
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने विशेष अभियान 6.0 के तहत पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामानों का व्यवस्थित निपटान शुरू किया है।
मुख्य बातें
- निपटान के लिए कुल 5,337 पुरानी और ई-कचरा वस्तुओं की पहचान की गई थी।
- नीलामी प्रक्रिया से अब तक 11,40,220 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
- अभियान के दौरान लगभग 600 वर्ग फुट कार्यालय की जगह खाली कराई गई है।
- यह पहल लंबित मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान 6 का हिस्सा है।
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) द्वारा देश में ई कचरा प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं, जिसके तहत इलेक्ट्रॉनिक कचरे को प्रभावी ढंग से इकट्ठा करने और नष्ट करने का काम चल रहा है। पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के अनुसार, यह पूरी कवायद कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। मंत्रालय का यह विशेष प्रयास देश भर के सरकारी कार्यालयों में पुराने और बेकार पड़े सामानों को हटाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव लेकर आ रहा है।
ई कचरा प्रबंधन से जुड़ी मुख्य बातें और आंकड़े
ई कचरा प्रबंधन अभियान के तहत मंत्रालय ने बड़ी संख्या में पुरानी और अनुपयोगी वस्तुओं को चिन्हित किया है, जिन्हें व्यवस्थित तरीके से हटाया जा रहा है।
इस विशेष अभियान के अंतर्गत निपटान के लिए कुल 5,337 पुरानी और इलेक्ट्रॉनिक कचरा वस्तुओं की पहचान की गई थी। इन सभी वस्तुओं को सुरक्षित और नियमों के दायरे में रखते हुए नीलामी के जरिए निपटाया जा रहा है। इस प्रक्रिया से न केवल सरकारी खजाने में राजस्व आ रहा है, बल्कि दफ्तरों में बंद पड़ी जगह भी फिर से इस्तेमाल के लायक बन रही है। मंत्रालय के इन प्रयासों से जुड़े आंकड़े इस प्रकार हैं:
- निपटान के लिए पहचानी गई कुल वस्तुएं: 5,337
- नीलामी से प्राप्त कुल राजस्व: 11,40,220 रुपये
- खाली कराई गई कार्यालय की जगह: लगभग 600 वर्ग फुट
कार्यालयों में स्वच्छता और संसाधनों का बेहतर उपयोग
सरकारी दफ्तरों में अक्सर सालों से पुराने कंप्यूटर, प्रिंटर, फर्नीचर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण धूल फांकते रहते हैं, जिससे जगह घिरती है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। इस तरह के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य सरकारी परिसरों से बेकार और पुराने सामानों को पूरी पारदर्शिता के साथ बाहर का रास्ता दिखाना है। ई कचरा प्रबंधन के इस चरण में मंत्रालय ने पुरानी और खराब हो चुकी मशीनों को अलग करने का काम प्राथमिकता से किया है। जब इस तरह का कचरा वैज्ञानिक और कानूनी तरीकों से बाहर निकाला जाता है, तो इससे न केवल दफ्तर साफ-सुथरे दिखते हैं बल्कि काम करने का माहौल भी बेहतर होता है।
पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक दक्षता का मेल
प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के दिशानिर्देशों के तहत हर साल इस प्रकार के स्वच्छता अभियानों का आयोजन किया जाता है। ई कचरा प्रबंधन केवल कचरा हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण के प्रति जवाबदेही का भी एक पैमाना है। इलेक्ट्रॉनिक कचरे में कई तरह के खतरनाक रसायन और धातुएं होती हैं, यदि उनका सही तरीके से निपटारा न किया जाए तो वे मिट्टी और भूजल को प्रदूषित कर सकती हैं। मंत्रालय द्वारा नीलामी के जरिए इन वस्तुओं को अधिकृत खरीदारों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे उनका रीसाइक्लिंग या उचित नष्टीकरण सुनिश्चित हो सके।
विशेष अभियान 6.0 की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
यह पूरी गतिविधि ‘लंबित मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान 6’ यानी एससीडीपीएम 6 के तहत संचालित हो रही है। इस राष्ट्रव्यापी अभियान का मकसद सरकारी कार्यालयों में फाइलों, पुरानी सामग्री और कबाड़ के रूप में अटके हुए मामलों का तेजी से निपटारा करना है। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है और तय किए गए लक्ष्यों की दिशा में ठोस नतीजे हासिल किए हैं। इस तरह के अभियानों से सरकारी मशीनरी में सुस्ती कम होती है और जनता के लिए काम करने की गति तेज होती है।
आगे की राह और भविष्य की योजनाएं
इस तरह के सफल अभियानों के बाद अब अन्य मंत्रालयों और विभागों पर भी पुराने कबाड़ को समय पर हटाने का दबाव और प्रेरणा बढ़ जाती है। ई कचरा प्रबंधन के मामलों में यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में और भी सरकारी संस्थान इस तरह की नीलामियां आयोजित करेंगे। दफ्तरों में जगह खाली होने से नए और आधुनिक उपकरणों को लगाने के लिए जगह मिलती है, जिससे अंततः सरकारी कामकाज की गुणवत्ता में सुधार होता है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस प्रकार की स्वच्छता और अपسكر प्रबंधन की गतिविधियां निरंतर जारी रहेंगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? ई कचरा प्रबंधन अभियान किस मंत्रालय द्वारा चलाया जा रहा है?
उत्तर। यह अभियान नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) द्वारा चलाया जा रहा है।
प्रश्न? इस अभियान से अब तक कितना राजस्व प्राप्त हुआ है?
उत्तर। नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से अब तक कुल 11,40,220 रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
प्रश्न? इस पहल के तहत कितनी वस्तुओं की पहचान की गई थी?
उत्तर। निपटान के लिए कुल 5,337 पुरानी और ई-कचरा वस्तुओं की पहचान की गई थी।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






