
वित्तीय सेवाएं विभाग के तत्वावधान में देश की 27 लाख ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों में चलेगा विशेष बैंक अभियान, बीमा और पेंशन योजनाओं पर रहेगा जोर।
मुख्य बातें
- अभियान की अवधि: 21 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक
- दायरा: देश भर की 27 लाख ग्राम पंचायतें और शहरी स्थानीय निकाय
- आयोजक: वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS)
- मुख्य गतिविधियां: पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई, एपीवाई नामांकन और केसीसी आवेदन
देश के हर नागरिक को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने के लिए वित्तीय समावेशन योजना के तहत एक बड़ा राष्ट्रव्यापी अभियान आयोजित किया जा रहा है। वित्तीय सेवाएं विभाग की ओर से मिलने वाली जानकारी के मुताबिक, यह विशेष अभियान आगामी 21 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 31 दिसंबर 2026 तक लगातार जारी रहेगा। इस राष्ट्रव्यापी पहल का मुख्य उद्देश्य देश के दूर-दराज के इलाकों और ग्रामीण स्तर पर सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
वित्तीय समावेशन योजना के तहत क्या होगा?
वित्तीय समावेशन योजना के अंतर्गत देश भर की कुल 27 लाख ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों को शामिल किया जाएगा। इस अवधि के दौरान बैंकों की तरफ से विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां ग्रामीण और शहरी इलाकों के लोग आसानी से बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। सरकार का यह कदम देश के आर्थिक ढांचे को मजबूत करने और हर नागरिक को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक अहम प्रयास है।
इन शिविरों में मुख्य रूप से जन धन खाते खोलने से लेकर बीमा और पेंशन योजनाओं के नामांकन पर काम किया जाएगा। वित्तीय सेवाएं विभाग द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे अभियान की निगरानी राज्य प्रशासन, विभिन्न बैंकों और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बहुत बारीकी से की जाएगी ताकि हर जरूरतमंद तक इसका फायदा पहुंच सके।
शिविरों में इन प्रमुख कार्यों पर रहेगा जोर
- प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत नया नामांकन करना।
- प्रधानमंत्री जन धन योजना के नए खाते खोलना और मौजूदा खातों में आधार सीडिंग करना।
- अटल पेंशन योजना के तहत अधिक से अधिक पात्र लोगों को जोड़ना।
- मौजूदा बचत खातों के लिए पुनः केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करना।
- लावारिस वित्तीय संपत्तियों और डिजिटल धोखाधड़ी के प्रति जागरूकता सत्र चलाना।
- किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के आवेदन स्वीकार करना और फसल बीमा के तहत नामांकन करना।
इस अभियान की शुरुआत से पहले वित्तीय सेवाएं विभाग के संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में बैंकों और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के वरिष्ठ प्रबंधन के साथ एक उच्चस्तरीय प्रारंभिक बैठक भी आयोजित की जा चुकी है, जिसमें पूरी रूपरेखा तैयार की गई है।
वित्तीय समावेशन योजना का आम आदमी पर असर
इस राष्ट्रव्यापी अभियान के धरातल पर उतरने से ग्रामीण भारत की तस्वीर काफी हद तक बदल सकती है। जो लोग कागजी कार्रवाई या बैंक शाखाओं की दूरियों के कारण अब तक सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित थे, वे अब अपने ही गांव या पंचायत स्तर पर इन सुविधाओं से जुड़ सकेंगे। बीमा और पेंशन योजनाओं का दायरा बढ़ने से निम्न आय वर्ग के परिवारों को आपात स्थिति में आर्थिक सुरक्षा की गारंटी मिलती है। इसके अलावा, किसानों को कृषि ऋण और फसल बीमा का लाभ सीधे मिलने से उनकी खेती से जुड़ी वित्तीय जरूरतें आसानी से पूरी हो सकेंगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? वित्तीय समावेशन योजना का नया अभियान कब से शुरू होगा? उत्तर। यह राष्ट्रव्यापी अभियान 21 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 31 दिसंबर 2026 तक चलेगा।
प्रश्न? इस अभियान में कौन-कौन सी मुख्य योजनाएं शामिल हैं? उत्तर। इसमें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, जन धन योजना और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाएं शामिल हैं।
प्रश्न? यह अभियान कहां आयोजित किया जाएगा? उत्तर। देश भर की लगभग 27 लाख ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों में बैंकों द्वारा विशेष शिविर लगाकर यह अभियान चलाया जाएगा।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






