
इंडिया पोस्ट और यूटीआई म्यूचुअल फंड ने देश भर में वित्तीय सेवाओं और केवाईसी सत्यापन का दायरा बढ़ाने के लिए हाथ मिलाया है।
मुख्य बातें
- इंडिया पोस्ट और यूटीआई म्यूचुअल फंड ने साझेदारी मजबूत की है
- मुंबई में यूटीआई एएमसी कॉर्पोरेट कार्यालय में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए
- डाक विभाग के सीजीएम अदनान अहमद और यूटीआई एमडी वेत्री सुब्रमण्यम रहे मौजूद
- दूरदराज के इलाकों में निवेशकों के घर तक पहुंचेगी केवाईसी सत्यापन सुविधा
इंडिया पोस्ट और यूटीआई म्यूचुअल फंड ने देश भर में निवेशकों की पहुंच बढ़ाने और म्यूचुअल फंड सेवाओं तक आसान पहुंच बनाने के लिए अपनी दीर्घकालिक साझेदारी को और मजबूत किया है। इस नई व्यवस्था के तहत पूरे देश में केवाईसी सत्यापन सेवाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे आम निवेशकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। देश के दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोग अब आसानी से अपनी वित्तीय औपचारिकताएं पूरी कर सकेंगे।
केवाईसी सत्यापन सेवाओं का दायरा बढ़ाने के लिए हुआ समझौता
पैन-इंडिया केवाईसी सत्यापन सेवाओं का विस्तार करने के लिए यूटीआई म्यूचुअल फंड और डाक विभाग के बीच यह बड़ा कदम उठाया गया है। इस संबंध में मुंबई में यूटीआई एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के कॉर्पोरेट कार्यालय में एक विशेष बैठक आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान दोनों संस्थानों के शीर्ष अधिकारियों ने कागजी कार्रवाई पूरी की और आपसी सहमति के दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया।
प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) से मिली जानकारी के अनुसार, इस समझौते पर डाक विभाग के पार्सल एवं सीसीए निदेशक के मुख्य महाप्रबंधक श्री अदनान अहमद और यूटीआई एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री वेत्री सुब्रमण्यम ने हस्ताक्षर किए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नियामक आवश्यकताओं का पूरी तरह पालन करते हुए निवेशकों के लिए सत्यापन प्रक्रिया को बेहद सुगम और पारदर्शी बनाना है।
डाक नेटवर्क के जरिए घर-घर पहुंचेंगी वित्तीय सुविधाएं
भारत सरकार के डाक विभाग के पास देश का सबसे बड़ा और मजबूत जमीनी नेटवर्क है। इस विशाल डाक नेटवर्क और अंतिम छोर तक की कनेक्टिविटी का पूरा उपयोग करके निवेशकों को उनके दरवाजे पर सत्यापन की सुविधा दी जाएगी। उन क्षेत्रों में भी यह सेवा आसानी से मिलेगी जहां पारंपरिक वित्तीय संस्थान या बैंक अभी तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाए हैं।
- मुंबई स्थित यूटीआई एएमसी कॉर्पोरेट कार्यालय में 29 अक्टूबर 2026 को हुआ समझौता।
- डाक विभाग के मुख्य महाप्रबंधक श्री अदनान अहमद द्वारा एमओयू पर हस्ताक्षर।
- यूटीआई एएमसी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री वेत्री सुब्रमण्यम की प्रमुख उपस्थिति।
- दूरदराज और कम सेवा वाले क्षेत्रों के निवेशकों को मिलेगा सीधा लाभ।
निवेशकों को कैसे मिलेगा इस साझेदारी का लाभ
पारंपरिक रूप से म्यूचुअल फंड निवेश और उससे जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने में निवेशकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कई बार उचित मार्गदर्शन या दफ्तरों की दूरी के कारण लोग निवेश से दूर रह जाते थे। अब इस साझेदारी के बाद डाक विभाग के कर्मचारी स्थानीय स्तर पर ही निवेशकों की मदद करेंगे।
यह विस्तारित सहयोग पिछले सुधारों को ही आगे बढ़ाता है, जिससे निवेशकों को लंबित केवाईसी को पूरा करने और दस्तावेजों के अंतर को दूर करने में पहले ही मदद मिली थी। अब उम्मीद की जा रही है कि म्यूचुअल फंड में अधिक से अधिक आम लोगों की भागीदारी बढ़ेगी और वित्तीय साक्षरता को भी एक नया बल मिलेगा।
इंडिया पोस्ट और यूटीआई म्यूचुअल फंड की पृष्ठभूमि
भारतीय डाक विभाग देश का सबसे पुराना और भरोसेमंद संचार एवं सार्वजनिक सेवा नेटवर्क है जो समय के साथ खुद को आधुनिक वित्तीय सेवाओं से जोड़ रहा है। दूसरी ओर, यूटीआई म्यूचुअल फंड देश के सबसे पुराने और बड़े म्यूचुअल फंड घरानों में से एक है जिसने करोड़ों निवेशकों को वित्तीय बाजार से जोड़ा है। इन दोनों दिग्गजों के मिलने से देश के कोने-कोने तक वित्तीय समावेशन का सपना सच साबित हो रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? इस समझौते का मुख्य उद्देश्य क्या है? उत्तर। देश भर में केवाईसी सत्यापन सेवाओं का विस्तार करना और निवेशकों के दरवाजे तक वित्तीय सुविधाएं पहुंचाना।
प्रश्न? इस समझौते पर किन अधिकारियों ने हस्ताक्षर किए? उत्तर। डाक विभाग के सीजीएम श्री अदनान अहमद और यूटीआई एएमसी के एमडी व सीईओ श्री वेत्री सुब्रमण्यम ने हस्ताक्षर किए।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






