंने इसी मंच से ग्लास के आधा भरे और आधा खाली होने का उदाहरण दिया था, तब उन्होंने भारत की सकारात्मक क्षमता पर भरोसा जताया था। एसआरसीसी शताब्दी समारोह में उन्होंने कहा कि आज भारत की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। दुनिया में चल रहे युद्ध और व्यापारिक तनाव के बावजूद भारत ने हाल में 7.8 प्रतिशत की तिमाही जीडीपी वृद्धि दर हासिल की है। इसके साथ ही जापानी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने भारत की रेटिंग को अपग्रेड किया है।
अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे के प्रमुख आंकड़े
अपने विस्तृत भाषण में प्रधानमंत्री ने पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न आर्थिक और औद्योगिक क्षेत्रों में हुई प्रगति के आंकड़े साझा किए:
- विकास दर: भारत ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी 7.8 प्रतिशत की त्रैमासिक जीडीपी वृद्धि दर दर्ज की है।
- बिजली उत्पादन: अप्रैल से जून की अवधि के दौरान देश में बिजली उत्पादन में 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
- वाहन बिक्री: ऑटोमोबाइल क्षेत्र में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है, जिसमें दोपहिया वाहनों में 20 प्रतिशत और तिपहिया वाहनों की बिक्री में लगभग 30 प्रतिशत का उछाल आया है।
- स्टील और सीमेंट की खपत: निर्माण कार्य और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति मिलने से सीमेंट तथा स्टील की खपत में 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
- मोबाइल फोन निर्यात: वर्ष 2014 में जहां भारत अधिकांश स्मार्टफोन का आयात करता था, वहीं आज भारत 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मोबाइल फोन का निर्यात कर रहा है।
- रक्षा निर्माण: देश का रक्षा उत्पादन लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गया है, और रक्षा निर्यात 2013-14 के 600-700 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 40,000 करोड़ रुपये हो चुका है।
- रेल विद्युतीकरण: 1925 में पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन चलने के बाद 2014 तक (90 वर्षों में) केवल 30 प्रतिशत रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण हो पाया था, जिसे पिछले 12 वर्षों में बढ़ाकर लगभग 100 प्रतिशत कर दिया गया है।
एसआरसीसी शताब्दी समारोह में वित्तीय समावेशन और फिनटेक क्रांति पर चर्चा
प्रधानमंत्री ने एसआरसीसी शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए जनधन योजना की 12वीं वर्षगांठ का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मार्च 2014 तक देश की 50 प्रतिशत से अधिक आबादी के पास अपना बचत बैंक खाता तक नहीं था। गरीब, महिलाएं, प्रवासी मजदूर और छात्र बैंकिंग प्रणाली से पूरी तरह बाहर थे। एसआरसीसी शताब्दी समारोह में पीएम ने बताया कि बीते 12 वर्षों में जनधन योजना के माध्यम से करीब 60 करोड़ नए बैंक खाते खोले गए हैं।
इसी वित्तीय समावेशन ने आज भारत को दुनिया में फिनटेक और डिजिटल भुगतान क्रांति का अगुआ बना दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा देश के आम नागरिकों को सशक्त बनाने की रही है, जिससे माई-बाप कल्चर समाप्त हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि भारत ने पिछले दशक में दुनिया के लगभग 40 देशों के साथ व्यापार समझौते और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) किए हैं, जिससे भारतीय युवाओं के लिए अवसरों के नए रास्ते खुले हैं।
भविष्य का भारत और एसआरसीसी का गौरवशाली इतिहास
एसआरसीसी शताब्दी समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने देश के भविष्य का खाका भी प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत विनिर्माण, अनुसंधान और नवाचार का वैश्विक केंद्र बनेगा। भारत कृषि निर्यात के क्षेत्र में सुपरपावर बनेगा, देश का अपना अंतरिक्ष स्टेशन होगा और भारत दुनिया के सबसे भव्य ओलंपिक खेलों का आयोजन भी करेगा।
श्रीराम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स की स्थापना 1926 में प्रख्यात उद्योगपति सर श्रीराम ने दिल्ली के दरियागंज में की थी। एक छोटी सी जगह से शुरू हुआ यह कॉलेज आज विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है। एसआरसीसी शताब्दी समारोह इस कॉलेज के पूर्व छात्रों की उपलब्धियों को याद करने का भी अवसर रहा। दिवंगत पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली, अर्थशास्त्री संजीव सान्याल और वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा सहित अनेक प्रमुख हस्तियां इसी संस्थान की देन हैं। इस समारोह में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री प्रहलाद जोशी, दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह और कॉलेज की प्राचार्या सिमरित कौर भी उपस्थित रहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? एसआरसीसी शताब्दी समारोह का आयोजन किस अवसर पर किया गया? उत्तर। दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स (SRCC) की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एसआरसीसी शताब्दी समारोह का आयोजन किया गया।
प्रश्न? एसआरसीसी शताब्दी समारोह में पीएम मोदी ने रक्षा क्षेत्र के क्या आंकड़े दिए? उत्तर। पीएम मोदी ने बताया कि भारत का रक्षा उत्पादन लगभग 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है और रक्षा निर्यात बढ़कर करीब 40,000 करोड़ रुपये हो गया है।
प्रश्न? रेलवे विद्युतीकरण को लेकर एसआरसीसी शताब्दी समारोह में क्या जानकारी दी गई? उत्तर। प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 तक जहां केवल 30 प्रतिशत रेल लाइनें विद्युत चालित थीं, वहीं पिछले 12 वर्षों में रेलवे लाइनों का लगभग 100 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा कर लिया गया है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






