
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने ओमेगा-मेयर लिमिटेड और मेयर ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण और नियंत्रण के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।
मुख्य बातें
- भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने अधिग्रहण प्रस्ताव को मंजूरी दी।
- अधिग्रहणकर्ता बीसीपीई वेलबीइंग होल्डको टू लिमिटेड और इंटीग्रल इन्वेस्टमेंट्स एशिया IV लिमिटेड हैं।
- यह सौदा बेन कैपिटल द्वारा प्रबंधित फंडों के माध्यम से किया जा रहा है।
- लक्षित कंपनियां ओमेगा-मेयर लिमिटेड और मेयर ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड न्यूट्रास्यूटिकल्स के कारोबार से जुड़ी हैं।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने बीसीपीई वेलबीइंग होल्डको टू लिमिटेड और इंटीग्रल इन्वेस्टमेंट्स एशिया IV लिमिटेड द्वारा ओमेगा-मेयर लिमिटेड और मेयर ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड पर एकमात्र नियंत्रण के अधिग्रहण को आधिकारिक रूप से अपनी सीसीआई मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यह पूरा सौदा वैश्विक स्तर पर निवेश करने वाली जानी-मानी प्राइवेट इक्विटी फर्म बेन कैपिटल द्वारा प्रबंधित और सलाह दिए जाने वाले फंडों के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है।
सीसीआई मंजूरी से जुड़ी मुख्य बातें और कंपनियों का दायरा
इस अधिग्रहण प्रस्ताव का मुख्य केंद्र ओमेगा-मेयर लिमिटेड और मेयर ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड हैं, जो बाजार में अपने कारोबार का संचालन करती हैं। यह कंपनियां मुख्य रूप से ‘विटाबायोटिक्स’ और ‘मेयर ऑर्गेनिक्स’ के ब्रांड नाम के तहत अपने व्यवसाय और संबद्ध कंपनियों के समूह का स्वामित्व रखती हैं। पीआईबी के अनुसार, इस सौदे के तहत अधिग्रहणकर्ता 1 के रूप में बीसीपीई वेलबीइंग होल्डको टू लिमिटेड और अधिग्रहणकर्ता 2 के रूप में इंटीग्रल इन्वेस्टमेंट्स एशिया IV लिमिटेड ने संयुक्त रूप से यह जिम्मेदारी संभाली है।
- सीसीआई द्वारा ओमेगा-मेयर लिमिटेड पर एकमात्र नियंत्रण के अधिग्रहण को मंजूरी दी गई।
- मेयर ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड भी इस प्रस्तावित संयोजन का हिस्सा है।
- यह पूरी प्रक्रिया बेन कैपिटल इन्वेस्टर्स, एलएलसी द्वारा प्रबंधित फंडों के जरिए हो रही है।
- कंपनियां वैश्विक और भारतीय बाजारों में न्यूट्रास्यूटिकल्स की आपूर्ति करती हैं।
लक्षित कंपनियां न केवल वैश्विक पटल पर बल्कि भारतीय बाजार में भी न्यूट्रास्यूटिकल्स की आपूर्ति में सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं। इसके अलावा, मेयर ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड भारत के घरेलू बाजार में कुछ चुनिंदा ओवर-द-काउंटर यानी ओटीसी और प्रिस्क्रिप्शन आधारित तैयार खुराक वाली दवाओं के उत्पादन और उनकी आपूर्ति में भी अपनी मजबूत उपस्थिति रखती है।
बेन कैपिटल और वैश्विक निवेश का परिचय
इस पूरी व्यावसायिक प्रक्रिया के पीछे काम करने वाली मुख्य निवेशक संस्था बेन कैपिटल अमेरिका स्थित एक बड़ी और प्रतिष्ठित प्राइवेट इक्विटी निवेश फर्म है। यह फर्म दुनिया भर में सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, खुदरा और उपभोक्ता उत्पाद, संचार, वित्तीय सेवाएं और औद्योगिक तथा विनिर्माण जैसे कई महत्वपूर्ण उद्योगों की कंपनियों में पूंजी निवेश करती है। भारत के स्वास्थ्य और उपभोक्ता उत्पाद बाजार में इसका यह दखल लंबे समय से देखा जा रहा है।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग जैसी नियामक संस्थाओं का मुख्य कार्य देश के बाजारों में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बनाए रखना और किसी भी व्यापारिक समझौते से बाजार में एकाधिकार जैसी स्थिति न उत्पन्न हो, इसकी जांच करना होता है। इस तरह के बड़े कॉर्पोरेट अधिग्रहणों और संयोजनों के लिए आयोग की पूर्व अनुमति लेना कानूनी रूप से अनिवार्य होता है, ताकि उपभोक्ताओं और अन्य कंपनियों के हितों की रक्षा की जा सके।
इसका असर और न्यूट्रास्यूटिकल्स बाजार की स्थिति
इस सीसीआई मंजूरी के मिलने के बाद बाजार में न्यूट्रास्यूटिकल्स और दवा उत्पादन के क्षेत्र में नई व्यावसायिक रणनीतियों के द्वार खुलने की उम्मीद है। आम उपभोक्ताओं के लिए इसका अर्थ यह हो सकता है कि स्वास्थ्य पूरक और विटामिन उत्पादों के क्षेत्र में काम करने वाली इन कंपनियों के पास बड़े निवेश के बाद अपनी सेवाओं और उत्पादों के विस्तार का नया अवसर होगा। हालांकि, दैनिक जीवन और खुदरा कीमतों पर इसका सीधा असर आने वाले महीनों में कंपनियों की व्यावसायिक नीतियों पर निर्भर करेगा।
न्यूट्रास्यूटिकल्स उद्योग पिछले कुछ वर्षों में भारत में तेजी से बढ़ा है, जहां लोग अपनी सेहत और पोषण संबंधी जरूरतों के लिए सप्लीमेंट्स का अधिक उपयोग कर रहे हैं। मेयर ऑर्गेनिक्स की बाजार में स्थापित स्थिति और बेन कैपिटल के वित्तीय समर्थन के मेल से इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और उत्पाद गुणवत्ता दोनों के बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। उद्योग विश्लेषक इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि यह अधिग्रहण भारतीय विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला को किस प्रकार प्रभावित करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न? सीसीआई मंजूरी किन कंपनियों के अधिग्रहण के लिए दी गई है? उत्तर। यह मंजूरी बीसीपीई वेलबीइंग होल्डको टू लिमिटेड और इंटीग्रल इन्वेस्टमेंट्स एशिया IV लिमिटेड द्वारा ओमेगा-मेयर लिमिटेड और मेयर ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण के लिए दी गई है।
प्रश्न? बेन कैपिटल किस देश की फर्म है और यह कहां निवेश करती है? उत्तर। बेन कैपिटल अमेरिका स्थित एक प्राइवेट इक्विटी निवेश फर्म है जो स्वास्थ्य सेवा, आईटी, उपभोक्ता उत्पादों और विनिर्माण जैसे विभिन्न उद्योगों में निवेश करती है।
यह रिपोर्ट PIB (पत्र सूचना कार्यालय) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। स्रोत: PIB (पत्र सूचना कार्यालय)। त्रुटि की सूचना: corrections@aajpatrika.com






