गुरूवार, अक्टूबर 8, 2026

आयुष सेवा क्षेत्र के कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी 43 प्रतिशत, रिपोर्ट में खुलासा

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आयुष सेवा क्षेत्र

आयुष सेवा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है और संगठित संस्थानों में यह आंकड़ा 50 प्रतिशत के पार पहुंच गया है।

मुख्य बातें

  • आयुष सेवा क्षेत्र के कुल कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी 43 प्रतिशत दर्ज की गई है।
  • वर्ष 2024-25 में इस क्षेत्र का अनुमानित आकार 36.92 अरब अमेरिकी डॉलर था।
  • शैक्षणिक संस्थानों में महिलाओं की भागीदारी 58 प्रतिशत और अस्पतालों में 53 प्रतिशत है।
  • वर्ष 2022-23 से इस क्षेत्र में 16.91 प्रतिशत की वार्षिक औसत वृद्धि दर दर्ज की गई है।

आयुष सेवा क्षेत्र के कुल कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी 43 प्रतिशत तक पहुंच गई है जो देश के स्वास्थ्य और वेलनेस इकोसिस्टम में एक बड़ा बदलाव दर्शाता है। पत्र सूचना ब्यूरो (PIB) द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, अस्पतालों, डे-केयर केंद्रों, शैक्षणिक संस्थानों और वेलनेस प्रतिष्ठानों जैसे कई संगठित क्षेत्रों में महिलाओं की यह भागीदारी 50 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई है। आयुर्वेद दिवस 2026 के अवसर पर आर.आई.एस. द्वारा यह आकलन जारी किया गया है, जो स्वास्थ्य सेवा और रोजगार के मोर्चे पर महिलाओं की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है।

आयुष सेवा क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी और रोजगार के आंकड़े

आयुष सेवा क्षेत्र महिलाओं के लिए रोजगार और आर्थिक भागीदारी के नए द्वार खोल रहा है। संगठित आयुष संस्थानों के भीतर स्पा और वेलनेस रिसॉर्ट में महिलाओं की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से अधिक है। इसके अलावा, शैक्षणिक संस्थानों में 58 प्रतिशत, डे-केयर केंद्रों में 57 प्रतिशत और अस्पतालों में 53 प्रतिशत महिलाएं कार्यरत हैं। स्थानीय और स्वतंत्र रूप से संचालित क्लीनिकों के माध्यम से भी 10 लाख से अधिक आजीविकाएं जुड़ी हुई हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार का विस्तार हो रहा है।

क्षेत्र का आकार और आर्थिक वृद्धि

वर्ष 2024-25 के दौरान आयुष सेवा अर्थव्यवस्था का कुल अनुमानित आकार 36.92 अरब अमेरिकी डॉलर दर्ज किया गया था। वर्ष 2022-23 से इस पूरे सेक्टर में 16.91 प्रतिशत की वार्षिक औसत वृद्धि दर (CAGR) देखी गई है। यह सेक्टर स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और वेलनेस से जुड़े अन्य माध्यमों के जरिए सीधे तौर पर लगभग 17.6 लाख आजीविकाओं को सहारा देता है। आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव ने इस विस्तार पर जोर देते हुए कहा कि यह केवल स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत नहीं कर रहा, बल्कि उद्यमिता और कौशल विकास के नए अवसर भी बना रहा है।

  • आयुष सेवा क्षेत्र के कुल कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी 43% है।
  • संगठित संस्थानों और वेलनेस रिसॉर्ट्स में यह आंकड़ा 60% तक है।
  • वर्ष 2024-25 में इस सेक्टर का आकार 36.92 अरब अमेरिकी डॉलर था।
  • वर्ष 2047 तक इसका आकार 216 से 318 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

इसका असर और भविष्य की संभावनाएं

स्वतंत्र और स्थानीय क्लीनिक आयुष सेवा क्षेत्र में सबसे अधिक राजस्व उत्पन्न करने वाले केंद्र हैं, जिनसे लगभग 16.21 अरब अमेरिकी डॉलर यानी कुल राजस्व का 43.9 प्रतिशत प्राप्त होता है। आयुर्वेद इस व्यवस्था की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रणाली है, जिससे लगभग 17.73 अरब अमेरिकी डॉलर की कमाई होती है। आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा के अनुसार, गुणवत्ता मानकों और डिजिटल सुविधाओं के मेल से इस क्षेत्र में रोजगार के अवसरों की संख्या और गुणवत्ता दोनों में सुधार हो रहा है। मेडिकल वैल्यू ट्रैवल (MVT) के मोर्चे पर भी यह सेक्टर लगातार आगे बढ़ रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न? आयुष सेवा क्षेत्र में महिलाओं की हिस्सेदारी कितनी है?

उत्तर। इस क्षेत्र के कुल कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी 43 प्रतिशत है, जबकि संगठित संस्थानों में यह 50 प्रतिशत से अधिक है।

प्रश्न? वर्ष 2024-25 में आयुष सेवा क्षेत्र का आकार कितना था?

उत्तर। इस क्षेत्र का अनुमानित आकार 36.92 अरब अमेरिकी डॉलर था।

यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com

अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह
अभिषेक सिंह आज पत्रिका में समाचार एवं व्यापार संपादक हैं। वे अर्थव्यवस्था, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), बैंकिंग, शेयर बाजार, सरकारी योजनाओं, रोज़गार और भर्ती से जुड़ी खबरों तथा पाठकों के काम आने वाली व्यावहारिक जानकारी (कैसे करें/स्टेप-बाय-स्टेप गाइड) की रिपोर्टिंग और संपादन करते हैं। वे सुनिश्चित करते हैं कि हर आँकड़ा, तिथि और प्रक्रिया आधिकारिक स्रोत से सत्यापित हो और लेख में मूल विज्ञप्ति या पोर्टल का लिंक दिया जाए। किसी गलती की सूचना के लिए: corrections@aajpatrika.com।

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